अक्षय तृतीया पर रामलला को लगा 11 हजार हापुस आमों का भोग, 56 प्रकार के फलों से सजा राम मंदिर
Ram Mandir: देशभर में 10 मई को धूमधाम के साथ अक्षय तृतीया मनाई गई है। अयोध्या के राम मंदिर में भी अक्षय तृतीया का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया है। मंदिर परिसर भक्तों से भरा हुआ था और फूलों और फलों से खूबसूरती से सजाया गया था।
राम मंदिर में अक्षय तृतीया पर रामलला को 11 हजार हापुस आमों का भोग लगाया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने एक्स हैंडल पर इसकी तस्वीरें शेयर की हैं। राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के मुताबिक 11 हजार हापुस आमों के आलावा 56 प्रकार के अन्य फल भी रामलला को चढ़ाए गए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक ये सभी फल महाराष्ट्र से आए थे। 11000 हापुस आमों के अलावा इसमें संतरा, अंगूर समेत 56 तरह के फल थे। महाराष्ट्र के पुणे का एक भक्त ने अक्षय तृतीया के मौके पर राम के दरबार में इन फलों को चढ़ावा के तौर पर भेजा था।
राम मंदिर की थी ये पहली अक्षय तृतीया
राम मंदिर के निर्माण के बाद ये पहली अक्षय तृतीया थी। इस दौरान रामलला का पोशाक भी बहुत खास था। रामलाल की पोशाक पारंपरिक असमिया वस्त्र एरी और मूंगा सिल्क 'असम के सुनहरे धागे' का उपयोग करके बनाई गई थी।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने एक्स पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ''आज, भगवान के विशेष वस्त्र असम से प्राप्त अति विशेष एरी एवं मूंगा रेशम के वस्त्र से निर्मित, और असली स्वर्ण तारों से सुसज्जित है, जिन पर विशिष्ट वैष्णव चिन्ह जैसे शंख, चक्र, गदा, मयूर तथा पद्म अंकित हैं।''
22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मंदिर का अभिषेक किए जाने के बाद अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में अक्षय तृतीया का यह पहला उत्सव था। इससे पहले 17 अप्रैल को राम मंदिर ने पहली राम नवमी मनाई थी। उस अवसर पर राम मंदिर में सूर्य तिलक अनुष्ठान किया गया था।
अक्षय तृतीया को भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम के जन्म दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इसे हिंदू और जैन दोनों द्वारा पवित्र माना जाता है।












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