अटल बिहारी वाजपेयी के 5 चुनिंदा VIDEO आप जरूर देखना चाहेंगे

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एक सशक्त राजनेता के साथ-साथ, शानदार वक्ता और कवि भी रहे। कई बार अपने भाषणों के दौरान उन्होंने विपक्षी दलों की तालियां भी बटोरीं। अक्सर, मुस्कुराते रहने वाले अटल बिहारी वाजपेयी इसी अंदाज में सदन में भाषण देते थे। अटल बिहारी वाजपेयी का साल 1997 का ये वीडियो काफी कुछ कहता है।

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1. गीत नहीं गाता हूँ, गीत नहीं गाता हूँ

ये वीडियो साल 1997 में पत्रकार तवलीन सिंह द्वारा लिए गए इंटरव्यू का एक हिस्सा है। अटल बिहारी वाजपेयी ने खुद ही इसे एडिट किया। अ़टल बिहारी बताते हैं कि उदास होते हुए भी न लिखने की चाहत के बाद कवि लिखता है।

बेनकाब चेहरे हैं, दाग बड़े गहरे हैं
टूटता तिलिस्म आज सच से भय खाता हूँ
गीत नहीं गाता हूँ, गीत नहीं गाता हूँ..

सदन में अटल बिहारी वाजपेयी का वो भाषण

2. जब एक वोट के कारण भाजपा सरकार गिर गई थी, उस वक्त इस्तीफा देने से पहले सदन में अटल बिहारी वाजपेयी बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इस सदन में एक-एक सांसदों की पार्टी है, जो अपने-अपने इलाके से दिल्ली में आकर इकट्ठा हो रहीं हैं। हर बात के लिए इनको कांग्रेस के पास दौड़ना होगा, आप उनपर निर्भर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि संख्या बल के सामने सिर झुकाते हैं और ये कहते हुए उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया था।

बेबाक अंदाज का विपक्ष भी कायल

3. सदन में कांग्रेस के आरोप पर सफाई देते हुए अटल बिहारी बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वो कभी गलत कार्य नहीं करते। 40 सालों से सदन में वो रहे हैं और सभी ने उनका व्यवहार देखा है। उन्होंने कहा, 'पार्टी तोड़कर अगर सत्ता हाथ में आती है तो मैं ऐसी सत्ता को चिमटे से भी छूना पसंद नहीं करूंगा।

परमाणु परीक्षण को लेकर दिया था बयान

4. 1999 में परमाणु परीक्षण के बाद वाजपेयी सरकार पर विपक्ष ने हमला बोला था। उन्होंने इसपर सदन में जवाब दिया कि क्या जब खतरा सिर पर आ जाए तब उसके लिए उपाय करेंगे। उन्होंने कहा कि 50 साल का अनुभव क्या ये नहीं बताता है कि रक्षा के मामले में हमें आत्मनिर्भर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि परमाणु परीक्षण का फैसला देशहित में किया गया था, कोई प्रतिबंध देश को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता है।

'चिंगारी का खेल बुरा होता है'

5. अटल बिहारी वाजपेयी अक्सर अपनी कविताओं के जरिए विरोधियों को निशाना बनाते हैं। इस कविता के माध्यम से अटल बिहारी ने पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए लिखा है, इसे मिटाने की साजिश करने वालों से कह दो चिंगारी का खेल बुरा होता है! औरों के घर आग लगाने का जो सपना वह अपने हीं घर में सदा खरा होता है अपने हीं हाथों तुम अपनी कब्र न खोदो अपने पैरों आप कुल्हारी नहीं चलाओ। ओ नादान पड़ोसी! आजादी अनमोल है, न इसका मोल लगाओ!

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