PoK Protest: मुनीर की तानाशाही का नया चेहरा, PoK प्रदर्शन में नेताओं पर लगाया राजद्रोह, 1 करोड़ का रखा इनाम
PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी आजाद जम्मू-कश्मीर (PoK) के कई हिस्सों में व्यापक शटर-डाउन हड़ताल देखने को मिली। इस दौरान पाकिस्तान की एजेंसियों और हाल ही में बैन किए गए जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के समर्थकों के बीच कई जगह झड़पें भी हुईं। इसी बीच पाकिस्तान की सरकार ने इन आंदोलनों को कुचलने के लिए नया तरीका निकाला है।
प्रदर्शन करने वाले नेताओं पर राजद्रोह का मामला
प्रदर्शन को दबाने के लिए PoK की सरकार ने JAAC के दो बड़े नेताओं के खिलाफ राजद्रोह की कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही संगठन के चार नेताओं की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वालों के लिए 1 करोड़ रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई है। दूसरी ओर, PoK के प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए सभी पक्षों से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है।

मीरपुर डिवीजन से शुरू हुआ प्रदर्शन
झड़पों की शुरुआत तब हुई जब मीरपुर डिवीजन के कई इलाकों में JAAC की योजना के तहत रैलियां निकाली गईं। इस डिवीजन में मीरपुर, भीमबर और कोटली जिले शामिल हैं। मीरपुर शहर में सैकड़ों प्रदर्शनकारी कायदे-ए-आजम क्रिकेट स्टेडियम के बाहर इकठ्ठा हुए। इसके बाद उन्होंने प्लाक ब्रिज की ओर मार्च शुरू किया। यहां कोटली जिले की सीमा पर डड्याल से ख्वाजा मेहरान अरशद के नेतृत्व में आई दूसरी रैली भी उनके साथ जुड़ गई, जिससे प्रदर्शन और बड़ा हो गया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हुई झड़प, कई लोगों की मौत
मीरपुर के बाहरी इलाके पिंड सभरवाल गांव में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संक्षिप्त लेकिन तनावपूर्ण झड़प हुई। कानून प्रवर्तन अधिकारियों के अनुसार इस दौरान दो पुलिसकर्मी और कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए। सबसे गंभीर और हिंसक झड़पें कोटली शहर में हुईं। यहां खुइरट्टा तहसील से आए सैकड़ों लोगों का जुलूस शहर में पहुंचा था। हालांकि अधिकारी आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन स्थानीय निवासियों और PoK कैबिनेट के कुछ सदस्यों ने नाम न बताने की शर्त पर दावा किया कि इन झड़पों में एक डॉक्टर और एक महिला समेत कई लोगों की मौत हुई है जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
छत पर खड़े डॉक्टर को लगी गोली
शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, मृतकों में शामिल डॉक्टर अपने घर की छत पर मौजूद थे। इसी दौरान झड़प के बीच चली एक आवारा गोली उन्हें लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। पूरे क्षेत्र में इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं लगातार बंद रहने के कारण वास्तविक समय की जानकारी प्राप्त करना काफी मुश्किल हो गया है।
दो नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के आदेश
इस बीच, JAAC के वरिष्ठ सदस्य और जाने-माने वकील अमजद अली खान की कथित गिरफ्तारी के विरोध में PoK बार काउंसिल के आह्वान पर वकीलों ने न्यायिक कार्यवाही का बहिष्कार किया। इससे कानूनी कामकाज भी प्रभावित हुआ। PoK सरकार ने मुजफ्फराबाद निवासी शौकत नवाज मीर और मीरपुर निवासी मेहरान अरशद ख्वाजा के खिलाफ राजद्रोह की कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए हैं। गृह विभाग द्वारा जारी किए निर्देश में दोनों नेताओं पर भाषणों, लिखित सामग्री, वीडियो और ऑडियो के माध्यम से राजद्रोह फैलाने का आरोप लगाया गया है।
चार नेताओं पर रखा गया 1 करोड़ रुपये का इनाम
शौकत नवाज मीर और मेहरान अरशद ख्वाजा उन चार JAAC नेताओं में शामिल हैं जिनकी गिरफ्तारी पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया है। अधिसूचना में शौकत नवाज मीर, उमर नजीर कश्मीरी, ख्वाजा मेहरान अरशद और सरदार अमन खान के नाम शामिल किए गए हैं।
खुफिया अभियान में हुई बड़ी कार्रवाई
पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी APP के मुताबिक, एजेंसियों ने एक खुफिया अभियान चलाकर पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई कम्युनिकेशन डिवाइस बरामद किए गए हैं।
मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित सख्त कार्रवाई पर चिंता जताई है। संगठन ने इंटरनेट बंद करने, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों और घातक बल प्रयोग की रिपोर्टों को गंभीर बताते हुए अधिकारियों से स्थिति को जल्द शांत करने की अपील की।
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