Sayani Ghosh Networth: ममता दीदी से ज्यादा अमीर सायोनी की क्या है जाति? 17 साल की उम्र मेंं शुरू किया था करियर
Sayani Ghosh Networth: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए राजनीतिक मुश्किलें बढ़ती ही जारी है। टीएमसी के भीतर जारी हलचल के बीच सायोनी घोष का नाम भी चर्चा में है। खबरों के अनुसार वो भी बागी विधायकों के साथ काकोली घोष दस्तीदार खेमे में शामिल हो गई हैं, हालांकि सायोनी की ओर से इस बारे में अभी तक अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और वनइंडिया हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है।
मालूम हो कि सायोनी घोष वैसे ममता बनर्जी की काफी करीबी कहीं जाती हैं, ये वहीं नेता है कि जिनके लिए दीदी ने अपनी पुरानी जादवपुर सीट कुर्बान की थी लेकिन आज तस्वीर बदल गई है, अपने शायराना अंदाज से संसद में विरोधियों पर निशाना साधने वाली बंगाल की फिल्मी दुनिया का बेहद ही खूबसूरत और सुरीला मुखड़ा है।

17 साल की उम्र में अपना फिल्मी करियर शुरू करने वाली सायोनी घोष एक लग्जरी लाइफ जीती हैं। मायनेता डॉट कॉम के मुताबिक सायोनी की नेटवर्थ 91.89 लाख रुपये है।
- कुल संपत्ति: लगभग ₹91.9 लाख (2024 की फाइलिंग के अनुसार)।
- देनदारियां: लगभग ₹59.9 लाख, जिसमें मुख्य रूप से लोन और वित्तीय देनदारियां शामिल हैं।
- आय का स्रोत: एक्टिंग और ब्रांड एंडोर्समेंट से मिलने वाली प्रोफेशनल फीस, और सांसद के तौर पर मिलने वाली सैलरी।
- संपत्ति: उनके पास कोलकाता के जादवपुर में रिहायशी संपत्ति है।
खास बात ये है कि सायोनी घोष पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से ज्यादा अमीर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ममता बनर्जी के पास कुल 15.37 लाख रुपए की चल संपत्ति है और उनके नाम पर कोई भी घर या जमीन नहीं है।

सायोनी घोष की जाति क्या है?
सायोनी घोष की जाति के बारे में किसी विश्वसनीय सार्वजनिक स्रोत में प्रमाणित जानकारी उपलब्ध नहीं है। वो सार्वजनिक रूप से वे एक अभिनेत्री और टीएमसी सांसद के रूप में जानी जाती हैं लेकिन उनका सरनेम घोष होने की वजह से जो बंगाल में कायस्थ जाति को रिप्रेंजेट करता है और बंगाल का एक प्रमुख हिंदू समुदाय है।
17 साल की उम्र में सायोनी घोष ने शुरू किया था फिल्मी सफर
सायोनी घोष के आधिकारिक चुनावी हलफनामों के अनुसार, उन्होंने कोलकाता के हिरेंद्र लीला पत्रनवीस स्कूल से अपनी हायर सेकेंडरी (12वीं कक्षा) की पढ़ाई पूरी की और फिल्मी दुनिया में मात्र 17 साल की उम्र में साल 2010 में अपना फिल्मी सफ़र शुरू किया, उन्होंने टेलीफ़िल्म 'इच्छे दाना' से एक्टिंग में डेब्यू किया और बाद में 'नोटोबोर नोटोउट' फ़िल्म में नज़र आईं। 'कानमाची', 'राजकाहिनी', 'अपराजितो' और 'ब्योमकेश ओ चिरियाखाना'
उनकी चर्चित फिल्में हैं और उन्होंने 'आमरा ना ओरा' जैसे लोकप्रिय शो होस्ट किए और 'बोज्हेना शे बोज्हेना' जैसी फ़िल्मों में प्लेबैक सिंगिंग भी की है।

सायोनी घोष का राजनीतिक सफ़र
सायोनी घोष ने 24 फरवरी 2021 को आधिकारिक तौर पर पार्टी जॉइन की। उन्होंने अपना पहला चुनाव आसनसोल दक्षिण से BJP की अग्निमित्रा पॉल के खिलाफ लड़ा। हालांकि वह हार गईं, लेकिन ममता बनर्जी ने उन्हें जून 2021 में अभिषेक बनर्जी की जगह पश्चिम बंगाल तृणमूल युवा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया। इसके बाद उन्होंने साल 2014 में जादवपुर लोकसभा सीट से 2.5 लाख से ज़्यादा वोटों के भारी जीत दर्ज की।
'मेरे दिल में है काबा, आंखों में मदीना' बना विवाद की वजह
बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की करारी हार के पीछे एक कारण सायोनी घोष भी बताई गई थीं, दरअसल चुनावी नतीजों के बाद मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता उमा भारती ने सायोनी घोष के उस गीत को ट्वीट किया थ, जिसमें वो चुनाव प्रचार के दौरान 'मेरे दिल में है काबा, आंखों में मदीना' गा रही थीं। उमा भारती ने तंज कसते हुए लिखा था कि 'ममता बनर्जी की लुटिया उन्हीं के नेताओं ने डूबो दी।' आपको बता दें कि सायोनी घोष को इस गीत की वजह से बंगाल चुनाव के दौरान भी काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी।














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