Bengal Cabinet 2026: बंगाल कैबिनेट में बंटवारा! CM सुवेंदु के पास सबसे ताकतवर विभाग, किसे मिला कौन-सा मंत्रालय
West Bengal Cabinet 2026: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपने मंत्रिमंडल का विभागवार बंटवारा कर दिया है। बुधवार, 10 जून को राज्यपाल आर.एन. रवि की ओर से मंत्रियों के विभागों की आधिकारिक घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गृह, भूमि एवं भूमि सुधार, बिजली और सूचना-सांस्कृतिक मामलों जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं, जबकि वरिष्ठ नेता स्वपन दासगुप्ता को राज्य का वित्त मंत्रालय सौंपा गया है।

राज्य में भाजपा सरकार के गठन के बाद यह पहला पूर्ण मंत्रिमंडल विस्तार और विभाग आवंटन है। 41 सदस्यीय मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत 19 कैबिनेट मंत्री, 3 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 19 राज्य मंत्री शामिल हैं।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पास सबसे भारी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपने पास गृह एवं पर्वतीय मामले (Home and Hill Affairs), भूमि एवं भूमि सुधार, शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास, बिजली, सूचना एवं सांस्कृतिक मामले, कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग रखे हैं। इसके अतिरिक्त, जो विभाग अन्य मंत्रियों को नहीं आवंटित किए गए हैं, उनका प्रभार भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेगा।
राज्य के वित्त विभाग की जिम्मेदारी रसबिहारी से विधायक चुने गए स्वपन दासगुप्ता को सौंपी गई है, जबकि बिधाननगर के विधायक डॉ. शरद्वात मुखर्जी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास और जल संसाधन विभाग का प्रभारी बनाया गया है।
West Bengal Cabinet में किसे कौन सा मंत्रालय मिला? मंत्रियों और उनके विभागों की सूची
पश्चिम बंगाल मंत्रिपरिषद में कुल 41 मंत्री हैं, जिनमें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी शामिल हैं। सरकार के पास कुल 54 विभाग हैं। मंत्रिमंडल का गठन दो चरणों में हुआ था; 9 मई को मुख्यमंत्री के साथ पांच कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली थी, जबकि 1 जून को अन्य 35 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी। वर्तमान में मंत्रिमंडल में 19 कैबिनेट मंत्री, तीन स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 19 राज्य मंत्री शामिल हैं।
| मंत्री का नाम | विभाग |
|---|---|
| सुवेंदु अधिकारी (मुख्यमंत्री) | गृह, पर्वतीय मामले, भूमि एवं भूमि सुधार, शरणार्थी राहत, बिजली, सूचना एवं सांस्कृतिक मामले, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार तथा अन्य |
| स्वपन दासगुप्ता | वित्त |
| डॉ. शरद्वात मुखर्जी | स्वास्थ्य और परिवार कल्याण |
| निशीथ प्रमाणिक | उत्तर बंगाल विकास, जल संसाधन |
| तपस रॉय | उद्योग, वाणिज्य, उद्यम, सार्वजनिक उद्यम, औद्योगिक पुनर्निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा |
| दिलीप घोष | पंचायत और ग्रामीण विकास, कृषि विपणन |
| अग्निमित्रा पॉल | शहरी विकास और नगरपालिका मामले |
| अशोक किर्तनिया | खाद्य और आपूर्ति, सहकारिता |
| क्षुदीराम टुडू | आदिवासी विकास, अल्पसंख्यक मामले, मदरसा शिक्षा |
| दीपक बर्मन | स्कूल शिक्षा, आवास, एमएसएमई एवं वस्त्र |
| डॉ. शंकर घोष | संसदीय कार्य, पर्यटन |
| मनोज कुमार ओरांव | वन, पर्यावरण |
| अर्जुन सिंह | श्रम, परिवहन |
| गौरी शंकर घोष | पिछड़ा वर्ग कल्याण, जन शिक्षा विस्तार और पुस्तकालय सेवाएं |
| जगन्नाथ चट्टोपाध्याय | उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास |
| डॉ. कल्याण चक्रवर्ती | सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी |
| अरूप कुमार दास | सिंचाई और जलमार्ग |
| डॉ. अजय कुमार पोद्दार | जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग, लोक निर्माण (PWD) |
| दुध कुमार मंडल | कृषि |
स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री
| मंत्री का नाम | विभाग |
|---|---|
| मालती रावा रॉय | महिला एवं बाल विकास, सामाजिक कल्याण, स्वयं सहायता समूह (SHG), कार्यक्रम निगरानी |
| राजेश महता | पशु संसाधन विकास, मत्स्य पालन |
| डॉ. इंद्रनील खान | युवा सेवा एवं खेल, उपभोक्ता मामले |
राज्य मंत्री
| मंत्री का नाम | विभाग |
|---|---|
| जॉएल मुर्मू | आदिवासी विकास, सिंचाई और जलमार्ग |
| डॉ. हरे कृष्ण बेरा | उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास |
| आनंदमय बर्मन | परिवहन, वित्त |
| अशोक डिंडा | कृषि विपणन, एमएसएमई और वस्त्र |
| नादियार चंद बौरी | लोक निर्माण, पिछड़ा वर्ग कल्याण |
| बिशाल लामा | गृह और पर्वतीय मामले, अल्पसंख्यक मामले, मदरसा शिक्षा |
| शांतनु प्रमाणिक | खाद्य और आपूर्ति, पंचायत और ग्रामीण विकास |
| मौमिता बिस्वास मिश्रा | उद्योग, वाणिज्य और उद्यम, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी |
| उमेश राय | संसदीय कार्य, शहरी विकास और नगरपालिका मामले |
| पूर्णिमा चक्रवर्ती | सूचना और सांस्कृतिक मामले, पर्यटन |
| कौशिक चौधरी | स्कूल शिक्षा, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं |
भाजपा सरकार की प्राथमिकताएं क्या होंगी?
विभागों के बंटवारे से संकेत मिलता है कि भाजपा सरकार कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और ग्रामीण विकास को अपनी प्राथमिकता बनाने जा रही है। खासतौर पर वित्त, गृह, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे विभाग अनुभवी नेताओं को सौंपे गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में पहली बार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई भाजपा सरकार अब अपने चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की कोशिश करेगी। विभागों के बंटवारे के बाद प्रशासनिक कामकाज तेज होने और नई नीतियों की घोषणा की उम्मीद बढ़ गई है।














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