Air Canada Pilot Case: 16 साल तक 'फर्जी' लाइसेंस से उड़ाता रहा प्लेन, रिटायरमेंट के समय खुली पोल

Air Canada fake Pilot Case: अगर कोई व्यक्ति बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के कार चलाते हुए पकड़ा जाए तो उस पर जुर्माना लग सकता है, लेकिन कनाडा में सामने आया एक मामला इससे कहीं ज्यादा चौंकाने वाला है. एयर कनाडा के पूर्व कप्तान ज्योफ्री वॉल पर आरोप है कि उन्होंने करीब 16 साल तक बड़े पैसेंजर विमानों को कप्तान के तौर पर उड़ाया, जबकि उनके पास उस पद के लिए जरूरी एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (ATPL) नहीं था.

पुलिस का दावा है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एयरलाइन और अधिकारियों को गुमराह किया. अब इस मामले ने पूरे विमानन सेक्टर में हलचल मचा दी है.

Air Canada fake Pilot Case

Air Canada Captain Arrested: कैसे सामने आया पूरा मामला?

यह मामला तब सामने आया जब पिछले साल टोरंटो के पियर्सन एयरपोर्ट पर एक रूटीन इवैल्यूएशन के दौरान अधिकारियों को ज्योफ्री वॉल के दस्तावेजों में कुछ गड़बड़ियां नजर आईं. इसके बाद ट्रांसपोर्ट कनाडा ने मामले की जांच शुरू की. जांच में लाइसेंस से जुड़े कई सवाल खड़े हुए, जिसके बाद पुलिस भी शामिल हुई. "प्रोजेक्ट इकारस" नाम से चली जांच के दौरान अधिकारियों ने पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेजों की पड़ताल की. इसी जांच के आधार पर वॉल को गिरफ्तार किया गया.

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कप्तान बनने के लिए क्यों जरूरी होता है ATPL?

एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस यानी ATPL किसी भी कमर्शियल एयरलाइन में कप्तान बनने के लिए सबसे अहम योग्यता मानी जाती है. यह लाइसेंस साबित करता है कि पायलट के पास पर्याप्त फ्लाइट एक्सपीरियंस, ट्रेनिंग और तकनीकी जानकारी है. पुलिस का आरोप है कि वॉल 2009 में कप्तान बने, लेकिन उनके पास यह जरूरी लाइसेंस नहीं था. जांचकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज दिखाकर इस कमी को छिपाया और कई साल तक उसी आधार पर काम करते रहे.

900 से ज्यादा उड़ानों की कमान संभाली

पुलिस के मुताबिक ज्योफ्री वॉल ने 2009 से 2025 के बीच 900 से अधिक घरेलू और इंटरनेशनल उड़ानों में कप्तान की जिम्मेदारी निभाई. इस दौरान उन्होंने बोइंग 767, 777 और 787 जैसे बड़े विमानों को उड़ाया. हजारों यात्री उनकी कमान में अपनी मंजिल तक पहुंचे. जांच एजेंसियों का दावा है कि इस अवधि में उन्होंने लगभग 30 लाख कनाडाई डॉलर की सैलरी भी हासिल की. यही वजह है कि इस मामले को कनाडा के सबसे बड़े एविएशन फ्रॉड मामलों में गिना जा रहा है.

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सिर्फ पायलट नहीं, यूनियन में भी थे बड़े पद पर

ज्योफ्री वॉल का प्रभाव सिर्फ कॉकपिट तक सीमित नहीं था. अपने करीब 27 साल लंबे करियर में उन्होंने एयर कनाडा पायलट्स एसोसिएशन में भी कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं. वे संगठन की टॉप ऑपरेटिंग काउंसिल के चेयरमैन तक रहे. ऐसे में जब उनके खिलाफ फर्जी लाइसेंस के आरोप सामने आए तो एविएशन इंडस्ट्री के कई लोग हैरान रह गए. जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इतने लंबे समय तक यह मामला अधिकारियों की नजर से कैसे बचा रहा.

एयर कनाडा और पुलिस क्या कह रहे हैं?

एयर कनाडा का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से कभी समझौता नहीं हुआ. कंपनी के अनुसार उसके सभी पायलट हर छह महीने में प्रोफिशिएंसी टेस्ट और हर साल फ्लाइट इवैल्यूएशन से गुजरते हैं. एयरलाइन का दावा है कि वॉल के पास वैध कमर्शियल पायलट लाइसेंस था और उन्होंने सभी जरूरी ट्रेनिंग पूरी की थी. दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि लाइसेंसिंग नियम सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैं और गलत योग्यता दिखाकर उन्हें दरकिनार करना गंभीर अपराध है. इसी आधार पर वॉल पर कई आपराधिक आरोप लगाए गए हैं.

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