Fact Check: Akhilesh की बेटी Aditi Yadav को बदनाम करने की साजिश, 7 करोड़ चोरी-मुसलमान संग भागने की कहानी झूठी
Akhilesh Yadav Daughter Aditi Yadav Viral Photo Fact Check: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। राजनीतिक दलों के बीच घमासान तेज है। इसी माहौल में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ाए गए भक्तों के करोड़ों रुपये गायब होने का मुद्दा उठाया। ठीक उसी समय सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी बेटी अदिति यादव के खिलाफ बेहद घटिया और झूठी अफवाह फैलाई जा रही है।
वायरल तस्वीरों में दावा किया जा रहा है कि अखिलेश राम मंदिर के 7 करोड़ रुपये चोरी की बात कर रहे हैं, जबकि उनकी बेटी अदिति घर से 7 करोड़ रुपये चुराकर अपने 'मुस्लिम नाइजीरियन दोस्त लामिदी' के साथ नाइजीरिया भाग गई है। यह पूरी कहानी फर्जी है। Oneindia Hindi समेत स्वतंत्र जांच में यह साफ हो गया है कि यह एक सुनियोजित बदनामी अभियान है, जिसमें AI टूल्स का इस्तेमाल करके गलत छवि बनाई गई है। आइए विस्तार से एक-एक परत को खोलते हैं...

Aditi Yadav Viral Photo Fact Check: AI जनरेटेड फर्जीवाड़ा
Oneindia Hindi की फैक्ट चेक रिपोर्ट के अनुसार, अदिति यादव की वायरल तस्वीर को AI डिटेक्टर्स से जांचा गया। परिणाम चौंकाने वाला था। यह 100% AI से जनरेटेड है। ऐसे फोटो और वीडियो पहले भी सामने आए हैं, जहां अदिति की छवि को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट्स तेजी से वायरल होते हैं, क्योंकि वे राजनीतिक ध्रुवीकरण का फायदा उठाते हैं। न बैंक ट्रांजेक्शन, न पुलिस रिपोर्ट, न कोई आधिकारिक बयान, ऐसे कोई ठोस सबूत नहीं है, जो इस दावे का समर्थन करता है।

Who Is Aditi Yadav: अदिति यादव कौन हैं? पूरी प्रोफाइल
अदिति यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव की बड़ी बेटी हैं। वे लगभग 21-22 साल की हैं। उनकी स्कूली शिक्षा लखनऊ के प्रतिष्ठित ला मार्टिनियर गर्ल्स इंटर कॉलेज से हुई। 2020 में ISC 12वीं बोर्ड परीक्षा में 98% अंक हासिल किए। अखिलेश यादव ने खुद ट्विटर (अब X) पर इस उपलब्धि पर बधाई दी थी और अदिति ने 'थैंक यू पापा' लिखकर जवाब दिया था। हायर एजुकेशन में University College London (UCL) से Politics and International Relations की डिग्री हासिल की।

वे लंदन में पढ़ाई कर रही हैं। 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान पढ़ाई से ब्रेक लेकर भारत आई थीं। अदिति यादव को बैडमिंटन और घुड़सवारी का शौक है।
Aditi Yadav Political Entry: 2024 चुनाव में मां डिंपल के लिए किया था प्रयार

लोकसभा चुनाव 2024 में अदिति ने मैनपुरी में मां डिंपल यादव और अन्य सीटों पर प्रचार में सक्रिय रहीं। 'घर की बिटिया' के नाम से लोकप्रिय हुईं। नुक्कड़ सभाओं में वे स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और परिवार की विरासत पर बात करती दिखीं। कई रिपोर्ट्स में उन्हें यादव परिवार की अगली पीढ़ी का युवा चेहरा बताया गया। वे अभी भी मुख्य रूप से छात्रा हैं। कोई आधिकारिक राजनीतिक पद नहीं संभाला है, लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देती हैं, जैसे दिल्ली यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनना।
अफवाह फैलाने वालों पर अब होगा मुकदमा?
यह बदनामी अभियान चुनावी माहौल का नतीजा लगता है। अखिलेश यादव जब राम मंदिर फंड की बात करते हैं, तो विपक्षी ताकतें परिवार पर पलटवार करती हैं।
- बनारस के अधिवक्ता अलोक कुमार ने मीडिया से कहा कि राजनीति में स्तर इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए। किसी की बेटी-बहन के बारे में ऐसी टिप्पणियां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग हैं और समाज को कलंकित करती हैं। बनारस कमिश्नर को शिकायती पत्र दिया गया है।
- सपा छात्र सभा के पूर्व प्रदेश सचिव गुर्जर मोहित नागर ने यूपी पुलिस से कार्रवाई की मांग की। कहा कि अगर पुलिस नहीं करेगी, तो वे खुद अराजक तत्वों के खिलाफ कदम उठाएंगे।
- भागलपुर की आरुही यादव समेत कई सपा समर्थकों ने फेसबुक पर ऐसी घटिया टिप्पणियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव पर भद्दी और अशोभनीय टिप्पणियाँ करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी किसी की बहन-बेटी के बारे में ऐसी घटिया भाषा इस्तेमाल करने की हिम्मत न करे।
राजनीतिक विचारधारा, समर्थन या विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी की… pic.twitter.com/d6dXuV0oix
— Aaruhi Yadav✨ (@CuteAaruhi3) June 10, 2026
सपा की महिला इकाई और अन्य नेता आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की बात कर रहे हैं।
राजनीति में स्तर गिराने की कोशिश

7 करोड़ चोरी और नाइजीरियन दोस्त के साथ भागने की कहानी बिल्कुल आधारहीन है। यह AI टूल्स और फेक अकाउंट्स का इस्तेमाल करके फैलाई गई बदनामी है। राजनीति मतभेदों की है, लेकिन व्यक्तिगत हमले, खासकर महिलाओं और बच्चों पर, किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब दूसरों की गरिमा को कुचलना नहीं है।
सपा ने ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। यूपी पुलिस और साइबर सेल को इन अराजक तत्वों पर नजर रखनी चाहिए।
अदिति यादव एक होनहार छात्रा हैं, जो अच्छी शिक्षा हासिल कर रही हैं और जब चाहा तो परिवार के लिए प्रचार भी किया। उनकी उपलब्धियां (98% अंक, UCL जैसी यूनिवर्सिटी) उनकी मेहनत को दिखाती हैं। ऐसी अफवाहें न सिर्फ परिवार को, बल्कि पूरे समाज को नुकसान पहुंचाती हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स से अपील: तथ्यों की जांच बिना कुछ शेयर न करें। एक क्लिक से किसी युवती की छवि खराब हो सकती है। जिम्मेदारी से सोशल मीडिया का इस्तेमाल करें।
फैक्ट चेक निष्कर्ष: दावा 100% झूठा।

Fact Check
दावा
अदिति घर से 7 करोड़ रुपये चुराकर अपने 'मुस्लिम नाइजीरियन दोस्त लामिदी' के साथ नाइजीरिया भाग गई।
नतीजा
दावा 100% झूठा। वायरल तस्वीर भी फेक।













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