'मैं जो लड़ाई लड़ रहा हूं, उससे मुझे और मेरे परिवार को खतरा', CM हिमंत बिस्वा सरमा ने क्यों कहा ऐसा?
Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध से निपटने में असम की कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति है। सीएम हिमंत ने कहा, ''असम में महिलाओं के खिलाफ अपराध भी एक बड़ी अतिक्रमण रणनीति का हिस्सा है। वे परिवारों को डराते हैं और फिर उनकी जमीन हड़प लेते हैं।''
सीएम हिमंत ने कहा, ''धींग का पवित्र शहर और हाल ही में एक हिंदू नाबालिग के खिलाफ अपराध का स्थल, एक समय में 90% हिंदू आबादी वाला था। आज, यहां 90% मुस्लिम आबादी है।''

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उन्होंने कहा कि असम में लोकसभा चुनाव के बाद जिन क्षेत्रों में एक पार्टी ने अपना वोट शेयर बढ़ाया, वहां इस पार्टी के समर्थकों यानी एक विशेष समुदाय को इतना साहस प्राप्त हुआ कि वह अपना दबदबा बनाने के चक्कर में हैं। हिंदू महिलाओं पर जो अत्याचार की घटना आ रही है इसी का परिणाम है।
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया लैंड जिहाद का टूलकिट
सीएम हिमंत ने कहा, ''असम में बदलते जनसांख्यिकी के खिलाफ जो मैं लड़ाई लड़ रहा हूं, उससे मुझे और मेरे परिवार को बहुत बड़ा खतरा है। इकोसिस्टम के लोग मुझे जितना भी गाली देना चाहें, दे सकते हैं, लेकिन मैं पीछे नहीं हटूंगा।''
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ हाल ही में हुए अपराध भूमि अधिग्रहण और असमिया लोगों की पहचान को खतरे में डालने की एक बड़ी योजना का हिस्सा हैं। उन्होंने इन अपराधों के पीछे राजनीतिक समर्थन का सुझाव दिया और असमिया समुदाय से वित्तीय शक्ति के दूर जाने का जिक्र किया।
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महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध पर क्या बोले हिमंत बिस्वा सरमा?
शनिवार शाम को एक प्रेस वार्ता के दौरान सीएम सरमा ने कहा, "कोई भी समाज परिपूर्ण नहीं होता। महिलाओं के खिलाफ अपराध एक वास्तविकता है। पिछले तीन वर्षों में राज्य में इन अपराधों में कमी आई है। लेकिन हाल की घटनाओं में असली इरादा बहुत बड़ा है।"
सरमा ने इस बात पर जोर डाला कि यह मुद्दा 30-35 सालों से चल रहा है, उन्होंने बांग्लादेश से अवैध प्रवासियों के खिलाफ 1979 में हुए असम आंदोलन का हवाला दिया। उन्होंने कहा, "हमने अब कट्टरपंथियों की पहचान की है लेकिन 1975 में ही असमिया समाज को चेतावनी दी गई थी कि ऐसा होगा।"
मुख्यमंत्री ने इस तरह के अपराधों के जरिए जमीन हड़पने की साज़श का दावा किया। उन्होंने कहा, "धींग में पीड़ित परिवार ने मुझसे कहा कि वे अब वहां नहीं रहना चाहते... लोग अपनी संपत्ति बेचकर दूसरी जगहों पर चले जाते हैं। 5 लाख रुपये की जमीन के लिए उन्हें 50 लाख रुपये की पेशकश की जाती है।"
नागांव के धींग इलाके में गुरुवार शाम को तीन लोगों ने 14 वर्षीय लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया, जिसके बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन हिरासत से भागने की कोशिश करते समय उसकी मौत हो गई।












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