असम का भविष्य सुरक्षित नहीं, हिंदू-मुस्लिम जनसंख्या संतुलन बिगड़ रहा', CM हिमंत बिस्वा सरमा का दावा
Assam CM Himanta Biswa Sarma News: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार 15 अगस्त को कहा कि राज्य का भविष्य सुरक्षित नहीं है क्योंकि हिंदुओं और मुसलमानों के बीच जनसंख्या संतुलन तेजी से घट रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर बोलते हुए सीएम सरमा ने कहा कि असम में हिंदू आबादी घट रही है, जबकि मुस्लिम आबादी बढ़ी है।
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराते हुए सीएम सरमा ने यह भी कहा कि असम में जनसांख्यिकी परिवर्तन के कारण स्वदेशी लोग रक्षात्मक मोड में चले गए हैं क्योंकि हम 12-13 जिलों में अल्पसंख्यक हैं। उन्होंने दावा किया, "असम का भविष्य हमारे लिए सुरक्षित नहीं है। हिंदू-मुस्लिम जनसंख्या संतुलन तेजी से घट रहा है। 2021 में मुस्लिम आबादी बढ़कर 41 प्रतिशत हो गई, जबकि हिंदू घटकर 57 प्रतिशत रह गए। बाकी आबादी ईसाई और अन्य समुदायों की है।"

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम जनसंख्या संतुलन तेजी से बदल रहा है। उनके मुताबिक, 2021 में मुस्लिम आबादी 41 प्रतिशत तक बढ़ी जबकि हिंदुओं की संख्या घटकर 57 प्रतिशत रह गई। शेष जनसंख्या में ईसाई और अन्य समुदाय शामिल हैं। तुलनात्मक रूप से 2011 की जनगणना में मुसलमानों की संख्या 34.22 प्रतिशत और हिंदुओं की संख्या 61.47 प्रतिशत दर्ज की गई थी।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा बोले- स्वदेशी लोग खतरा महसूस कर रहे हैं
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इन जनसांख्यिकीय बदलावों के कारण स्वदेशी लोग खतरा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि असम के 12-13 जिलों में हिंदू अब अल्पसंख्यक हैं। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने सभी समुदायों से परिवार नियोजन के मानदंडों का पालन करने और बहुविवाह के खिलाफ सतर्क रहने का आग्रह किया।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने अतिक्रमित वन भूमि को पुनः प्राप्त करने में सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने दावा किया कि अतिक्रमणकारियों से 167 वर्ग किलोमीटर भूमि पुनः प्राप्त की गई है और वन विभाग को सौंप दी गई है। उन्होंने अविभाजित गोलपारा जिले में स्वदेशी समुदायों से अन्य लोगों को भूमि बिक्री को रोकने के लिए कानून लाने की योजना की भी घोषणा की।
एनआरसी अपडेट प्रक्रिया पर क्या बोले CM हिमंत बिस्वा सरमा?
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने जिक्र किया कि एनआरसी अपडेट प्रक्रिया के दौरान 9.22 करोड़ लोगों के बायोमेट्रिक्स को रोक दिया गया था। वह कुछ महीनों के भीतर प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए इस प्रतिबंध को हटाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमाने स्वदेशी लोगों के हितों की रक्षा करने और असम में उनकी सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए अपना भाषण समाप्त किया।












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