Arvind Kejriwal: दिल्ली में करारी हार से पंजाब को मिला संदेश! कैसे बदलने लगे AAP सरकार के तेवर? 4 संकेत
Arvind Kejriwal News: 2022 में पंजाब विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) की ऐतिहासिक जीत ने प्रदेश की सियासत में नई राजनीति की उम्मीद जगाई थी। पंजाब की जनता ने 'आप' की झोली में 117 में से 92 सीटें डाल दी थी, तो इसके पीछे उनसे भ्रष्टाचार खत्म करने, शासन-व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और बेहतर सरकार देने का वादा और भरोसा था।
लेकिन, तीन साल के भीतर ही पार्टी को अपने ही गढ़ दिल्ली में करारी हार का सामना करना पड़ा, जिससे पंजाब को लेकर भी पार्टी की साख पर सवाल उठने लगे हैं। बदली परिस्थितियों में पंजाब की भगवंत मान सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने चुनाव पूर्व के ऐलानी एजेंडे पर ध्यान देना शुरू किया है।

Arvind Kejriwal AAP: दिल्ली हारने के बाद भ्रष्टाचार के मुद्दे पर छवि सुधारने में ही AAP को दिख रहा है विकल्प
दिल्ली विधानसभा चुनावों में 'आप'की हार का एक बड़ा कारण भ्रष्टाचार के आरोप बताए जा रहे हैं। इनमें कथित शराब नीति घोटाला और 'शीश महल' विवाद तो कुख्यात हो चुके हैं। दिल्ली की जनता के फैसले से सबक लेते हुए, पार्टी ने अपनी खोई हुई साख वापस पाने के लिए पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलने के साथ शुरुआत की है। 2027 में पंजाब में भी विधानसभा चुनाव हैं, ऐसे में आप सरकार को अपनी छवि सुधारने में ही बेहतर विकल्प नजर नहीं आ रहा है।
Arvind Kejriwal Punjab: भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ पंजाब में ऐक्शन शुरू
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में भगवंत मान सरकार ने 236 लॉ ऑफिसरों से इस्तीफे मांगे हैं। सरकार का कहना है कि एडवोकेट जनरल (AG) दफ्तर की परफॉर्मेंस से वह संतुष्ट नहीं है। क्योंकि, कई अहम मुकदमों में सरकार को अदालतों में हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि, एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह का कहना है कि दफ्तर के पुनर्गठन तक अधिकारी काम करते रहेंगे।
इसके अलावा,भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की छुट्टी की गई है। राज्य के 9 जिलों में नए पुलिस प्रमुख नियुक्त किए गए हैं, जबकि 8 पुलिस अधीक्षकों और 10 उप पुलिस अधीक्षकों को निलंबित किया गया। इन कार्रवाइयों के माध्यम से राज्य सरकार यह संदेश देना चाहती है कि अब भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Arvind Kejriwal Bhagwant Mann: बड़े लोगों पर कार्रवाई की शुरुआत का भी बनने लगा है दबाव
कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आप सरकार पर आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जो कार्रवाई हो रही है, वह निष्पक्ष नहीं है। उनका दावा है कि निचले स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि ऊंचे पदों पर बैठे लोग बच निकलते हैं। उन्होंने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला और पूर्व मंत्री फौजा सिंह सरारी के मामलों का हवाला दिया।
सिंगला को मंत्रिमंडल से तो हटा दिया गया,लेकिन अदालत में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया। अब वह अपनी पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय हैं। वहीं,सरारी के खिलाफ गंभीर आरोपों के बावजूद,पार्टी ने उन्हें बचाने की कोशिश की।
Arvind Kejriwal: भ्रष्टाचार विरोध सरकार दिखने की कोशिशों में जुट गई है AAP
वहीं आम आदमी पार्टी (आप) प्रवक्ता नील गर्ग के मुताबिक, भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग पार्टी के लिए प्राथमिकता रही है। उनके अनुसार, भ्रष्टाचार के खिलाफ हेल्पलाइन पर 1,900 शिकायतें मिलीं,जिनमें से 438 पर मामले दर्ज हुए और 817 गिरफ्तारियां हुईं। उनका कहना है कि सरकार की कार्रवाई सिर्फ चुनावी नहीं, बल्कि इसके माध्यम से पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।












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