3 अधिकारियों की शहादत के बाद पाकिस्तान को सर्जिकल स्ट्राइक का डर, शिफ्ट कर रहा अपने आतंकी कैंप
Anantnag encounter: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बुधवार को आतंकियों और जवानों के बीच मुठभेड़ हुई। जिसमें भारत के तीन जांबाज अधिकारी शहीद हो गए। इस घटना के बाद से देश में गुस्से का माहौल है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की भी हालत अब खराब हो रही है।
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान को डर है कि तीन अधिकारियों की शहादत का बदला लेने के लिए भारतीय सेना फिर से सर्जिकल स्ट्राइक या फिर उसी तरह की कोई कार्रवाई कर सकती है। ऐसे में एलओसी के पास से टेरर कैंप्स को शिफ्ट किया जा रहा है।

खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पीओके में कई आतंकी कैंप सक्रिय हैं। उनमें बड़ी संख्या में आतंकी मौजूद हैं। पाकिस्तान को डर है कि भारत 2016 की तरह सर्जिकल स्ट्राइक कर सकता है। ऐसे में वो अपने टेरर कैंप को पाकिस्तानी सेना के कैंप के पास शिफ्ट कर रहा।
पाकिस्तान का मानना है कि अगर टेरर कैंप पाकिस्तानी सेना के कैंप के पास रहे, तो उनको भारत की जवाबी कार्रवाई से बचाया जा सकता है। इसके अलावा लॉन्चिंग पैड पर भी पाकिस्तानी सेना की सक्रियता बढ़ती नजर आ रही है।
कर्नल समेत 3 अधिकारी शहीद
भारतीय सेना के मुताबिक अनंतनाग जिले के कोकरनाग में कुछ आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी। जिस पर 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनैक अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे। उसके साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट भी थे।
वो सभी उस जगह पर गए जहां पर आतंकी छिपे थे। तभी अचानक से गोलीबारी शुरू हो गई। जिसमें तीनों गंभीर रूप से घायल हुए। सेना के मुताबिक कर्नल मौके पर ही शहीद हो गए थे, जबकि बाकी दोनों अधिकारियों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। घटना की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली है।
आतंकियों को हमले के लिए उकसा रहा पाकिस्तान
सूत्रों के मुताबिक अनुच्छेद 370 हटने के बाद से घाटी में शांति है, ऐसे में पाकिस्तान परेशान है। वो लगातार आतंकी संगठनों को वहां पर बड़े-बड़े हमले करने के निर्देश दे रहा। साथ ही ये धमकी भी दे रहा कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो वो उनकी फंडिंग को रोक देगा।
कब हुई थी सर्जिकल स्ट्राइक?
सितंबर 2016 में आतंकियों ने उड़ी स्थित सैन्य कैंप पर आत्मघाती हमला किया था। जिसका बदला लेने के लिए भारतीय सेना की स्पेशल फोर्स पीओके में घुसी और आतंकियों के कैंप तबाह किए। इसके बाद 2019 में पुलवामा हमला हुआ था, जिस पर सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी।












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