Anand Mahindra Richest in India कभी नहीं बन पाएंगे ! अरबपति उद्योगपति ने खुद कारण भी बताया
Anand Mahindra Richest in India कभी नहीं बन पाएंगे। पद्म भूषण अरबपति उद्योगपति महिंद्रा ने इसका कारण भी खुद ही बता दिया है। जानिए...

Anand Mahindra Richest in India कभी नहीं बन पाएंगे। उन्होंने ये बात खुद कही है। दरअसल, महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा अपने सोशल मीडिया हैंडल पर काफी सक्रिय रहते हैं। बिजनेस के अलावा ऑफ-बीट विषय, सफलता और प्रेरक कहानियों से जुड़ी पोस्ट साझा करने वाले पद्म भूषण आनंद महिंद्रा अक्सर यूजर्स द्वारा पूछे गए कुछ सवालों का जवाब भी देते दिखाई देते हैं। इस अरबपति व्यवसायी ने कहा है कि वह कभी भी भारत के सबसे अमीर व्यक्ति नहीं बन पाएंगे।

कब बनेंगे सबसे अमीर, महिंद्रा ने बताया
11 दिसंबर को, आनंद महिंद्रा ने काफी पुराने सवाल का उत्तर दिया। एक यूजर ने लगभग महीनेभर पहले महिंद्रा से पूछा था कि सबसे अमीर भारतीयों की सूची में नंबर 1 पर उनका नाम कब आएगा ? महिंद्रा ने महीने भर पुराने इस सवाल का रोचक जवाब दिया।

आनंद महिंद्रा 91 वें स्थान पर हैं
अपने सेंस ऑफ ह्यूमर और बारीक टिप्पणियों के लिए लोकप्रिय महिंद्रा ने जवाब में कहा, "सच्चाई यह है कि मैं कभी सबसे अमीर नहीं बनूंगा। क्योंकि मेरी कभी ऐसी इच्छा ही नहीं रही।" बता दें कि कुल पूंजी के मामले में फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, आनंद महिंद्रा के पास 2.1 बिलियन डॉलर की संपत्ति है और वे 91 वें स्थान पर हैं।

महिंद्रा अमीरों की सूची में शीर्ष पर नहीं
फोर्ब्स इंडिया ने विगत 29 नवंबर को इंडिया रिच लिस्ट 2022 जारी की। सूची के अनुसार, भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की कुल संपत्ति 800 अरब डॉलर है। भले ही महिंद्रा इस सूची में शीर्ष पर नहीं हैं, लेकिन जब उन्होंने कहा कि Mahindra Richest in India कभी नहीं बन सकते तो सोशल मीडिया यूजर्स उनके इस जवाब के कायल हो गए।
नीचे देखें महिंद्रा का जवाब--

महान हस्तियां हमेशा देश में योगदान करती हैं
महिंद्रा का जवाब देखकर नेटिज़न्स खुद को उनकी सराहना करने से नहीं रोक सके। एक यूजर ने लिखा, महान हस्तियां हमेशा हमारे देश और राष्ट्र के लिए उनके योगदान की बात करती हैं, सबसे अमीर होने की रैंकिंग के बारे में नहीं। हम कई कारणों से हमेशा आपकी और रतन टाटा की प्रशंसा करते हैं। आपको लंबा और सुरक्षित जीवन मिले सर।

अमीरों का कोई लालच नहीं है
एक अन्य यूजर ने कहा, "आपका दिल ही आपका खजाना है! आप पहले ही हमारा दिल जीत चुके हैं, सर" कुछ अन्य लोगों ने टिप्पणी में लिखा, "आनंद सर रतन टाटा सर की तरह हैं। अमीरों का कोई लालच नहीं है और सामान्य जीवन के लिए कोई डर नहीं है। वे लोगों और हमारे देश के बेहतर भविष्य के लिए काम करते हैं। हम कोरोना महामारी जैसे हालात में यह देख चुके हैं।

कभी दुनिया में सबसे अमीर होने की कामना नहीं की
महिंद्रा के मुरीद एक ट्विटर यूजर ने लिखा, "सबसे अमीर वह है, जिसे और कुछ नहीं चाहिए..." एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, "मुझे नहीं लगता कि जो लोग ऐसे मुकाम तक पहुंचे हैं, उन्होंने कभी दुनिया में सबसे अमीर होने की कामना की है। वे ऐसी छोटी सोच से परे हैं।" वे बस अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमताओं के अनुसार व्यवसाय का विस्तार कर रहे हैं और इसी प्रक्रिया में उस मुकाम तक पहुंचे हैं। मुझे यकीन है कि आप न चाहते हुए भी वहां तक पहुंच सकते हैं।"

महिंद्रा का आने वाले दिनों का सपना
महिंद्रा की अमीरी को लेकर सवाल और उनके दिलचस्प जवाब के बीच, फोर्ब्स के अनुसार, आनंद महिंद्रा औद्योगिक घराने महिंद्रा ग्रुप की तीसरी पीढ़ी के वंशज हैं। 19 बिलियन अमेरिकी डॉलर राजस्व वाले महिंद्रा एंड महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा, 2024 और 2026 के बीच भारत और विदेशी बाजारों में पांच नई इलेक्ट्रिक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) लॉन्च करना चाहते हैं।

भारत में योगदान के लिए पद्म सम्मान
फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, आनंद महिंद्रा कोटक महिंद्रा बैंक में छोटी लेकिन मूल्यवान हिस्सेदारी रखते हैं। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका को त्यागने के बाद अप्रैल 2020 में आनंद महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष बन गए। उद्योग जगत में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने नवंबर 2021 में देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पद्म भूषण से सम्मानित किया। महिंद्रा को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्म भूषण से अलंकृत किया था।












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