'ममता बनर्जी वक्फ कानून का कितना भी विरोध करें, 2026 के चुनावों के बाद वह सत्ता में नहीं रहेंगी', शाह का दावा
Amit Shah on Mamata Banerjee: गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (01 जून) को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ममता पर "मुस्लिम वोट बैंक की तुष्टीकरण" के लिए ऑपरेशन सिंदूर और वक्फ संशोधन कानून का विरोध करने का आरोप लगाया और कहा कि मुर्शिदाबाद दंगे "राज्य प्रायोजित" थे।
अमित शाह ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "ममता दीदी का मुख्यमंत्री कार्यकाल 2026 में खत्म हो जाएगा।" ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य पर तंज करते हुए शाह ने कहा, "ममता बनर्जी वक्फ कानून का जितना चाहें विरोध कर लें, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद वह सत्ता में नहीं रहेंगी।"

अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में क्या-क्या कहा? 5 बड़ी बातें
🔴 'मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने के लिए ममता दीदी ने ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया'
अमित शाह ने कहा, "मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने के लिए ममता दीदी ने ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया। ऐसा करके उन्होंने देश की माताओं और बहनों का अपमान किया है। आपने न केवल सैन्य अभियान का विरोध किया, बल्कि करोड़ों माताओं और बहनों के जीवन से भी खिलवाड़ किया है। मैं बंगाल की महिलाओं से अपील करता हूं कि वे आने वाले चुनावों में उन्हें सिंदूर का महत्व समझाएं।"
ममता बनर्जी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ऑपरेशन सिंदूर, जो कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किया गया था, का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
🔴 '2026 के चुनावों में ऑपरेशन सिंदूर का विरोध करना, ममता दीदी को भारी पड़ेगा'
अमित शाह ने कहा, "2026 के विधानसभा चुनावों में राज्य की माताएं और बहनें ममता दीदी और टीएमसी को ऑपरेशन सिंदूर का विरोध करने के लिए सबक सिखाएंगी।"
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि अप्रैल में वक्फ संशोधन कानून को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में टीएमसी के वरिष्ठ नेता शामिल थे।
🔴 'मुर्शिदाबाद दंगे राज्य प्रायोजित थे'
अमित शाह ने कहा, "जिस तरह से एक टीएमसी मंत्री ने हिंसा को भड़काया, उससे यह स्पष्ट है कि मुर्शिदाबाद दंगे राज्य प्रायोजित थे। गृह मंत्रालय बार-बार बीएसएफ की तैनाती की मांग करता रहा, लेकिन टीएमसी सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी ताकि हिंसा चलती रहे। यदि बीएसएफ को तैनात किया गया होता तो हिंदुओं की रक्षा हो सकती थी। अंततः बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद बीएसएफ को भेजा गया।"
अप्रैल में हुए इन दंगों में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद शाह की यह पहली बंगाल यात्रा थी।
🔴 'बंगाल घुसपैठ, भ्रष्टाचार, महिलाओं पर अत्याचार का केंद्र बन गया'
ममता बनर्जी पर हमला तेज करते हुए शाह ने कहा, "आज ममता दीदी ने बंगाल को घुसपैठ, भ्रष्टाचार, महिलाओं पर अत्याचार, अपराध, बम धमाकों और हिंदुओं के साथ दुर्व्यवहार का केंद्र बना दिया है।"
उन्होंने राज्य सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा प्रयासों में बाधा डालने का आरोप भी लगाया। "ममता बनर्जी वक्फ संशोधन कानून का विरोध कर तुष्टीकरण की राजनीति कर रही हैं," शाह ने कहा।
🔴 'ममता बनर्जी ने बंगाल की सीमाओं को बांग्लादेशियों के लिए खुला छोड़ दिया है'
अमित शाह ने टीएमसी पर अवैध सीमा पार गतिविधियों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "बंगाल का चुनाव केवल राज्य के भविष्य के लिए नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से भी जुड़ा है। ममता बनर्जी ने बंगाल की सीमाओं को बांग्लादेशियों के लिए खुला छोड़ दिया है। उनके आशीर्वाद से घुसपैठ हो रही है। केवल भाजपा सरकार ही इसे रोक सकती है।"
बीएसएफ की आलोचना पर जवाब देते हुए शाह ने कहा कि टीएमसी सरकार ने बीएसएफ को जरूरी ज़मीन नहीं दी है। "यदि टीएमसी सरकार बीएसएफ को ज़मीन दे देती, तो हम घुसपैठ रोक सकते थे। लेकिन टीएमसी ऐसा कभी नहीं करेगी, क्योंकि उसे सत्ता में रहने के लिए घुसपैठ चाहिए।"
शाह ने ममता बनर्जी पर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर कठोर रुख न अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "पिछली सरकारों में, जिनमें ममता दीदी मंत्री थीं, आतंकवादी हमलों से सख्ती से निपटने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने आतंकवादी ठिकानों को सीमा पार जाकर ध्वस्त कर दिया। ममता दीदी को इससे भी समस्या है।"
उन्होंने आगे कहा, "कुछ दिन पहले पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने हमारे निर्दोष नागरिकों को धर्म पूछकर उनके परिवारों के सामने मार डाला। ऑपरेशन सिंदूर उन्हीं आतंकियों को सबक सिखाने के लिए किया गया था। आतंकियों के ठिकानों को पाकिस्तान में घुसकर ध्वस्त कर दिया गया। लेकिन ममता दीदी को आतंकियों की मौत का दुख हुआ। उन्होंने एक सस्ती राजनीतिक बयानबाज़ी कर ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया।"
🔴 'कोलकाता की मंडियों में युवाओं की नौकरियां बेची जा रही हैं'
अमित शाह ने राज्य सरकार पर शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "कोलकाता की मंडियों में युवाओं की नौकरियां बेची जा रही हैं। टीएमसी नेताओं के घरों से इतनी रकम बरामद हुई कि गिनने की मशीनें भी थक गईं। अब यह सब बंद होना चाहिए।"












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