अमाहा का अनोखा कदम! बेंगलुरु में शुरू किया देश का पहला निजी मानसिक स्वास्थ्य सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
Amaha: भारत में मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन गंभीर मानसिक बीमारियों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली इनपेशेंट सुविधाएं अब तक सीमित थीं। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की अग्रणी संस्था अमाहा (Amaha) ने बेंगलुरु के थानिसंद्रा में देश का पहला निजी सुपर स्पेशलिटी मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल शुरू किया है।
यह अत्याधुनिक अस्पताल न केवल वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित इलाज प्रदान करेगा, बल्कि करुणा और देखभाल से भरा ऐसा माहौल देगा जहां मरीज और उनके परिवार दोनों को उम्मीद की नई किरण मिलेगी।

मानसिक स्वास्थ्य नेटवर्क का विस्तार
अमाहा के संस्थापक डॉ. मलिक ने कहा, "पिछले नौ वर्षों में अमाहा भारत की सबसे बड़ी और भरोसेमंद सुपर स्पेशलिटी मानसिक स्वास्थ्य सेवा बनी है। यह सफर मेरे लिए सिर्फ पेशेवर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत भी रहा है। एक मनोचिकित्सक और केयरगिवर के रूप में मैंने देखा है कि परिवार मानसिक संकट के दौर में किन मुश्किलों से गुजरते हैं। इसी अनुभव ने हमें ऐसा अस्पताल बनाने के लिए प्रेरित किया जो सिर्फ इलाज ही नहीं, उम्मीद भी दे।"
अस्पताल की खासियत
- भारत का पहला निजी अस्पताल जो पूरी तरह इनपेशेंट मानसिक स्वास्थ्य उपचार के लिए समर्पित है
- 200 से ज्यादा विशेषज्ञों की टीम जिसमें मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, नर्स, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और पीयर सपोर्ट स्पेशलिस्ट शामिल
- अत्याधुनिक थेरेपी जैसे डीप ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (Deep TMS), केटामाइन-असिस्टेड थेरेपी और इलेक्ट्रोकंवल्सिव थेरेपी (ECT)
- मरीजों के लिए सुरक्षित, आरामदायक और रिकवरी को बढ़ावा देने वाला वातावरण
- 15 से ज्यादा भाषाओं में सांस्कृतिक रूप से अनुकूल सेवाएं, 24/7 उपलब्ध
आउटपेशेंट और डिजिटल सपोर्ट के जरिए निरंतर देखभाल
अमाहा की क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. दिव्या जी नल्लूर ने कहा, "हमारी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम दिन-रात परिवारों के साथ खड़ी है। यहां हर मरीज को चिकित्सीय इलाज के साथ-साथ वेलनेस एक्टिविटी, पोषणयुक्त भोजन और ऐसा माहौल मिलता है जो तेजी से रिकवरी में मदद करता है। यह अस्पताल हमारे उस विश्वास का प्रतीक है कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं करुणा, गरिमा और विज्ञान के संतुलन के साथ दी जानी चाहिए।"
सरकार और चिकित्सा जगत की सराहना
अस्पताल के उद्घाटन पर कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडु राव ने कहा, "युवाओं और वयस्कों में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए हमें अमाहा जैसे और संस्थानों की जरूरत है। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सरकार भी गंभीर है और अब मनोचिकित्सा आकलन को कर्नाटक की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के 14 मुख्य मानकों में शामिल किया गया है।"
राजस्व मंत्री की पत्नी मीनाक्षी कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा, "भारत में करीब 20 करोड़ लोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। अमाहा जैसी सुविधाएं अब समय की मांग हैं और इन्हें बहुत पहले शुरू हो जाना चाहिए था।"
निम्हांस (NIMHANS) की सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रभा चंद्रा ने अमाहा की राइट्स-बेस्ड अप्रोच और अस्पताल के डिजाइन की सराहना की।
मरीजों के लिए निरंतर देखभाल
अमाहा सिर्फ अस्पताल तक सीमित नहीं है। इसकी सेवाओं में शामिल हैं:
- बड़े शहरों में आउटपेशेंट सेंटर
- 600 से ज्यादा सेल्फ-केयर टूल्स के साथ ऑनलाइन थेरेपी प्लेटफॉर्म
- "चिल्ड्रेन फर्स्ट" के अधिग्रहण के बाद बच्चों और युवाओं के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं
- जटिल मानसिक समस्याओं से जूझ रहे परिवारों के लिए 24/7 सहयोग
अमाहा की सह-संस्थापक नेहा किरपाल ने कहा,"हम जानते हैं कि परिवारों को आत्महत्या, स्किजोफ्रेनिया और गंभीर मानसिक संकट के समय कैसी मदद चाहिए। यह अस्पताल उसी देखभाल का विस्तार है।"
अमाहा के बारे में
अमाहा भारत की अग्रणी मानसिक स्वास्थ्य संस्था है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की मनोचिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सेवाएं उपलब्ध कराती है। यह संस्था ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सांस्कृतिक रूप से अनुकूल, ट्रॉमा-इन्फॉर्म्ड और वैज्ञानिक आधार पर तैयार की गई सेवाएं देती है। अमाहा का लक्ष्य भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देना और इस विषय से जुड़ी सामाजिक कलंक को दूर करना है।
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