मोदी सरकार ने नियमों में बदलाव कर लौह अयस्क निर्यात में किया 12,000 करोड़ का घोटाला: कांग्रेस

नई दिल्ली। कांग्रेस ने गुरुवार को केंद्र की मोदी सरकार पर 12,000 करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोप लगया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने अपने एक बयान में आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार अपने कुछ अमीर और चुनिंदा दोस्तों के लिए सत्ता में आई है। पवन खेड़ा ने मोदी सरकार पर 12,000 करोड़ के लौह अयस्क (कच्चा लोहा) निर्यात का घोटाला करने का आरोप लगया है। बतौर कांग्रेस प्रवक्ता जब मोदी सरकार 2014 में सत्ता में आई तो तमाम नियम कानून आनन-फानन में बदले गए।

कुछ अमीर और चुनिंदा दोस्तों के लिए सत्ता में आई मोदी सरकार

कुछ अमीर और चुनिंदा दोस्तों के लिए सत्ता में आई मोदी सरकार

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि पिछले 6 वर्षों में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने कई ऐसे उदारण दिए हैं जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह सिर्फ अपने अमीर दोस्तों के लिए सत्ता में आए हैं। टेलिकम्यूनिकेशन, हवाई अड्डे, बंदरगाह और यहां तक कि भारतीय रेल को भी मोदी सरकार अपने दोस्तों पर लुटाने के लिए सदैव तैयार रहते हैं। केंद्र सरकार यह भूल जाती है कि देश के भीतर तमान संस्थाओं को निर्माण कुछ पूंजीपतियों ने नहीं बल्कि यहां के एक-एक नागरिक ने अपने खून-पसीने से किया है। जिस देश को हर देशवासी ने बनाया हो उसे चंद अमीरों के हाथों में बिकता देख दुख होता है।

मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले सब ठीक था

मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले सब ठीक था

पवन खेड़ा ने आगे कहा, मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले लौह अयस्क (कच्चा लोहे) का निर्यात सिर्फ MMTC (खनिज तथा धातु व्यापार निगम लिमिटेड) द्वारा ही किया जाता था। एमएमटीसी भी सिर्फ उन्ही अयस्कों का निर्यात कर सकती थी जिसमें 64 प्रतिशत लोहे की संकेन्द्रण इससे ऊपर के स्तर का हो, ऐसे अयस्कों को बेचने के लिए एमएमटीसी को भी सरकार से अनुमति लेनी होती थी जबकि इस संस्था में 89 प्रतिशत हिस्सेदारी सरकार की है।

हजारों करोड़ों रुपयों की चोरी

हजारों करोड़ों रुपयों की चोरी

उन्होंने कहा, 2014 में जब मोदी सरकार आई तो कई नियमों और कानूनों में बदलाव किए। स्टील मंत्रालय ने सबसे पहले 64 प्रतिशत लौह संकेन्द्रण का नियम बदला। इसके अलावा चीन, ताइवाइन दक्षिण कोरिया और जापान को लौह अयस्क निर्यात करने की अनुमति दी। इसके बाद लौह अयस्क छर्रों के रूप में निर्यात किए जाने पर लगने वाला 30 प्रतिशत निर्यात शुल्क भी हटा दिया गया। इस शुक्ल के रूप में हजारों करोड़ों रुपयों की चोरी हुई।

कंपनियों पर होना चाहिए 2 लाख करोड़ का जुर्माना

कंपनियों पर होना चाहिए 2 लाख करोड़ का जुर्माना

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, एक अनुमान है कि साल 2014 से अब तक इन निजी कंपनियों ने 40 हजार करोड़ रुपए का लौग अयस्क निर्यात किया। पवन खेड़ा का आरोप है कि मोदी सरकार ने न सिर्फ भारत के बेशकीमती प्राकृतिक संसाधन को लुटाया बल्कि 12000 करोड़ रुपए के निर्यात शुल्क की चोरी भी की। विदेशी व्यापार एक्ट 1992 के तहत इन कंपनियों पर लौह अयस्क छर्रों के गैर कानूनी निर्यात पर 2 लाख करोड़ का जुर्माना बनता है।

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