कॉरपोरेट नौकरी छोड़ चुनी पुलिस सेवा, कौन हैं बिहार की बेटी IPS रीति राज? पब रैकेट का किया पर्दाफाश
IPS Riti Raj: हैदराबाद के कूकटपल्ली इलाके में मौजूद एक चर्चित पब पर हुई पुलिस कार्रवाई इन दिनों पूरे तेलंगाना में चर्चा का विषय बनी हुई है। पहली नजर में यह मामला एक सामान्य पुलिस रेड जैसा लग सकता है, लेकिन इसके पीछे की कहानी कहीं ज्यादा दिलचस्प है। दरअसल, यह छापेमारी अचानक नहीं हुई थी, बल्कि कई दिनों तक चली गुप्त जांच और अंडरकवर वेरिफिकेशन का नतीजा थी। इस पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली थी कूकटपल्ली जोन की डीसीपी और 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी रीति राज (IPS Riti Raj) ने।
पुलिस को लंबे समय से इस पब में कथित अनियमित गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद रीति राज ने खुद मामले की निगरानी की और शुरुआती स्तर पर तथ्यों की पुष्टि कराई। जब जांच में कई आरोप सही पाए गए तो विशेष टीम के साथ देर रात छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के बाद जहां पब संचालन पर सवाल उठे, वहीं IPS रीति राज भी चर्चा के केंद्र में आ गईं। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर कौन हैं वह अधिकारी जिन्होंने इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा किया।

कौन हैं IPS रीति राज? (IPS Riti Raj)
रीति राज भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की 2018 बैच की अधिकारी हैं। उन्हें तेलंगाना कैडर मिला था और वर्तमान में वह साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत कूकटपल्ली जोन की DCP के रूप में कार्यरत हैं। पुलिस विभाग में उनकी पहचान एक ऐसी अधिकारी के तौर पर है जो केवल दफ्तर में बैठकर फैसले लेने के बजाय जमीनी स्तर पर जाकर हालात को समझना पसंद करती हैं।
उनकी कार्यशैली को लेकर कहा जाता है कि वह किसी भी मामले में अंतिम कार्रवाई से पहले तथ्यों की गहराई से जांच करती हैं। यही वजह है कि कूकटपल्ली पब मामले में भी उन्होंने केवल शिकायतों के आधार पर कदम उठाने के बजाय पहले गुप्त रूप से जानकारी जुटाने पर जोर दिया।
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पटना से शुरू हुई पढ़ाई, दिल्ली में की कानून की पढ़ाई
रीति राज की शुरुआती शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), पटना से हुई। उन्होंने वर्ष 2010 में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। स्कूल के दिनों से ही उनकी रुचि पढ़ाई और सार्वजनिक मामलों में थी। स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) पास किया और देश के प्रतिष्ठित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU), दिल्ली में दाखिला लिया। यहां उन्होंने BA LLB की पढ़ाई की और वर्ष 2016 में कानून की डिग्री हासिल की। कानून की पढ़ाई के दौरान उन्होंने न्याय व्यवस्था, संविधान और प्रशासनिक ढांचे को करीब से समझा, जिसने आगे चलकर उनके करियर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लॉ फर्म में किया काम, लेकिन चुना अलग रास्ता
कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद रीति राज ने कुछ समय के लिए लॉ फर्म में इंटर्नशिप और पेशेवर अनुभव भी हासिल किया। हालांकि कॉरपोरेट क्षेत्र का काम उन्हें ज्यादा आकर्षित नहीं कर सका। उन्होंने महसूस किया कि वह सीधे लोगों के बीच रहकर काम करना चाहती हैं और समाज में बदलाव लाने वाली भूमिका निभाना चाहती हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उस समय वह कानून की पढ़ाई से जुड़े कामों के साथ-साथ UPSC की तैयारी भी कर रही थीं।
पहले ही प्रयास में पास की UPSC परीक्षा
UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। ऐसे में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करना बड़ी उपलब्धि माना जाता है। रीति राज ने यह उपलब्धि हासिल की और वर्ष 2018 में भारतीय पुलिस सेवा के लिए चुनी गईं। उनकी इस सफलता ने यह साबित किया कि सही योजना, अनुशासन और लगातार मेहनत के दम पर कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। चयन के बाद उन्हें तेलंगाना कैडर आवंटित किया गया और पुलिस सेवा में उनका सफर शुरू हुआ।
पुलिस अकादमी से लेकर फील्ड पोस्टिंग तक
IPS बनने के बाद रीति राज ने हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था, अपराध जांच, नेतृत्व और पुलिस प्रशासन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को समझा। इसके बाद फील्ड ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने जिला स्तर पर काम किया और अलग-अलग परिस्थितियों में पुलिसिंग का अनुभव हासिल किया। उन्हें ग्रेहाउंड्स के साथ भी काम करने का अवसर मिला, जो तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध नक्सल विरोधी विशेष इकाई मानी जाती है।
कई अहम पदों पर संभाली जिम्मेदारी
अपने करियर में रीति राज ने तेलंगाना पुलिस के कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वह पहले माधापुर जोन की डीसीपी भी रह चुकी हैं। माधापुर हैदराबाद का प्रमुख आईटी और कारोबारी क्षेत्र माना जाता है, जहां कानून व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
इसके बाद उन्हें कूकटपल्ली जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह इलाका तेजी से विकसित हो रहा है और यहां बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठान, आवासीय क्षेत्र और मनोरंजन केंद्र मौजूद हैं। ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके अलावा रीति राज बंदी भगीरथ साई से जुड़े मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रमुख भी हैं।
कैसे शुरू हुई पब की जांच?
कूकटपल्ली स्थित किंग्स एंड क्वींस पब, जिसे क्लब मस्ती के नाम से भी जाना जाता है, को लेकर पुलिस को काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं। खुफिया सूत्रों से भी कुछ ऐसी जानकारियां सामने आई थीं जिनमें नियमों के उल्लंघन और कथित अनैतिक गतिविधियों की बात कही जा रही थी। शिकायतों की संख्या बढ़ने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। डीसीपी रीति राज ने पहले गुप्त सत्यापन कराने का फैसला किया ताकि किसी भी कार्रवाई से पहले आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
खुद निगरानी में चलाया गया अंडरकवर वेरिफिकेशन
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में केवल औपचारिक जांच नहीं की गई। शुरुआती जानकारी जुटाने के लिए गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान पब के संचालन, वहां आने वाले लोगों और नियमों के पालन से जुड़ी कई जानकारियां एकत्र की गईं। जब शुरुआती जांच में शिकायतों के समर्थन में तथ्य सामने आए तो पुलिस ने आगे की कार्रवाई का फैसला किया। इसके बाद एक विशेष टीम बनाई गई और पूरी योजना के साथ देर रात पब पर छापा मारा गया।
रेड में सामने आईं कई अनियमितताएं
छापेमारी के दौरान पुलिस को कई गंभीर कमियां मिलीं। जांच में पाया गया कि पब तय समय सीमा के बाद भी संचालित हो रहा था। अधिकारियों को यह भी पता चला कि नाबालिगों की एंट्री रोकने से जुड़े नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा शराब और भोजन परोसने से जुड़े नियमों के उल्लंघन की बात भी सामने आई। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि पब के पास वैध पुलिस अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं था। पुलिस ने इन सभी बिंदुओं को रिकॉर्ड में लिया और संबंधित धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की।
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