Himachal Pradesh: प्रलय मचा रही बारिश के बीच शिमला पर टूटी एक और नई आफत

Himachal Pradesh Water Crisis: मूसलाधार बारिश ने हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही मचाई हुई है। करोड़ों रुपए के सरकारी और निजी संपत्ति के नुकसान के साथ-साथ बीते दो दिनों में भूस्खलन और घर गिरने की वजह 20 लोगों की मृत्यु हो गई। तबाही के बीच हिमाचल की राजधानी शिमला में एक नई आफत टूटी पड़ी है।

दरअसल, शिमला में पीने के पानी का संकट (Shimla Water Crisis) खड़ा हो गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि भारी बारिश और भूस्खलन के चलते पेयजल परियोजनाओ में भारी गाद आ गई है। तो वहीं, चांबा पेयजल परिजनों का पंप हाउस पूरी तरह से पानी में डूब गया है, जिसके चलते यहां पंपिंग ठप हो गई है।

Himachal Pradesh Water Crisis

भारी बारिश के चलते शिमला में लोगों को पीने के पानी की कमी का सामना करना पड़ा रहा है। इस बीच शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (SJPNL) टैंकरों के माध्यम से लोगों को पानी की आपूर्ति करा रहा है। शिमला नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि प्रदेश में आपदा की स्थिति में बहुत नुकसान हुआ है।

चाहे वो वाटर स्कीम हो या फिर सड़कें हों, या बांध हों...प्रदेश हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। शिमला में भी पीने की पानी की समस्या उत्पन्न हुई है, जिसे दूर करने के लिए हमने निजी टैंकर किराये पर लिए हैं और नगर निगम के टैंकर भी पानी उपलब्ध करा रहे हैं।

टैंकरों के इस्तेमाल से हम ज्यादा से ज्यादा जगहों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि 24 घंटों में हम आगे बढ़ पाएंगे। मंडी में कुछ जगह पानी(पीने का पानी) की व्यवस्था दी जा रही है। 1300-1400 बसें रूट से निलंबित हैं।

डिप्टी सीएम ने कहा कि कुल्लू में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है, कुल्लू में सभी रूट बंद हैं। राज्य सरकार की बसे सुरक्षित जगहों पर खड़ी हैं जिस कारण से बसों को किसी प्रकार की हानि नहीं हुई है। कुल्लू को बहाल करने के लिए काम किया जा रहा है और मंडी में जल जमाव की स्थिति को सही किया जा रहा है।

जहां भी लोग फंसे हुए थे उन्हें निकाल लिया गया है। हर तरफ से संपर्क जोड़ा जा रहा है। आपको बता दें कि मंडी में चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद अवरूद्ध हो गया है। भूस्खलन के कारण बंद हुए चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग का हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने दौरा किया।

इस दौरान उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि 'मंडी से 7 किमी की दूरी पर भूस्खलन हुआ है। हमने मशीने मंगवाई है। रास्ता साफ करने का काम जल्द शुरू होगा। दूसरी तरफ जाना संभव नहीं है इसलिए ड्रोन के माध्यम से पता लगाया है कि दूसरी तरफ भी भूस्खलन है। PWD और NHAI मिलकर काम कर रही है।'

हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह ने कहा कि मंडी में ब्यास नदी के साथ जो मंदिर है वहां काफी नुकसान हुआ है। बाढ़ के कारण सीवरेज और पानी की लाइन भी प्रभावित हुई हैं। चंद्रताल में कल तक मौसम खराब था। वहां बर्फ हटाने का काम किया जाएगा और फिर जो लोग वहां फंसे हैं उन्हें लोसर लाया जाएगा।

अगर ज़रूरत पड़ी तो उन्हें एयरलिफ्ट किया जाएगा। आज CM सुक्खू मनाली से लेकर कुल्लू तक दौरा करेंगे। तो वहीं, राजस्व व आपदा प्रबंधन शिमला के प्रधान सचिव ओंकार चंद शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 2 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। मंडी में ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ा है

भारी बारिश के चलते बहुत जगह ब्रिज और सड़कें अवरुद्ध हैं। अब तक भूस्खलन और घर गिरने की वजह 20 लोगों की मृत्यु हुई है...ब्यास नदी के किनारे फंसे 6 मजदूरों को बचा लिया गया है।

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