Himachal pradesh result: लोकसभा चुनाव में भाजपा का क्लीन स्वीप, विधानसभा उपचुनाव में हो गया बड़ा उलटफेर
हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव में भले ही भाजपा ने क्लीन स्वीप कर दिया हो और चार में से चार सीटों पर जीत गई हो। लेकिन विधानसभा उपचुनाव में एक बार फिर कांग्रेस ने भाजपा को पछाड़ दिया है।
अब तक प्राप्त रुझानों और परिणामों के अनुसार कांग्रेस 6 में से 4 सीटों पर आगे चल रही है या जीत चुकी है। साफ है कि विधानसभा में कांग्रेस अब भी भाजपा से आगे है।

हिमाचल प्रदेश से उपचुनाव के लिए तीन सीटों पर नतीजे आ गए हैं। सुजानपुर से कांग्रेस प्रत्याशी रंजीत राणा जीते हैं। उन्होंने राजेंद्र राणा को हराया। वहीं, गगरेट से कांग्रेस के राकेश कालिया को जीत मिली है।भाजपा के चैतन्य शर्मा भी हार गए हैं। लाहौल स्पीति से कांग्रेस प्रत्याशी अनुराधा राणा की जीत हुई है।
धर्मशाला से भाजपा प्रत्याशी सुधीर शर्मा, बड़सर से भाजपा प्रत्याशी इंद्र दत्त लखनपाल आगे चल रहे हैं। कुटलैहड़ में कांग्रेस प्रत्याशी विवेक शर्मा आगे चल रहे हैं। इस तरह 6 सीटों के रुझान व परिणाम सामने आ चुके हैं।
हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव और विधानसभा की छह सीटों पर काउंटिंग चल रही है। जिनके नतीजे आज ही घोषित किए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश में चार लोकसभा सीट और छह विधानसभा सीटों पर 1 जून को वोटिंग हुई थी।
हिमाचल प्रदेश में नौ विधानसभा सीटें खाली हैं। इनमें से 6 सीटों पर चुनाव हुए। हिमाचल में 68 में से 9 विधानसभा क्षेत्र खाली हैं। प्रदेश में 6 विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के विधायकों को अयोग्य घोषित करने के बाद खाली हुए हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने पार्टी की ओर से व्हिप जारी होने के बावजूद सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया।
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष की ओर से इन पर कार्रवाई करते हुए उनके सदस्यता को अयोग्या करार दिया। विधानसभा से उनकी सदस्य खत्म कर दी। हिमाचल प्रदेश में 27 फरवरी को राज्यसभा का चुनाव था। राज्यसभा के चुनाव में कांग्रेस में देश के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी को प्रत्याशी बनाया। भाजपा ने हर्ष महाजन को प्रत्याशी के तौर पर उतारा।
उस समय हिमाचल विधानसभा में कांग्रेस के पास 40 भाजपा के पास 25 और 3 निर्दलीय विधायक थे। कांग्रेस के बराबर ही वोट राज्यसभा चुनावों में भाजपा ने हासिल कर लिए। इसके बाद राज्यसभा चुनाव के नियमों के मुताबिक पर्ची निकली। चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी हर्ष महाजन को विजेता घोषित किया गया।
इसमें कांग्रेस के छह विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की और भाजपा के प्रत्याशी को मतदान किया। जिसके बाद ये अयोग्य साबित हुए। भाजपा ने कांग्रेस के बागियों पर ही दांव खेला। लेकिन इनमें से कई हार गए। ऐसे में कांग्रेस की सुक्खू सरकार को अब किसी तरह का डर नहीं है।












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