चंडीगढ़ में सीएम भगवंत मान से मिले हिमाचल के सीएम सुक्खू, जल प्रदूषण समेत इन मुद्दों पर की चर्चा
हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के सीएम भगवंत मान से मुलाकात की। ये मुलाकात चंडीगढ़ स्थित भगवंत मान के आवास पर हुई। दोनों नेताओं के बीच जल प्रदूषण, जलविद्युत परियोजना और पर्टन के मुद्दे पर चर्चा हुई।

Sukhvinder Singh Sukhu: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंडीगढ़ में पंजाब के सीएम भगवंत मान से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच जल प्रदूषण, जलविद्युत परियोजना और पर्टन के मुद्दे पर चर्चा हुई। इस दौरान सीएम भगवंत मान ने आश्वासन दिया कि सभी मुद्दों को बातचीत व चर्चा के माध्य से हल किया जाएगा।
दरअसल, जल विद्युत परियोजनाओं पर वॉटर सेस लगाने के मुद्दे पर हिमाचल, हरियाणा और पंजाब आमने सामने हैं। तो वहीं, इस बार के बजट में हिमाचल प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाओं पर वाटर सेस को लेकर कानून पास हो गया है। ऐसे में अब पंजाब और हरियाणा इस कानून का विरोध कर रहे हैं।
तो वहीं, इसी कड़ी में 29 मार्च को चंडीगढ़ में हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश के सीएम सुक्खू ने पंजाब के सीएम को आश्वस्त भी किया। उन्होंने कहा कि इस कानून से पंजाब पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इस दौरान उन्होंने कहा कि यह हिमाचल की हाईड्रो योजनाओं पर लगाया गया है। हाल ही में पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान हिमाचल के वॉटस सेस कानून के विरोध में प्रस्ताव भी पारित किया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरियाणा सरकार भी इस मुद्दे पर हिमाचल का विरोध कर रहा है और दोनों राज्यों का कहना है कि यह कानून असंवैधानिक है। चंडीगढ़ में मीटिंग के बाद सीएम सुक्खू मीडिया से मुखातिब हुए और कहा कि भगवंत मान से हिमाचल से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई है। हिमाचल और पंजाब भाई-भाई हैं।
साथ ही, पर्यटन के संबंध में भी चर्चा की। सुक्खू ने कहा कि पानी पर सेस लगाने पर चर्चा हुई है और सीएम ने कहा कि हिमाचल के हाइड्रो प्रोजेक्ट पर सेस लगाया है। बता दें, इस मसले पर 15 दिन में सचिव लेवल पर मीटिंग होगी और हमने पानी पर सैस नहीं लगाया है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। प्रदेश पर कुल 80 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। ऐसे में सरकार ने हाईड्रो प्रोजेक्टर पर वॉटर सेस लगाने का फैसला किया है। इस कानून की वजह से हिमाचल को 4 हजार करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। हिमाचल में कुल 172 परियोजनाएं इस कानून के दायरे में आएंगी।
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वहीं, हिमाचल के बजट सत्र में सीएम सुक्खू ने बयान दिया था कि पंजाब और हरियाणा पर इस कानून का कोई असर नहीं पड़ेगा। क्योंकि, यह वॉटर सेस हिमाचल में बनी परियोजनाओं पर लगाया गया है।












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