हिमाचल: कांग्रेस को झटका देने की तैयारी में काजल और लखविंद्र, आज थाम सकते है भाजपा का दामन
हिमाचल: कांग्रेस को झटका देने की तैयारी में काजल और लखविंद्र, आज थाम सकते है भाजपा का दामन
शिमला, 17 अगस्त: हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक है, ऐसे में कांग्रेस पार्टी के दो विधायक कांगड़ा से पवन काजल और नालागढ़ से लखविंद्र राणा पार्टी को झटका देने की तैयारी में है। दोनों विधायक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम सकते हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि कांग्रेस के दोनों विधायक दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं और बुधवार 17 अगस्त को भाजपा में शामिल हो सकते हैं। वहीं, हिमाचल में अचानक से बदले इस घटनाक्रम को देखते हुए भाजपा नेता फूले नहीं समा रहे हैं, तो वहीं, दूसरी और कांग्रेस नेताओं में चल रही गुटबाजी भी सामने आ गई है।

दोनों विधायकों के इस निर्णय से कांग्रेस के मौजूदा नेतृत्व पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि पार्टी इस बारे में दावा करती रही है कि कांग्रेस के अंदर सब कुछ ठीक चल रहा है और भाजपा के नेता कांग्रेस में आने की तैयारी में है। अभी 2 दिन पहले ही कांग्रेसी नेताओं ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन के अंदर भाजपा नेताओं के साथ संपर्क होने का दावा किया था। लेकिन इसका ठीक उलट भाजपा ने कांग्रेस को जोर का झटका दे दिया है।
वहीं, दिल्ली पहुंचे कांग्रेस विधायक पवन काजल और लखविंद्र राणा आज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात करे सकते है। नड्डा से मुलाकात के बाद ही दोनों नेता भाजपा में शामिल हो सकेंगे। दोनों विधायकों के भाजपा का दामन थामने से प्रदेश कांग्रेस के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। यही वजह है कि इसकी भनक लगते ही पार्टी महासचिव वेणुगोपाल ने बाकायदा एक प्रेस नोट जारी कर पवन काजल को कार्यकारी अध्यक्ष पद से हटाते हुए उनकी जगह चौधरी चंदर कुमार की तैनाती की घोषणा की है।
इस वजह से लिया पार्टी छोड़ने का निर्णय
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल प्रदेश के अंदर चल रही गुटबाजी को खत्म करने के लिए प्रतिभा सिंह को कमान सौंपी थी। साथ ही, उनके साथ चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाये थे, जिनमें पवन काजल भी प्रमुख थे। लेकिन पवन काजल को जब खुद के टिकट कटने का खतरा लगा तो उन्होंने पार्टी ही छोडना बेहतर समझा। तो वहीं, नालागढ़ के विधायक लखविंद्र राणा को ने एकाएक 14 साल पुरानी पार्टी को छोडने के पीछे निर्णय लिया है। इस निर्णय के पीछे सबसे बडा कारण उनके चुनाव क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी की ओर से हरदीप सिंह बावा को प्रदेश कोंग्रस महासचिव बनाए जाना बताया जा रहा है।
बावा की नियुक्ति से नाराज थे राणा
बताया जा रहा है कि जिस दिन से हरदीप सिंह बावा की नियुक्ति हुई थी उसी दिन से विधायक लखविंद्र राणा हाईकमान यानि प्रतिभा सिंह व मुकेश अग्निहोत्री से नाराज हो गए थे। क्योंकि, हरदीप बावा इन दोनों के ही करीबी थे और राणा को सुक्खू गुट का माना जाता है।
सीएम जयराम और प्रदेशाध्यक्ष को भी बुलाया गया दिल्ली
उधर, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप को भी दिल्ली बुला लिया है। ऐसी चर्चा है कि पवन काजल और लखविंद्र राणा को इन दोनों नेताओं की मौजूदगी में आज भाजपा में शामिल किया जाएगा। दोनों नेताओं के पार्टी में शामिल करने का यह कार्यक्रम पार्टी कार्यालय में होगा।












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