इस साल भी किसानों की फसलों को चट कर सकती हैं टिड्डियां, बचाव के लिए हरियाणा में टीमें गठित हुईं
चंडीगढ़। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी टिड्डी दल से प्रदेश में फसलों को खतरा हो सकता है। टिड्डी दल पनपने की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसके लिए राज्य मुख्यालय पर एक टीम का गठन किया गया है। साथ ही सभी जिलों के उप कृषि निदेशकों को अलर्ट किया गया है। कृषि विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राजधानी में इसे लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की, जहां टिड्डी दल से प्रदेश में फसलों को बचाने पर चर्चा हुई।

कीटनाशक दवाईयों का इंतजाम किया जाएगा
अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि, जिन जिलों में टिड्डियों के पनपने का खतरा है..उन संबंधित जिलों के डीसी को इस संबंध में अवगत करवा दिया गया है, ताकि पहले से ही आवश्यक कदम उठाए जा सकें। राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर कीटनाशक दवाईयों का इंतजाम के भी आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। कृषि महानिदेशक हरदीप सिंह ने कहा कि, हमारे जो जिले राजस्थान से लगे हैं..वहां टिड्डी दल का खतरा ज्यादा रहता है।
2019-20 में मचा दिया था कोहराम
टिड्डियों के दल सालों बाद भारत में आए, जब 2019-20 में हजारों हेक्टेयर फसलें टिड्डियां चट कर गईं। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, यूपी और महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में किसानों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।

यह नंबर किए गए थे जारी
कृषि विभाग की शाखा द्वारा किसानों की मदद को पिछले साल कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए थे। प्रशासन ने किसान बंधु नामक हेल्पलाइन नंबर-01662-225713 बताया। साथ ही कृषि विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अरुण कुमार (9215809009) की ओर से कहा गया कि, हिसार के किसी गांव में टिड्डी दल के आने की सूचना मिले तो किसान तुरंत सूचना दें।












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