'23 को आकर करूंगा गृह प्रवेश...', झकझोर देगी मेजर आशीष की कहानी, सीएम खट्टर ने किया नमन
Major Ashish Dhanchak Panipat Martyred In Anantnag: जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग क्षेत्र में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए पानीपत के बिंझौल गांव के मेजर आशीष धौंचक के शहीद होने की खबर से पूरे क्षेत्र में गम पसरा है।

लोगों को यकीन नहीं हो रहा है कि हमेशा अपने परिवार का ख्याल रखने वाले उनके चहेते मेजर आशीष अब उनके बीच नहीं है। आपको बता दें कि तीन बहनों के इकलौते भाई थे मेजर आशीष, हाल ही में जब राखी का पर्व आया था तो बहनों ने अपने प्रिय भाई को राखी भेजी थी लेकिन तब कोई ये सोच नहीं सकता था कि अब ये तीनों बहनें अपने भाई को अगले साल राखी नहीं भेज पाएंगी।
नए घर का गृहप्रवेश 23 अक्टूबर को होना था
आपको बता दें कि मेजर आशीष के पिता लालचंद पानीपत सेक्टर 7 में किराए के मकान में रहते हैं और उन्होंने हाल ही में टीडीआई में अपना नया मकान बनवाया है, जिसका गृहप्रवेश 23 अक्टूबर को होना था क्योंकि इसी तारीख को मेजर का जन्मदिन था और उन्हें इसी दिन छुट्टी पर आना था।
'23 को आकर करूंगा गृह प्रवेश, क्या पता था...'
उनके रिश्तेदार ने बताया कि उसने बोला था कि '23 को आकर करूंगा गृह प्रवेश, हम तो इंतजार कर रहे थे लेकिन क्या पता था कि वो इस तरह से आएगा।'
मेजर आशीष की बेटी पांच साल की
आशीष की शादी जींद में हुई थी और उनकी पांच साल की एक बेटी भी है। मेजर आशीष का परिवार इस वक्त गम के साए में डूबा हुआ है। मालूम हो कि मेजर आशीष को इसी साल 15 अगस्त को सेना मेडल दिए जाने का ऐलान हुआ था और उन्हें अगले अंलकरण समारोह में इस पदक से सम्मानित किया जाना था।
सीएम मनोहर लाल ने किया नमन
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने शहीद मेजर आशीष को नमन किया। सीएम खट्टर ने ट्वीट किया है कि 'पानीपत के लाल, मेजर आशीष कश्मीर में आतंकियों के मंसूबों को ध्वस्त करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। उनकी इस शहादत को मैं कोटि-कोटि नमन करता हूं। राष्ट्र की रक्षा में उनके योगदान और उनके इस उच्च बलिदान को देशवासी सदैव याद रखेंगे। इस कठिन समय में पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है।'












Click it and Unblock the Notifications