Bahu के बेडरूम में घुसा ससुर, 60 दिन बाद 10 फुट गड्ढे में मिली लाश, Sasur के कबूलनामे में चौंकाने वाले राज
Tanu Rajput Murder Case Sasur Kabulnama : हरियाणा के फरीदाबाद में एक दिल दहलाने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। 25 साल की तन्नू राजपूत की बेरहमी से हत्या कर उसके ससुराल वालों ने शव को अपने घर के सामने 10 फुट गहरे गड्ढे में दफना दिया। दो महीने तक इस भयावह अपराध को छुपाने की कोशिश की गई, लेकिन आखिरकार सच सामने आ गया।
फरीदाबाद पुलिस ने तन्नू के ससुर भूप सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जिसने पूछताछ में हत्या का खौफनाक कबूलनामा किया। आखिर कैसे एक ससुर ने अपनी जवान बहू को मौत के घाट उतारा और शव को ठिकाने लगाया? आइए, इस जघन्य अपराध की पूरी कहानी जानते हैं...

दो महीने पहले रची गई हत्या की साजिश
फरीदाबाद (Faridabad) के रोशन नगर, पल्ला इलाके में रहने वाली तन्नू राजपूत (25) की हत्या 21 अप्रैल 2025 की रात को हुई। तन्नू की शादी जून 2023 में अरुण सिंह (28) से हुई थी, जो उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के खेड़ा गांव की रहने वाली थी। पुलिस के मुताबिक, उस रात तन्नू का पति अरुण काम पर गया था और सास सोनिया उत्तर प्रदेश में एक शादी में शामिल होने गई थी। घर में सिर्फ तन्नू, उसका ससुर भूप सिंह (54), और ससुराल की बेटी काजल मौजूद थे।
पुलिस के अनुसार, रात के खाने के बाद काजल ग्राउंड फ्लोर पर अपने कमरे में सोने चली गई, जबकि तन्नू पहली मंजिल पर अपने कमरे में थी। देर रात भूप सिंह चुपके से तन्नू के कमरे में घुसा और उसका दुपट्टा इस्तेमाल कर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद, उसने शव को घर के सामने पहले से खोदे गए 10 फुट गहरे सोख्ता गड्ढे में फेंक दिया और ऊपर मिट्टी डाल दी।
'Drishyam' फिल्म जैसी साजिश: गड्ढे को सीमेंट से पाटा
हत्या के बाद भूप सिंह ने अपराध को छुपाने के लिए फिल्म 'Drishyam' जैसी चाल चली। अगली सुबह, 22 अप्रैल को, उसने एक राजमिस्त्री को बुलाकर गड्ढे को सीमेंट से भरवा दिया। पड़ोसियों को बताया गया कि यह गड्ढा जलभराव रोकने के लिए खोदा गया था। पड़ोसियों के अनुसार, 22 अप्रैल को इलाके में एक शादी थी, जिसका फायदा उठाकर भूप सिंह ने रात के अंधेरे में शव को दफनाया। गड्ढे को प्लास्टिक की चादरों से ढककर यह जताया गया कि यह दुर्घटनाओं से बचाव के लिए है।
23 अप्रैल को भूप सिंह ने एक अर्थमूवर मशीन मंगवाकर गड्ढे को और पुख्ता कर दिया। इसके दो दिन बाद, 25 अप्रैल को, उसने और उसके बेटे अरुण ने पल्ला पुलिस स्टेशन में तन्नू के लापता होने की शिकायत दर्ज की, जिसमें दावा किया गया कि तन्नू 'मानसिक रूप से अस्थिर' थी और बाजार जाने के बाद लापता हो गई। कुछ पड़ोसियों को यह भी बताया गया कि तन्नू किसी प्रेमी के साथ भाग गई।
कैसे खुला तन्नू की मौत का राज?
तन्नू के पिता हाकिम को बेटी के लापता होने की बात पर यकीन नहीं हुआ। उन्होंने पुलिस को बार-बार बताया कि तन्नू कभी बिना बताए कहीं नहीं जाएगी। हाकिम ने अपनी दूसरी बेटी प्रीति के साथ ससुराल का दौरा किया और घर के सामने ताजा भरे गए गड्ढे पर शक जताया। हाकिम का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को शुरू में गंभीरता से नहीं लिया। आखिरकार, तन्नू के परिवार की लगातार शिकायतों और दबाव के बाद पुलिस ने जांच तेज की।
शुक्रवार, 20 जून 2025 को, नायब तहसीलदार जसवंत सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने जेसीबी मशीन से गड्ढे की खुदाई शुरू की। करीब 8-10 फुट की गहराई पर तन्नू का सड़ा-गला शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान उसके कपड़ों से की गई। यह दृश्य तन्नू के परिवार के लिए दिल दहलाने वाला था, जिन्होंने दो महीने तक अपनी बेटी की तलाश में दिन-रात एक किए थे।
क्या था हत्या का मकसद?
पुलिस के मुताबिक, भूप सिंह ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने तन्नू की हत्या की क्योंकि वह 'घर में कलह का कारण' थी। हालांकि, सराय के सहायक पुलिस आयुक्त राजेश कुमार लोहान ने बताया कि हत्या का मुख्य मकसद दहेज से जुड़ा हो सकता है।
तन्नू के परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। शादी के एक साल तक तन्नू को अपने मायके में रहना पड़ा था, और पंचायत के हस्तक्षेप के बाद ही वह ससुराल लौटी थी। लेकिन ससुराल में उसकी परेशानियाँ खत्म नहीं हुईं।
परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच
पुलिस ने भूप सिंह को दो दिन की हिरासत में लिया है और अरुण सिंह, उनकी पत्नी सोनिया, और बेटी काजल के खिलाफ भी हत्या और दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। एसीपी राजेश कुमार ने कहा, 'हम परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रहे हैं। जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।' पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी है, क्योंकि अरुण और अन्य परिवारजन फरार हैं।
पोस्टमार्टम और आगे की जांच
तन्नू के शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को फरीदाबाद के बादशाह खान सिविल अस्पताल में एक मेडिकल बोर्ड द्वारा किया गया। रिपोर्ट अगले सप्ताह तक आने की उम्मीद है, जो हत्या की परिस्थितियों को और स्पष्ट कर सकती है। पल्ला पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश ने बताया, 'गड्ढा मूल रूप से सीवर कनेक्शन के लिए खोदा गया था, क्योंकि इलाके में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। लेकिन इसका इस्तेमाल अपराध को छुपाने के लिए किया गया।'
पड़ोसियों को नहीं था शक
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि भूप सिंह ने गड्ढे को जलभराव रोकने के लिए खोदने का दावा किया था। एक पड़ोसी ने कहा, '22 अप्रैल को इलाके में एक शादी थी। अगले दिन उन्होंने मशीन से गड्ढा खोदा और जल्दी से उसे भर दिया। हमें कुछ गलत होने का अंदाजा नहीं था।'
दहेज: सामाजिक कलंक
तन्नू राजपूत हत्याकांड ने एक बार फिर दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर सवाल उठाए हैं। तन्नू के परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे सोने और पैसे की मांग के लिए तंग किया जाता था। इस हादसे ने समाज में दहेज जैसी कुप्रथा को खत्म करने की जरूरत को फिर से रेखांकित किया है।
इन सवालों के जवाब अभी भी अधूरे
फरीदाबाद पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रही है। भूप सिंह का कबूलनामा इस जघन्य अपराध की परतें खोल रहा है, लेकिन कई सवाल अभी अनुत्तरित हैं। क्या अरुण, सोनिया, और काजल भी इस हत्या में शामिल थे? हत्या का असली मकसद क्या था? पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी इन सवालों के जवाब दे सकती है। इस बीच, तन्नू के परिवार का गुस्सा और दुख समाज के लिए एक चेतावनी है कि दहेज और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं को जड़ से खत्म करना होगा।
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