फरीदाबाद में 'दृश्यम' जैसा मर्डर, महिला की हत्या कर घर के बाहर दफनाया, फिर दो महीने बाद ऐसे मिला शव
Faridabad Tannu Rajput murder case : फरीदाबाद के पल्ला क्षेत्र के रोशन नगर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 25 वर्षीय तनु राजपूत की हत्या कर उसके ससुरालवालों ने चुपचाप घर के बाहर ही शव को दफना दिया, और पूरे दो महीने तक यह झूठ फैलाते रहे कि वह गायब हो गई है।
हालांकि, यह झूठी कहानी तब उजागर हुई जब तनु के पिता को उसके ससुराल के बाहर बने एक ताजा भरे हुए गड्ढे पर संदेह हुआ। जब पुलिस ने उस गड्ढे की खुदाई की तो उसमें तनु का शव निकला। अब इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें तनु का पति अरुण सिंह भी शामिल है।

तनु राजपूत की शादी साल 2023 में अरुण सिंह से हुई थी। 25 अप्रैल को अरुण ने पल्ला थाने में जाकर शिकायत दर्ज करवाई कि उसकी पत्नी मानसिक रूप से अस्वस्थ है और वह अचानक लापता हो गई है। हालांकि पुलिस द्वारा जब जांच के दौरान तनु के मायके वालों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस बात पर शक जाहिर किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि तनु कहीं नहीं भाग सकती और वह कभी बिना बताए घर नहीं छोड़ सकती। इसी संदेह ने जांच को नया मोड़ दिया।
पिता की सजगता से खुला राज
तनु के पिता जब बेटी की खबर लेने पहुंचे, तो उन्होंने ससुराल के बाहर जमीन पर भरे गए एक ताजे गड्ढे को देखा। उन्होंने पुलिस को इस पर संदेह जताया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ शुरू की और अरुण के पिता भूप सिंह (50) को हिरासत में लिया। कई घंटे की पूछताछ के बाद भूप सिंह ने कबूल कर लिया कि तनु की हत्या कर दी गई थी और उसे घर के बाहर रात के अंधेरे में दफना दिया गया ताकि किसी को शक न हो।
ऐसे रची गई मर्डर की पूरी कहानी
इसके बाद पुलिस ने JCB मशीन बुलवाई और गड्ढे की खुदाई करवाई। तनु के परिवार की आंखों के सामने जब करीब 8 फीट गहराई से तनु का शव निकला, तो माहौल गमगीन हो गया। तनु के कपड़ों को पहचानकर परिवार की आशंका सच साबित हुई और उनका दिल दहल उठा। शव को बादशाह खान सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां मेडिकल बोर्ड ने उसका पोस्टमॉर्टम किया। रिपोर्ट अगले सप्ताह तक आने की संभावना है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तनु की हत्या को पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया। ससुराल वालों ने घर के बाहर एक सोक पिट (soak pit) यानी पानी निकासी वाला गड्ढा खुदवाया और पड़ोसियों से कहा कि यह जल भराव की समस्या को हल करने के लिए है। लेकिन सच्चाई यह थी कि वे तनु के लिए कब्र तैयार कर रहे थे। 22 अप्रैल को गली में एक शादी थी, जिससे ध्यान भटकाने के लिए उन्होंने 23 अप्रैल से खुदाई शुरू करवाई।
गड्ढे को मशीन से खोदवाया और उस पर प्लास्टिक शीट डाल दी ताकि कोई झांके नहीं। जब रात हुई और गली में सन्नाटा छा गया, तब तनु का शव गड्ढे में गाड़ दिया गया, और ऊपर से मिट्टी भरकर ऐसे दिखाया गया जैसे काम पूरा हो गया हो। गड्ढे को मजदूरों से नहीं बल्कि खुद ही भरवाया ताकि साजिश घर के भीतर तक ही सीमित रहे।
पुलिस ने Faridabad murder case के बारे में क्या कहा?
पल्ला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश ने बताया, "गड्ढा अप्रैल में असल में सीवर कनेक्शन के लिए खोदा गया था क्योंकि इस इलाके में अब तक कोई सरकारी जल या सीवर लाइन नहीं है। बाद में परिवार ने उस गड्ढे में रेत भर दी थी, और हत्या के बाद उसी में शव को दफन कर दिया गया। किसी पड़ोसी को भनक तक नहीं लगी।"
इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिसमें अरुण सिंह (पति), भूप सिंह (ससुर), सास और देवर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस हत्या के पीछे की वजह, हत्या की परिस्थितियाँ और इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।
बेटी को खो चुकी मां-बाप की करुण पुकार
तनु राजपूत के माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। उन्होंने बेटी की हत्या पर न्याय की मांग की है। यह मामला न सिर्फ घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अपराधी किस तरह से योजनाबद्ध तरीके से अपराध को छिपाने की कोशिश करते हैं। फरीदाबाद पुलिस ने इस मामले को गंभीर अपराध की श्रेणी में लेकर जांच तेज़ कर दी है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि अदालत इस जघन्य अपराध के लिए आरोपियों को क्या सज़ा सुनाती है।












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