MP News: होली के त्यौहार में गांधी प्राणी उद्यान में गूंजी किलकारी, बाघिन दुर्गा ने दो शावकों को दिया जन्म
प्रसव कराने वाले डॉ. उपेंद्र यादव ने जानकारी दी कि दोनों शावक पीले रंग के हैं। प्रसूता मादा दुर्गा और उसके दोनों शावक स्वस्थ हैं। उनके भोजन में हल्का खाना जैसे चिकन सूप, दूध और उबले अंडे दिए जा रहे हैं।

ग्वालियर के वन्यजीव प्रेमियों को होली के मौके पर एक बड़ी खुशखबरी मिली है। गांधी प्राणी उद्यान में बीते सोमवार की मध्य रात्रि को मादा बाघिन दुर्गा ने 2 शावकों को जन्म दिया है। ये दोनों शावक पीले हैं। दुर्गा और लव बाघ प्रेम के मिलन से पहली बार शावक पैदा हुए हैं। दुर्गा का जन्म भी गांधी प्राणी उद्यान में वर्ष 2018 में हुआ था। फिलहाल मादा दुर्गा और उसके शावक दोनों स्वस्थ हैं।
छोटे शावकों को खाने में चिकन सूप,उबले अंडे, दूध,जैसे हल्का आहार दिया जा रहा है। नगर आयुक्त किशोर कन्याल ने चिड़ियाघर प्रभारी डॉक्टर उपेंद्र यादव और जू क्यूरेटर गौरव परिहार को शावकों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखने और उन्हें 30 से 40 दिनों तक आइसोलेशन में रखने के आदेश दिए गए हैं। शावक नर हैं या मादा, यह कुछ दिनों बाद पता चलेगा।
सेंट्रल जू अथॉरिटी के अनुसार स्वास्थ्य से जुड़े सभी गाइडलाइन का पालन किया जाए। अब चिड़ियाघर में कुल 7 बाघ हैं। इनमें 5 वयस्क और 2 शावक शामिल हैं। 5 वयस्क शावकों में से 2 नर और 3 मादा शावक हैं। इससे पहले वर्ष 2011 और 2018 में भी चिड़ियाघर में बाघों की संख्या बढ़ी थी। वर्तमान में यहां के सभी बाघ चिड़ियाघर में ही पैदा हुए हैं। गत 30 अक्टूबर को यहां बब्बर शेर का कुनबा भी बढ़ गया था। जब मादा बब्बर शेर परी और नर जय के मिलन से 3 शावकों का जन्म हुआ। इनमें 2 नर और 1 मादा शावक थे।
इन शावको की आइसोलेशन अवधि समाप्त होने के बाद इन्हें खुले बाड़े में छोड़ दिया जाएगा। इसके बाद इनके नामकरण की प्रक्रिया की जाएगी। इसमें नगर निगम द्वारा एक प्रक्रिया की जाती है। जिसके तहत इसके लिए विद्यार्थियों से शावकों के नाम के सुझाव लिए जाते हैं। शावकों के नाम उनके पसंदीदा मनपसंद के आधार पर रखे जाते हैं।












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