कौन हैं मनोज कुमार दास? जिन्हें गुजरात सरकार मेंं मिली अब नई जिम्मेदारी, जानिए अब तक का सफर
Who is IAS Manoj Kumar Das: गुजरात सरकार ने 1990 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी मनोज कुमार दास को राज्य का नया मुख्य सचिव (Chief Secretary) नियुक्त किया है। वह वर्तमान मुख्य सचिव पंकज जोशी के सेवानिवृत्त होने के बाद 31 अक्टूबर 2025 (ए.एन.) से पदभार ग्रहण करेंगे। इस संबंध में सोमवार को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने अधिसूचना जारी की।
मनोज कुमार दास इस समय मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में अतिरिक्त मुख्य सचिव (Additional Chief Secretary) के रूप में कार्यरत हैं। अब वे राज्य के शीर्ष नौकरशाह के रूप में प्रशासनिक व्यवस्था का नेतृत्व करेंगे। आइए जानते हैं उनका अब तक प्रशासनिक सफर...

तीन दशक का प्रशासनिक अनुभव
मनोज कुमार दास 1990 बैच के गुजरात कैडर के IAS अधिकारी हैं। उनका प्रशासनिक अनुभव 30 वर्षों से अधिक का है। उन्होंने राज्य और केंद्र - दोनों स्तरों पर कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उनकी पहचान एक कुशल प्रशासक, नीति निर्माता और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर के रूप में की जाती है। मनोज दास का जन्म 20 दिसंबर 1966 को हुआ था। उन्होंने IIT खरगपुर से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बी.टेक (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की है। वे बांग्ला, हिंदी, अंग्रेजी और गुजराती - चारों भाषाओं में निपुण हैं।
मनोज कुमार दास का प्रशासनिक सफर
दास ने अपने करियर की शुरुआत वडोदरा में जिला विकास अधिकारी (DDO) के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने कई जिलों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया और अपने परिणाममुखी कार्यशैली के लिए ख्याति अर्जित की।
प्रमुख पद जिन पर रहे -
- नगर आयुक्त, वडोदरा और सूरत - शहरी विकास में उनके योगदान के लिए उन्हें 8 राष्ट्रीय पुरस्कार मिले।
- संयुक्त प्रबंध निदेशक, गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (GSPC)
- निदेशक एवं उप सचिव, गृह मंत्रालय (भारत सरकार)
- प्रधान सचिव, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग
अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग एवं खनन विभाग - यहां उन्होंने गुजरात इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2020 को आठ भाषाओं में लॉन्च कराया ताकि विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सके। मनोज कुमार दास ने उद्योग और खनन विभाग के प्रमुख के रूप में गुजरात को Ease of Doing Business के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
उन्होंने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2019 के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे गुजरात एक वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में उभरा। बाद में उन्होंने बंदरगाह एवं परिवहन विभाग का कार्यभार संभाला और कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को दिशा दी -
- गुजरात मेरीटाइम यूनिवर्सिटी की स्थापना
- गुजरात मेरीटाइम क्लस्टर का विकास
- गुजरात पोर्ट्स लॉजिस्टिक्स कंपनी की शुरुआत
सागरमाला, मेरीटाइम इंडिया विज़न और मेक इन इंडिया जैसी राष्ट्रीय योजनाओं के अनुरूप हरित (Greenfield) पोर्ट प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा
ऐसा रहा है उनका करियर
मनोज दास अपने सहयोगियों के बीच एक 'टास्कमास्टर' के रूप में जाने जाते हैं - जो काम पूरा करने में दक्ष हैं और अपने अधीनस्थों से मजबूत पेशेवर संबंध बनाए रखते हैं। वे लंबे समय से मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन के साथ कार्य कर चुके हैं। उनकी विश्वसनीयता और दक्षता को देखते हुए उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में दोबारा लाया गया।
मनोज कुमार दास को शहरी प्रशासन और विकास में उत्कृष्ट कार्य के लिए कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। सूरत और वडोदरा नगर निगम के कार्यकाल के दौरान उनके नेतृत्व में शहरों को शहरी सुधार के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा, गुजरात के राज्यपाल द्वारा उन्हें ग्रामीण विकास में योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है।
गुजरात सरकार इस समय औद्योगिक विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ के नए दौर में प्रवेश कर रही है। ऐसे समय में मनोज दास की नियुक्ति से शासन व्यवस्था में न केवल नीतिगत स्थिरता आएगी, बल्कि कार्यान्वयन की गति भी तेज होने की उम्मीद है।












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