Covaxin: अब गुजरात के अंकलेश्वर में बनेगी कोरोना की वैक्सीन, मोदी सरकार ने उत्पादन को मंजूरी दी
गांधीनगर। दुनिया के सबसे बड़े कोविड वैक्सीनेशन प्रोग्राम में जल्द ही तेजी आने वाली है। सरकार कोविड-19 वैक्सीन के उत्पादन को बढ़ाने के कदम उठा रही है। इसके लिए आज केंद्र सरकार ने भारत बायोटेक की कोवैक्सिन के उत्पादन के लिए गुजरात के अंकलेश्वर में एक यूनिट को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस बारे में जानकारी दी। मंडाविया ने बताया कि, हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक भारत में स्वदेशी स्तर पर वैक्सीन विकसित कर रही है और अब व्यापक स्तर पर वैक्सीन की शीशियां उपलब्ध हो सकें, इसके लिए एक और वैक्सीन निर्माण इकाई को मंजूरी दी गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एवं रसायन-उर्वरक दोनों विभागों का नेतृत्व करने वाले मंत्री मंडाविया ने उल्लेख करते हुए कहा, 'सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के बाद, अब वैक्सीन के निर्माण की इकाई शुरू होने पर कोवैक्सीन की उपलब्धता बढ़ेगी। उसके बाद से दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन अभियान में और तेजी आएगी।' बता दिया जा कि, इसी साल मई के महीने में भारत बायोटेक ने भी घोषणा की थी कि, वह अपनी सहायक कंपनी अंकलेश्वर स्थित सुविधा में कोवैक्सीन की अतिरिक्त 20 करोड़ खुराक का उत्पादन करने की योजना बना रही है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर बताया गया कि, सरकार की कोविशील्ड की मासिक वैक्सीन उत्पादन क्षमता 11 करोड़ डोज से बढ़ाकर 12 करोड़ डोज प्रति माह और कोवैक्सिन की 2.5 करोड़ डोज से बढ़ाकर लगभग 5.8 करोड़ करने की योजना है। जानकारी के लिए बताते चलें कि, इस साल की शुरूआत में 16 जनवरी से 5 अगस्त तक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा कोविशील्ड की 44.42 करोड़ डोज और भारत बायोटेक द्वारा कोवैक्सिन की 6.82 करोड़ डोज देश के वैक्सीनेशन प्रोग्राम के लिए आपूर्ति की गई थी। अब नई निर्माण इकाई शुरू होने पर वैक्सीनेशन में और तेजी आएगी।

ऐसे शुरू हुआ कोविड वैक्सीन विकास मिशन
सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत जैव प्रौद्योगिकी अनुभाग ने 'भारतीय कोरोना टीका विकास' मिशन शुरू किया था। इस मिशन को जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी), जैव प्रौद्योगिकी विभाग के एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है। भारत बायोटेक कंपनी का कहना है कि, उनकी कोवैक्सीन ने कोरोना के खिलाफ 77.8% प्रभावशीलता और B.1.617.2 डेल्टा वैरियंट के खिलाफ 65.2% सुरक्षा का प्रदर्शन किया। मतलब यह काफी है।












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