कोरोना से जान गंवाने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल की आज भरूच में अंत्येष्टि, खोदी गई कब्र
भरूच। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल की आज उनके पैतृक गांव में अंतिम-क्रिया होगी। उनका पैतृक गांव (पीरामल) गुजरात के भरूच जिले में है। अहमद की इच्छा थी कि, उन्हें उनकी पैतृक भूमि के सीमाने में ही दफनाया जाए। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भरुच पहुंच रहे हैं। जहां पटेल का शव ले जाया गया है। उनकी अंत्येष्टि के समय कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गांधी भी मौजूद रहेंगे। काफी कांग्रेस नेता पहुंच भी चुके हैं। जिनकी तस्वीरें सामने आई हैं। वहीं, पार्टी की ओर से सभी राज्यों की यूनिट से पार्टी के झंडे को तीन दिन तक झुकाए रखने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही सभी राज्यों के मुख्यालयों से अहमद पटेल के निधन के शोक में शोक सभा भी आयोजित कराई गई हैं। पार्टी के दिल्ली मुख्यालय में भी कांग्रेस के झंडे को आधा झुका दिया गया है।
Recommended Video

कल हरियाणा के अस्पताल में ली थी अंतिम सांस
अहमद पटेल का निधन 25 नवंबर की रात्रि करीब 3:30 बजे हुआ था। उन्होंने हरियाणा के गुडगांव स्थित मेंदाता अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह कोरोना से संक्रमित थे और 15 नवंबर से ही मेंदाता में भर्ती थे। उनके बेटे फैजल ने जानकारी देते हुए कहा, "गहरे दुःख के साथ, मुझे सूचित करना पड़ रहा है कि मेरे पिता अहमद पटेल का असामयिक निधन हो गया है। वह करीब एक महीने पहले कोविद-19 की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से संघर्ष कर रहे थे। उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके चलते उनका स्वास्थ्य और अधिक बिगड़ गया। अल्लाह उन्हें जन्नत में जगह दे।

कांग्रेस सुप्रीमो, प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति ने जताई संवेदनाएं
कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी एवं देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पटेल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। कोविंद ने कहा कि, उनके सौम्य व मिलनसार व्यक्तित्व के चलते हर राजनीतिक दल में उनके मित्र थे, तो वहीं पीएम मोदी ने भी अहमद पटेल के निधन पर दुख जताते हुए ट्वीट किया कि अहमद पटेल जी के निधन से दुखी हूं, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई साल समाज की सेवा में बिताए, अपने तेज दिमाग के लिए जाने जाने वाले अहमद पटेल को कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने में उनकी भूमिका हमेशा याद की जाएगी।

गांधी परिवार के बेहद करीबी थे अहमद पटेल
71 वर्षीय अहमद पटेल गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाते थे। वह 3 बार लोकसभा और 5 बार राज्यसभा सांसद रहे। उन्होंने अपना पहला लोकसभा चुनाव 26 वर्ष की उम्र में भरूच से जीता था। सोनिया गांधी के विशेष सलाहकार अहमद पटेल को पार्टी का 'संकटमोचक' कहा जाता था , उन्हें 2018 में कांग्रेस पार्टी का कोषाध्याक्ष बनाया गया था, साथ ही वे साल 1993 से राज्यसभा सांसद थे।












Click it and Unblock the Notifications