Success Story: सड़क किनारे पिता की है चाय की दुकान, बेटी ने किया नाम रोशन, जिले की बनी सेकेंड टॉपर
Gorakhpur: बेहद ही गरीब पृष्ठभूमि से आने वाली आस्था गुप्ता ने बोर्ड परीक्षा में गोरखपुर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। आइए जानते है क्या है इनकी सक्सेस स्टोरी।

Gorakhpur News: यूपी बोर्ड की 10वीं व 12वीं की के परीक्षा परिणाम आ चुके हैं। बेटियों ने एक बार फिर बाजी मारते हुए अपना परचम लहराया है। बेटियों ने एक बार फिर साबित किया है कि अगर उन्हें मौका मिले तो वो किसी से कम नहीं। संघर्ष व कम संसाधन के बाद भी वो मुकाम हासिल कर सकती हैं इसका साक्षात उदाहरण है गोरखपुर की बेटी आस्था। आस्था के पिता चाय की छोटी सी दुकान चलाते हैं। पढ़ाई के दौरान विपरीत परिस्थितियों के बाद भी आस्था ने हिम्मत नहीं हारी और इंटरमीडिएट की परीक्षा में 95.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले की सेकेंड टॉपर बनी हैं। आइए जानते हैं आस्था ने आखिर कैसे हासिल किया यह मुकाम-
माता- पिता के विश्वास को और मिली मजबूती
तीन भाई- बहनों में सबसे बड़ी आस्था ने आस्था शब्द का मान रखा है। पिता मनोज व मां निशा गुप्ता के विश्वास को और मजबूत किया है। उनके सपनों में जान डाल दी है। उसने यह साबित कर दिया है कि बेटी भी मां- बाप का सपना साकार कर सकती है, उनका मान बन सकती है।
पिता की है चाय की दुकान
आस्था के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। पिता मनोज कुमार गुप्ता एमजी इंटर कॉलेज के पास सड़क किनारे एक चाय की दुकान है। इसी से वह अपने पूरे परिवार का भरण- पोषण करते हैं।
परेशानी के बाद भी पढ़ाया बेटी को
लाख परेशानियों का सामने करने के बाद भी मनोज कुमार ने अपने बेटी की पढ़ाई में कोई दिक्कत नहीं आने दी। खुद दिन भर धूप में जलने के बाद भी बेटी के सपनों को साकार करने का जज्बा नहीं छोड़ा।
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बचपन से प्रतिभावन है आस्था
पिता मनोज बताते हैं कि बेटी आस्था बचपन से ही पढ़ने में अच्छी थी। उसकी रुचि अध्ययन में थी। घर पर वह हमेशा अपने किताबों के साथ रहती थी। जब भी मौका मिलता अपनी पढ़ाई शुरु कर देती। उसकी इसी रुचि को देखकर मैनें उसे पढ़ाया और आगे भी उसे हर संभव संसाधन पढ़ाई के लिए उपलब्ध कराऊंगा।
परिणाम आते ही परिजनों के आंखों में थे खुशी के आंसू
बेटी टॉपरों की सूची में शामिल है यह सुन परिजनों के आंखों में आंसू आ गया। लेकिन ये खुशी के आंसू थे। माता- पिता के साथ भाई बहनों का सपना आस्था ने साकार किया था।
शिक्षकों को है आस्था पर नाज
आस्था सरस्वती शिशु मंदिर आर्य नगर गोरखपुर की छात्रा हैं। उनके इस परिणाम से पूरा विद्यालय परिवार खुश है। प्रबंधक, प्रधानाचार्य, शिक्षक व छात्र- छात्राओं ने सुनहरे भविष्य की कामना करते हुए बधाई व शुभाकमानाएं दी हैं।
आस्था ने कहा
आस्था अपने परिणाम से खुश जरुर हैं लेकिन कहती हैं मंजिल अभी दूर है। मुझे अभी और मेहनत करनी है। अपने प्रयास को जारी रखना है। मुझे डॉक्टर बन समाज व देश की सेवा करनी है। आस्था ने बताया कि सतत प्रयास व कठोर परिश्रम से हर मंजिल पायी जा सकती है।












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