DDU University में "चंदन वाटिका" का भव्य शुभारंभ, कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने लगाया पौधा
DDU University Gorakhpur: आज 15 जुलाई 2025 को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एक प्रेरणास्पद और पर्यावरणीय चेतना से ओतप्रोत पहल के अंतर्गत "चंदन वाटिका" की स्थापना एवं शुभारंभ किया गया। यह वाटिका विश्वविद्यालय के प्राणि विज्ञान शोध भवन के सामने विकसित की गई है और इसका उद्देश्य न केवल परिसर को हरित और सुगंधित बनाना है, बल्कि विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना भी है।
यह नवाचार उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पर्यावरण-संवेदनशील प्रेरणा का परिणाम है, जिनकी पहल पर राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में औषधीय एवं पर्यावरणीय महत्व वाले वृक्षों का रोपण किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस भावना को आत्मसात करते हुए "चंदन वाटिका" की संकल्पना को साकार किया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने अपने कर-कमलों से चंदन का पौधा लगाकर इस शुभ पहल का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा:
"चंदन वृक्ष न केवल अपनी सुगंध और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है, बल्कि यह भारतीय सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। ऐसे वृक्षों का रोपण कर हम न केवल पर्यावरण की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों की विरासत भी छोड़ रहे हैं। विश्वविद्यालय की 'ग्रीन कैंपस' नीति इसी प्रकार की पहलों से सशक्त होगी।"
चंदन वाटिका में विशेष रूप से चयनित चंदन के पौधे रोपित किए जा रहे हैं, जिनका वैज्ञानिक, औषधीय और सांस्कृतिक महत्त्व है। यह वाटिका आने वाले वर्षों में छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक अध्ययन एवं अनुशीलन केंद्र के रूप में भी कार्य करेगी।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. अनुभूति दुबे द्वारा किया गया। उन्होंने कहा: "चंदन वाटिका न केवल एक प्रतीकात्मक परियोजना है, बल्कि यह एक दीर्घकालिक जैविक निवेश है, जो विश्वविद्यालय के वातावरण को समृद्ध बनाएगा और हमारे विद्यार्थियों को प्रकृति से गहरे स्तर पर जोड़ने में मदद करेगा।"
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के अनेक वरिष्ठ सदस्य, विभागाध्यक्षगण, निदेशकगण एवं संकायजन गरिमामयी उपस्थिति के साथ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इनमें प्रमुख रूप से:
• प्रो. जितेन्द्र मिश्र
• प्रो. विनय कुमार सिंह
• प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी
• प्रो. आर. ए. सिंह
• प्रो. रविकान्त उपाध्याय
• प्रो. वीना बत्रा कुशवाहा
• प्रो. उषा सिंह
• प्रो. सुषमा पाण्डेय
• प्रो. दिव्या रानी सिंह
• डॉ. कुशलनाथ मिश्र
• प्रो. केशव सिंह
• प्रो. विनोद कुमार सिंह
• प्रो. निखिल कान्त शुक्ला
• डॉ. सत्यपाल सिंह
• डॉ. अमित उपाध्याय
• डॉ सूर्यकान्त त्रिपाठी
सभी ने व्यक्तिगत रूप से पौधारोपण में भाग लेकर पर्यावरण-संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम के समापन पर कुलपति महोदया ने विश्वविद्यालय परिवार के प्रत्येक सदस्य से आह्वान किया कि वे अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल व्यवहार अपनाएं तथा वृक्षारोपण एवं संरक्षण को अपनी नैतिक जिम्मेदारी बनाएं। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यह आशा जताई गई कि भविष्य में इस चंदन वाटिका का संरक्षण सामूहिक उत्तरदायित्व के रूप में किया जाएगा












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