AIIMS Gorakhpur की इस खास पहल से आर्थोपेडिक सर्जरी को ऐसे मिलेगा बढ़ावा
AIIMS Gorakhpur Latest News Hindi Uttar Pradesh: गोरखपुर में स्थित एम्स में 23 तारीख को "ऑपरेटिंग रूम कर्मियों के लिए कार्यशाला: आर्थोपेडिक इम्प्लांट्स" विषय पर एक दिवसीय निरंतर चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन एम्स की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल(कार्यान्वित) डॉ विभा दत्ता के मार्गदर्शन में एम्स के हड्डी रोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ अजय भारती, उनकी टीम और DePuy Synthes, Johnson & Johnson medtech team के सहयोग से किया गया था।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आर्थोपेडिक सर्जरी में उपयोग होने वाले विभिन्न इम्प्लांट्स और उपकरणों के बारे में ऑपरेटिंग रूम कर्मियों (ORP) के ज्ञान और कौशल को बढ़ाना था। कार्यक्रम में कुल 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें नर्सें, तकनीशियन और अन्य सहायक कर्मचारी शामिल थे।

कार्यशाला में एम्स के वरिष्ठ आर्थोपेडिक सर्जन, डॉ अजय भारती , ने मुख्य वक्ता के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराराई। उन्होंने आर्थोपेडिक इम्प्लांट्स के प्रकार, उनके उपयोग, इम्प्लांट्स को संभालने के सही तरीके और संक्रमणनियंत्रण के उपायों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। इसके अतिरिक्त, AO foundation (Johnson & Johnson medtech) team के विशेषज्ञों ने इम्प्लांट्स की नई तकनीकों और सर्जिकल उपकरणों के प्रदर्शन के साथ एक व्यावहारिक सत्र भी आयोजित किया।

एम्स की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल(कार्यान्वित) डॉ विभा दत्ता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, "हमारा लक्ष्य हमेशा अपने कर्मचारियों को नवीनतम चिकित्सा ज्ञान और तकनीकों से लैस करना है। यह CME हमें इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने में मदद करता है। इस तरह के कार्यक्रम हमारे ऑपरेटिंग रूम की कार्यक्षमता और रोगी सुरक्षा में सुधार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।"
यह कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए अत्यंत लाभदायक रही, जिसने उन्हें आर्थोपेडिक प्रक्रियाओं के दौरान इम्प्लांट्स के प्रबंधन में अधिक आत्मविश्वास प्रदान किया। एम्स अस्पताल भविष्य में भी ऐसे ही ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।












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