Ghazipur news: गाजीपुर में रात 2 बजे झोपड़ी में घुसा ट्रेलर, मां-बेटी की हालत गंभीर, तीन मासूम की गई जान
Ghazipur news: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहां शुक्रवार की देर रात एक बेकाबू ट्रेलर ने सड़क किनारे झोपड़ी में सो रहे परिवार को कुचल दिया। इस हादसे में तीन मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसे की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे बिहार बॉर्डर से पकड़ लिया है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है।

पुलिस के अनुसार, यह दर्दनाक घटना गहमर थाना क्षेत्र के पथरा गांव के पास एनएच-124सी पर हुई। मृतकों में एक ही परिवार के तीन बच्चे शामिल हैं। वहीं, इस हादसे में घायल मां और एक बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है।
झोपड़ी में सोते वक्त हुआ हादसा
गांव के लालजी डोम का परिवार मां कामाख्या धाम के पास झोपड़ी बनाकर जीवन यापन करता है। रोज की तरह शुक्रवार रात भी पूरा परिवार खाना खाकर सो गया था। इसी बीच देर रात करीब दो बजे तेज रफ्तार से आ रहा एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर सीधे झोपड़ी पर चढ़ गया।
हादसा इतना भीषण था कि झोपड़ी में सो रही कबूतरी (5) और ज्वाला (2) की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा हादसे में लालजी की पत्नी संतरा देवी (30), बेटी सपना (7) और एक अन्य बच्चे को गंभीर चोटें आईं।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
घटना की जानकारी मिलते ही गहमर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदौरा पहुंचाया गया। वहां से सपना और उसकी मां संतरा की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इसी बीच सात वर्षीय सपना ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीन मासूमों की मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। लालजी डोम इस वक्त सदमे में हैं क्योंकि घटना के समय वह घर पर नहीं थे। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने किया त्वरित एक्शन
हादसे के बाद ट्रेलर चालक ट्रक लेकर फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे बिहार सीमा से पकड़ लिया। गहमर कोतवाल अशेष नाथ सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घायलों का इलाज चल रहा है। पुलिस की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में कुछ संतोष है, लेकिन प्रशासनिक मदद को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
तीन बच्चों को खोने के बाद लालजी डोम का परिवार पूरी तरह टूट चुका है। अभी तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। न ही परिवार को कोई आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को तुरंत आगे आकर मदद करनी चाहिए और दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।












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