क्या होता है Market Capitalisation, इस कंपनी का मार्केट कैप 200 देशों की अर्थव्यवस्था से भी ज्यादा
Market Capitalisation: सीएनबीसी के अनुसार अमेरिकी कंपनी एप्पल का मार्केट कैप 30 जून 2023 को $3 ट्रिलियन से ज्यादा हो गया है। जिसके चलते कंपनी का एक शेयर $190.73 पर पहुंच गया है। फिलहाल एप्पल दुनिया की एकमात्र कंपनी है जिसने $3 ट्रिलियन का मार्केट कैप (Market Capitalisation) हासिल किया है। इससे पहले जनवरी 2022 में भी कंपनी ने यह आंकड़ा छुआ था।
दरअसल, कारोबार जगत में मार्केट कैप के आधार पर ही किसी भी कंपनी की हैसियत का पता चलता है। इसलिए यह एक बड़ा सवाल है कि आखिर यह मार्केट कैप कैसे तय किया जाता है? इसका कैसे आकलन किया जाता है?

मार्केट कैप बनाम देशों की अर्थव्यवस्था
आगे बढ़ने से पहले आपको बता दें कि दुनिया में सिर्फ 6 देश ही ऐसे हैं जिनकी अर्थव्यवस्था एप्पल की मार्केट कैप से ज्यादा है। इस क्रम में अमरीका $25 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के साथ पहले पायदान पर है। दूसरे पायदान पर चीन है, जिसकी अर्थव्यवस्था $18 ट्रिलियन से ज्यादा है। जबकि जापान $4.3 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के साथ तीसरे तथा $4.0 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के साथ जर्मनी चौथे स्थान पर है।
पांचवां स्थान भारत का आता है, जिसकी अर्थव्यवस्था $3.46 ट्रिलियन है। भारत के बाद ब्रिटेन का नंबर है, जिसकी अर्थव्यवस्था ($3.19 ट्रिलियन) एप्पल की मार्केट कैप से ज्यादा है। गौरतलब है कि दुनिया के बाकी 200 से भी ज्यादा देशों की अर्थव्यवस्था एप्पल की मार्केट कैप से कम है।
क्या होती है मार्केट कैप?
मार्केट कैपिटलाइजेशन को शॉर्ट रूप में मार्केट कैप कहते है। हिन्दी में इसे 'बाजार पूंजीकरण' कहते है। मार्केट कैप एक प्रकार से कंपनी की कुल मार्केट वैल्यू यानी हिस्सेदारी होती है। साधारण शब्दों में समझें तो यह सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी के बकाया कुल शेयरों का बाजार मूल्य होता है। दरअसल, बकाया शेयर स्टॉक सार्वजनिक बाजारों में खरीदा और बेचा जाता है।
मार्केट कैप को कंपनी द्वारा जारी किए जाने वाले बकाया शेयर (आउटस्टैंडिंग शेयर) की संख्या को वर्तमान में उसके एक शेयर मूल्य से गुणा करके निकाला जाता है। आउटस्टैंडिंग शेयर, कंपनी के वे शेयर होते हैं जो वर्तमान में उसके शेयरधारकों के पास है और निवेश के लिए उपलब्ध हैं। इन शेयरों का मूल्य बदलता रहता है।
मार्केट कैप के प्रकार
आमतौर पर कारोबारी बाजार में कंपनी की कुल मौजूदा पूंजी के हिसाब से मार्केट कैप की तीन श्रेणियां होती हैं -
लार्ज यानि बड़ा मार्केट कैप - इन्वेस्टोपीडिया द्वारा साल 2019 में दी गयी परिभाषा के अनुसार, $10 बिलियन या इससे अधिक बाजार पूंजी वाली कंपनी को लार्ज कैप कंपनी कहा जाता है। जबकि 1950 में $1 बिलियन वाली कंपनी को लार्ज कैप कंपनी कहा जाता था। अगर हम भारतीय मुद्रा में बात करें तो ₹20 हजार करोड़ से अधिक बाजार पूंजी वाली कंपनी को इस श्रेणी में रखा जाता है। वहीं भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड़ (सेबी) के अनुसार बाजार पूंजी में पहले 100 नंबर (स्टॉक एक्सचेंज पर) यानि 1 से 100 नंबर तक आने वाली कंपनी को लार्ज कैप कंपनी माना जाता है। आजकल लार्ज मार्केट कैप के स्थान पर मेगा कैप कंपनी का भी प्रचलन है।
मिड यानि मध्यम मार्केट कैप - अंतरराष्ट्रीय बाजार में $2 बिलियन से $10 बिलियन और भारत में ₹5 हजार करोड़ से ₹20 हजार करोड़ की बाजार पूंजी वाली कंपनी को मिड कैप कंपनी की श्रेणी में रखा जाता है। सेबी ने फिलहाल 101 से लेकर 250 तक रैंक वाली कंपनियों को मिड कैप में शामिल किया है। इन्हें माइक्रो कैप कंपनी भी कहा जाता है।
स्माल यानि छोटा मार्केट कैप - $2 बिलियन या ₹5 हजार करोड़ से कम की बाजार पूंजी वाली कंपनियों को स्माल कैप कंपनी के अंतर्गत रखा जाता है। वर्तमान में सेबी 250 रैंक से नीचे की कंपनियों को स्माल कैप श्रेणी में रखा हुआ है। आजकल इसे नैनो कैप कंपनी भी कहा जाता है।
मार्केट कैप की गणना
मार्केट विशेषज्ञों ने मार्केट कैप गणना के लिए एक सूत्र निर्धारित किया है। जिसके द्वारा कंपनी की मार्केट कैप निकालकर उसकी कैप श्रेणी निर्धारित की जाती है - एमसी (मार्केट कैप) = एन. (कंपनी द्वारा जारी कुल शेयर का नंबर) x पी. (वर्तमान प्रति शेयर कीमत या प्राइस)।
इस प्रकार मार्केट कैप कंपनी द्वारा जारी कुल शेयरों की संख्या को वर्तमान समय में कंपनी के एक शेयर की कीमत से गुणा करने पर निकाला जाता है। यह निवेशकों के निवेश करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक उदाहरण से इसको इस प्रकार समझ सकते हैं कि माना किसी कंपनी ने 10 लाख शेयर जारी किये हैं और वर्तमान में उसके शेयर की वैल्यू ₹225 है, तो कंपनी की मार्केट कैप होगी - 10,00,000 x 225 = 22,50,00,000 रुपये, अर्थात 22 करोड़ 50 लाख रुपए।
मार्केट कैप का महत्व
मार्केट कैप निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, निवेशकों द्वारा मार्केट कैप का उपयोग स्टॉक का मूल्यांकन करने के लिए व्यापक रूप से किया जाता है। उन्हें इसके अध्ययन से कंपनी की मार्केट स्थिति व उसके जोखिम का पता चलता हैं। मार्केट कैप के अध्ययन से निवेशक कंपनी का भविष्य (फ्यूचर पॉसिबिलिटी), कंपनी का ग्रोथ और रिटर्न के बारे में भी अंदाजा लगा सकते हैं। इसके अलावा, मार्केट कैप का उपयोग स्टॉक मार्केट सूचकांकों के लिए भी किया जाता है। जिससे कंपनी की रैंक निर्धारित होती है। वहीं निवेशक मार्केट कैप से विभिन्न कंपनियों की तुलना कर अपना निवेश करते हैं।












Click it and Unblock the Notifications