US Intelligence Report: चीन और पाकिस्तान से भारत के तनाव को लेकर अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट
अमेरिकी खुफिया विभाग ने अमेरिकी संसद के सामने ऐसी रिपोर्ट पेश की, जिससे खलबली मच गई है। इसमें भारत, चीन और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर बात की गई है।

US Intelligence Report: भारत के चीन और पाकिस्तान के साथ आपसी संबंधों को लेकर वैसे तो दुनियाभर में चर्चा होती रहती है। लेकिन, इसे लेकर अब अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें दावा किया गया है कि आने वाले समय में भारत से चीन और पाकिस्तान दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण रहने वाले हैं। साथ ही इस रिपोर्ट में अमेरिका ने चीन से खुद को भी खतरा माना है।
8 मार्च 2023 को अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के कार्यालय द्वारा अमेरिकी संसद में एनुअल इंटेलिजेंस थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट (Annual Intelligence Threat Assessment Report) पेश की गयी। जिसमें अमेरिकी सांसदों को आगामी बाहरी खतरों से संबंधित जानकारी दी गई है।
क्या है उस रिपोर्ट में?
इस खुफिया रिपोर्ट में अमेरिका ने चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया के बारे में पूरी विस्तृत रिपोर्ट संसद में पेश की है। साथ ही इस रिपोर्ट में अमेरिकी हितों के हिसाब से जहां-जहां दुनिया में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, उसके बारे में भी लिखा है। जिसमें नंबर एक पर भारत-चीन के विवादित रिश्ते, नंबर दो पर भारत-पाकिस्तान के हालात और नंबर तीन पर अजरबेजान और अरमेनिया विवाद (जंग) के बारे में लिखा गया है।
रिपोर्ट में भारत-चीन के रिश्तों के बारे में लिखने से पहले के पैराग्राफ में लिखा गया है कि रूस-यूक्रेन की जंग ने यह बात दुनिया को समझा दी है कि अगर दो देश लड़ते हैं तो नुकसान सिर्फ दो देशों का ही नहीं होता है बल्कि उसका वैश्विक स्तर पर गंभीर असर पड़ता है। ऐसी स्थिति में अमेरिका को ध्यान रखना होगा कि ऐसे मुद्दों पर जिसका गहरा असर वैश्विक हो सकता है। इसमें चीन-भारत का विवाद भी महत्वपूर्ण है।
'भारत और चीन के बीच रिश्ते तनावपूर्ण'
इस रिपोर्ट में लिखा गया है कि भारत और चीन के बीच कई बार सीमा को लेकर द्विपक्षीय बातचीत हुई और कई सीमा बिंदुओं पर तनाव को सुलझाया गया लेकिन 2020 में हुई हिंसक झड़प के कारण दोनों देशों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण बने रहेंगे। वहीं दोनों देशों द्वारा विवादित स्थल (सीमाओं) पर सेनाओं की तैनाती दोनों परमाणु शक्तियों में सशस्त्र जोखिम को बढ़ाती है। पिछले गतिरोधों से पता चलता है कि एलएसी पर छोटे टकराव भी तेजी से बड़ा रूप लेने की क्षमता रखते हैं।
रिपोर्ट में भारत-पाक को लेकर क्या कहा गया?
अमेरिकी एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में जम्मू और कश्मीर को भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ने की अहम वजह माना है। रिपोर्ट में लिखा गया है कि 2021 में लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर हुए सीजफायर के अहम समझौते के बाद दोनों देश संबंधों में शांति कायम रखना चाहते हैं। हालांकि, भारत विरोधी आतंकवाद का समर्थन करने का पाकिस्तान का पुराना इतिहास रहा है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में पाकिस्तान की किसी भी भड़काऊ हरकत का भारत अपने सैन्य बल से कड़ा जवाब दे सकता है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव और जम्मू और कश्मीर में अशांति या भारत में एक भी आतंकवादी हमला हुआ तो लड़ाई की संभावना अत्यधिक है।
चीन को लेकर क्या कहा गया?
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी देश को पूर्वी एशिया में प्रमुख शक्ति बनाने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विजन को हासिल करने के लिए पार्टी, विश्व स्तर पर अमेरिका के प्रभाव को कम करने सहित अमेरिका को नीचा दिखाना चाहती है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि शी जिनपिंग ने अपना तीसरा कार्यकाल शुरू कर दिया है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) स्व-शासित ताइवान पर एकीकरण हेतु दबाव डालने, अमेरिकी प्रभाव को कम करने, अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच गलतफहमियां पैदा करने का काम करेगी। साथ ही चीन के नेता संभवत: अमेरिका के साथ तनाव कम करने के उन अवसरों की तलाश करेंगे, जब उन्हें लगेगा कि ऐसा करना उनके हितों के अनुकूल है।
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