Saudi Arabia Reforms: बदल रहा है सऊदी अरब, अब फिल्म, फैशन, संगीत पर रोक नहीं
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और PM मोहम्मद बिन सलमान आधुनिक बदलावों के लिए जाने जाते हैं। विजन 2030 के तहत सऊदी सरकार अपनी कमाई के लिए तेल पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहती है। इसलिए उसने कुछ ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।

Saudi Arabia Reforms: आमतौर पर सऊदी अरब की पहचान वहाबी मत को मानने वाले एक कट्टर सुन्नी देश के नाते होती है। यहां की कानून व्यवस्था इस्लाम के पुराने कानून शरीयत के अनुसार चलती है। मगर अब यह देश अपनी इस पहचान को बदलने की कोशिश कर रहा है। जब सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सत्ता संभाली तो वह कुछ प्रगतिशील बदलाव लाने में सफल रहे। साल 2015 में सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद सऊदी अरब के शाह बने। किंग बनने के बाद से ही सलमान की सेहत में गिरावट आने लगी और उनके बेटे मोहम्मद बिन सलमान कई महत्त्वपूर्ण ओहदों के साथ किंग सलमान की छत्रछाया में काम करने लगे।
साल 2017 में मोहम्मद बिन सलमान को सऊदी अरब का क्राउन प्रिंस नियुक्त किया गया। इसके बाद, मोहम्मद बिन सलमान ने सऊदी अरब के पारंपरिक कट्टरपंथ से आगे बढ़कर कुछ आधुनिक फैसले लिए। हालांकि, इन फैसलों के चलते मोहम्मद बिन सलमान अक्सर कट्टरपंथी मुसलमानों के निशाने पर भी रहते है। यहां तक कि अब उन्हें पश्चिमी देशों का एजेंट तक कहा जाने लगा है।
पिछले कुछ सालों से 'विजन 2030' पर काम कर रहे मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व वाली सऊदी सरकार ने ऐसे फैसले लिए हैं, जोकि इस्लामिक कट्टरपंथियों को तो पसंद नहीं आ रहे लेकिन गैर-इस्लामिक मुल्कों में उन्हें बहुत सराहा जा रहा है।
लाउडस्पीकर पर रोक टोक
रमजान का महीना 22 मार्च से शुरू हो रहा है। इसे देखते हुए सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्री डॉ. अब्दुल लतीफ बिन अब्दुल अजीज अल-शेख ने देशभर की मस्जिदों को लेकर कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में कहा गया है कि रमजान के महीने में मस्जिदों में इमाम की उपस्थिति अनिवार्य होगी। गाइडलाइन में कहा गया है कि नमाज के दौरान इमाम और नमाजियों के फोटो लेने और नमाज के प्रसारण पर भी रोक होगी।
इसके अतिरिक्त, रोजेदारों के भोजन की व्यवस्था के लिए चंदा लेने की भी मनाही होगी। साथ ही रोजेदारों का खाना-पीना मस्जिद के एक खास क्षेत्र में ही तैयार करने की अनुमति दी गई है और इसे मस्जिद के इमाम और मुअज्जिन की निगरानी में ही बांटने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही, नमाज के दौरान मस्जिदों में बच्चों को लाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
कई मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि रमजान के दौरान अजान के लिए लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, लाउडस्पीकर का जिक्र इस गाइडलाइन में नहीं किया गया है। गौरतलब है कि 2021 में सऊदी सरकार द्वारा मस्जिदों में अजान या अन्य मौकों पर लाउडस्पीकरों की वॉल्यूम को कम करने का आदेश जारी किया गया था।
परीक्षा हॉल में अबाया पहनने पर प्रतिबंध
दिसंबर 2022 में सऊदी अरब के एजुकेशन एंड ट्रेनिंग इवैल्यूएशन कमीशन (ईटीईसी) ने एक आदेश में कहा कि सऊदी छात्राएं परीक्षा केंद्रों में अब अबाया (एक तरह का बुर्का) पहनकर नहीं आ सकेंगी। सिर्फ उन्हीं छात्राओं को परीक्षा देने की अनुमति होगी, जोकि स्कूल और कॉलेज द्वारा निर्धारित यूनिफॉर्म पहनकर परीक्षा हॉल में आएंगी।
गौरतलब है कि यह कमीशन सऊदी अरब में शिक्षा के पाठ्यक्रम और स्कूलों तथा कॉलेजों को नियंत्रित करता है और यह सऊदी अरब के शिक्षा मंत्रालय के तहत काम करता है। इस कमीशन का गठन साल 2017 में किया गया था।
महिलाओं को ड्राइविंग करने की अनुमति
सऊदी अरब की महिलाओं को साल 2018 से कार चलाने की अनुमति मिल गई है। सऊदी अरब के यातायात विभाग के निदेशक ने यह घोषणा की थी कि 18 साल या इससे अधिक उम्र की महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने की अनुमति होगी। इसकी घोषणा सितंबर 2017 में एक शाही फरमान के जरिए की गई थी। गौरतलब है कि इससे पूर्व सऊदी अरब में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध था।
खुला पहला सिनेमा हॉल
35 सालों के प्रतिबंध के बाद अप्रैल 2018 में सऊदी अरब में पहला सिनेमा हॉल लोगों के लिए खोल दिया गया। सऊदी अरब के संस्कृति मंत्रालय ने देश में सिनेमा हॉल खोलने की जिम्मेवारी एक अमेरिकी कंपनी 'एएमसी' को दी थी। इस कंपनी को सऊदी अरब में 30-40 सिनेमा हॉल का निर्माण करने की जिम्मेवारी सौंपी गई थी। सऊदी गजट के अनुसार, सऊदी सरकार की साल 2030 तक देश में 2500 से ज्यादा सिनेमा हॉल खोलने की योजना है।
मुसलमानों के लिए धार्मिक तौर पर सबसे पवित्र शहर मदीना में भी 2021 में सऊदी सरकार ने सिनेमा हॉल खोलने का फैसला किया। गौरतलब है कि 1980 के दशक में अश्लीलता की आड़ लेकर सऊदी अरब में सिनेमा और फैशन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
फैशन शो का आयोजन
सऊदी महिलाओं को फैशन शो में हिस्सा लेने की भी अनुमति मिल गई है। अगस्त 2022 में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक फैशन वीक का आयोजन किया गया था। इस फैशन शो का नाम जिमी फैशन वीक रखा गया था। इस फैशन वीक में देश-विदेश के 18 डिजाइनर्स ने हिस्सा लिया। इससे पहले 2018 में भी फैशन वीक का आयोजन हो चुका है।
सऊदी अरब की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सऊदी अरब ने पहली बार रेयना बरनावी (Rayyana Barnawi) नामक एक महिला को अंतरिक्ष में भेजने का फैसला किया है। बरनावी के साथ एक पुरुष अंतरिक्ष यात्री अली अल-करनी (Ali Al-Qarni) को भी अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इन्हें इस वर्ष के अंत तक अंतरिक्ष में भेजे जाने की संभावना है।
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