जानिए देश के सबसे गंदे शहर गोंडा के बारे में कुछ चौंकाने वाली बातें...
देश के स्वच्छ शहरों की सूची में एमपी के इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर माना गया है तो वहीं यूपी के गोंडा शहर को देश का सबसे गंदा शहर कहा गया है।
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने गुरुवार को देश के स्वच्छ शहरों की सूची जारी की, जिसमें एमपी के इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर माना गया है तो वहीं यूपी के गोंडा शहर को देश का सबसे गंदा शहर कहा गया है। देश के 434 शहरों की इस सूची में उत्तर प्रदेश का गोंडा सबसे निचले पायदान पर रहा, मतलब गोंडा देश का सबसे गंदा शहर है।
लेकिन आप में से बहुत कम लोग जानते होंगे कि आज जिस शहर को सबसे गंदा कहा जा रहा है, उसका एक गौरवशाली और पारंपरिक इतिहास रहा है लेकिन उपेक्षा और अनदेखी के चलते आज ये इतिहास केवल पन्नों में सिमट कर रह गया है।

इतिहास
- मान्यता के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ की यहां गायें चरा करती थीं, जिस कारण इसका नाम गोनर्द पड़ा।
- यही गोनर्द अपभ्रंश होकर गोण्डा बन गया।
- प्राचिन काल में इस जनपद के वर्तमान भूभाग पर श्रावस्ती का अधिकांश भाग और कोशल महाजनपद फैला हुआ था।
- यहीं पर महात्मा गौतम बुद्द ने करीब 21 साल तक प्रवास किया था।

चंद्रप्रभनाथ की जन्मस्थली
- जैन ग्रंथों में श्रावस्ती को उनके तीसरे तीर्थंकर सम्भवनाथ और आठवें तीर्थंकर चंद्रप्रभनाथ की जन्मस्थली बताया गया है।
- उत्तरकाण्ड के अनुसार श्रावस्ती उत्तरी कोशल की राजधानी थी।
- श्रावस्ती का इतिहास ही गोंडा का इतिहास है।
- गोण्डा प्राचीन काल में कोशल महाजनपद का भाग था, मुगलों के शासन में यह फरवरी 1856 तक अवध का हिस्सा था और मुगलों के आधीन था जिसे बाद में अंग्रेजों ने कब्ज़ा लिया।

सबसे उपजाऊ जिलों में शामिल
- गोण्डा को महाभाष्यकार पतञ्जलि की जन्मभूमि भी माना जाता है।
- यहां के सूकरखेत को तुलसीदास जी की जन्मस्थली माना जाता है।
- राम शरण शर्मा जैसे इतिहासकारों ने इसे गुप्त काल में नगरों के पतन और सामंतवाद के उदय से जोड़कर देखा है।
- सरयू और घाघरा नदी के प्रवाह क्षेत्र मे बसे होने के नाते यह यूपी के सबसे उपजाऊ जिलों में शामिल है।

जनसंख्या
- साल 2001 की जनगणना के अनुसार इस जिले की कुल जनसंख्या 3,433,919,थी जिसमें 16, 45, 757 स्त्रियां थीं।
- साल 2006 में गोंडा को पिछड़ा जिला घोषित किया गया था।

शिक्षा
शिक्षा की दृष्टि से गोण्डा जिला काफी समृद्ध है। स्कूल कालेज से लेकर डिग्री कालेज स्तर तक के विद्यालय काफी संख्या में हैं लेकिन बदहाली के शिकार हैं। भी साक्षरता दर 58.71% है।

स्वास्थ्य
गोंडा में 15 अस्पताल, 27 आयुर्वेदिक अस्पताल, 11 होमियोपैथी अस्पताल और 2 यूनानी अस्पताल है और 66 सरकारी स्वास्थ्य सेंटर है। ये राज्य के पिछड़े जिलों में से एक हैं जहां स्वास्थ्य का पैरामीटर काफी नीचे हैं।
{promotion-urls}












Click it and Unblock the Notifications