Punjab में सियासी 'महा-संग्राम'! विधायकों की बसें लेकर राष्ट्रपति से मिलने क्यों पहुंचे सीएम Bhagwant Mann
Bhagwant Mann mees President Murmu: पश्चिम बंगाल के बाद अब पंजाब की राजनीति भी गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसदों के कथित दलबदल के मुद्दे पर सियासी संग्राम तेज हो गया है। इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अपने विधायकों (MLAs) के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वे दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) से मुलाकात करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति भवन ने भगवंत मान को अकेले मिलने का समय दिया है, लेकिन इसके बावजूद वे अपने साथ पार्टी के विधायकों को भी लेकर दिल्ली पहुंचे हैं।

हालांकि, सभी विधायक राष्ट्रपति भवन के बाहर ही इंतजार करेंगे। इससे साफ है कि AAP इस मुद्दे को लेकर अपनी एकजुटता का बड़ा राजनीतिक संदेश देना चाहती है। विधायकों की बसें मुख्यमंत्री के आधिकारिक काफिले का हिस्सा बनकर चंडीगढ़ से दिल्ली पहुंची हैं।
AAP Rajya Sabha Defection का क्या है पूरा विवाद? सांसदों पर 'गद्दारी' का आरोप
पंजाब में 'आप' की सरकार के लिए यह संकट तब शुरू हुआ जब 24 अप्रैल को पार्टी के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने अचानक इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया। इनमें राघव चड्ढा (पूर्व डिप्टी लीडर), संदीप पाठक, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
चूंकि यह संख्या कुल सांसदों का दो-तिहाई (2/3) है, इसलिए राज्यसभा सचिवालय ने इसे तकनीकी रूप से दलबदल के बजाय विलय (Merger) के रूप में स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे पंजाब के जनादेश के साथ गद्दारी करार देते हुए इन सांसदों को 'गद्दार' संबोधित किया है।
CM मान ने राष्ट्रपति से की 'रिकॉल' की मांग
भगवंत मान इस मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति के सामने मुख्य रूप से 'रिकॉल' मांग रखेंगे। उनका तर्क है कि जिन सांसदों को पंजाब के विधायकों ने चुनकर भेजा था, उन्होंने अपने मतदाताओं का विश्वास तोड़ा है, इसलिए उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।
पंजाब के करीब 90 विधायक दिल्ली पहुंचे हैं। हालांकि वे राष्ट्रपति भवन के बाहर ही रुकेंगे, लेकिन उनका वहां मौजूद रहना केंद्र सरकार और बागी सांसदों के खिलाफ एक संदेश है। मुख्यमंत्री अपने साथ 1 मई को पंजाब विधानसभा में पारित 'विश्वास मत' (Confidence Motion) की कॉपी भी ले गए हैं, ताकि वे राष्ट्रपति को दिखा सकें कि उनकी सरकार और विधायक पूरी तरह एकजुट हैं।
AAP में सियासी हलचल तेज: बगावत के पीछे की इनसाइड स्टोरी?
बागी सांसदों, विशेषकर राघव चड्ढा के करीबियों का कहना है कि वे पार्टी के सिद्धांतों से भटकाव और नेतृत्व की कार्यशैली से असंतुष्ट थे। दूसरी ओर, AAP नेताओं का आरोप है कि भाजपा ने 'ऑपरेशन लोटस' के तहत केंद्रीय एजेंसियों का डर दिखाकर इन सांसदों को तोड़ा है।
गौरतलब है कि दलबदल से ठीक पहले सांसद अशोक मित्तल के व्यावसायिक ठिकानों पर ईडी (ED) की छापेमारी भी हुई थी। इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल के बाद अब पंजाब में भी केंद्र बनाम राज्य की जंग को तेज़ कर दिया है। जहाँ एक तरफ भगवंत मान राष्ट्रपति से मिल रहे हैं।














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