Yogi Adityanath: ‘बाबा का बुलडोजर बंगाल में हिट', जहां-जहां गरजे सीएम योगी वहां ढह गया TMC का किला
Yogi Adityanath: पूरा बंगाल इस वक्त भगवामय हो गया है, चारों ओर केसरिया गुलाल उड़ रहा है, भाजपाई जमकर नाच गा रहे हैं क्योंकि ममता बनर्जी के 15 साल की सत्ता का अंत हो चुका है। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने बंपर जीत हासिल करके पीएम मोदी के नारे 'अंग-बंग और कलिंग' को पूरी तरह से सत्यापित कर दिया है। बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए ने इस बार चुनाव में 206 सीटें हासिल की है जबकि टीएमसी 81 सीटों पर सिमट गई है और वो 100 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई।
इस चुनाव में भाजपा का प्रचार शुरू से ही काफी आक्रामक रहा, यहां एक ओर पीएम मोदी ने 40 डिग्री के तापमान में ताबड़तोड़ रैलियां कीं, तो वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने 15 दिनों तक बंगाल में डेरा जमाए रखा, पार्टी के कई लोकप्रिय नेताओं ने यहां पर रैलियां की लेकिन पीएम मोदी के बाद अगर इस चुनाव में किसी दूसरे चेहरे ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, तो वह रहे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ।

बीजेपी के स्टार प्रचारकों में शामिल योगी आदित्यनाथ ने अपने 'बुलडोजर मॉडल' और सख्त कानून-व्यवस्था की छवि के दम पर चुनावी मैदान में अलग ही पहचान बनाई। उनका प्रचार सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने अपने शासन के मॉडल को सीधे जनता के सामने एक उदाहरण के तौर पर पेश किया।
'ये यूपी नहीं बंगाल है, यहां पर बुलडोजर नहीं चलता'
जिस पर ममता बनर्जी ने कहा था कि 'ये यूपी नहीं बंगाल है, यहां पर बुलडोजर नहीं चलता' लेकिन ममता का ये बड़बोलापन उनके खिलाफ साबित हुआ और जहां-जहां सीएम योगी ने रैलियां की वहां पर भाजपा ने ना केवल बंपर जीत हासिल की बल्कि वहां पर उम्मीदवारों का स्ट्राइक रेट 75 प्रतिशत से ज्यादा है और टीएमएसी का किला बुरी तरह से ढह गया।
'सुवेंदु अधिकारी ने छूए थे सीएम योगी आदित्यनाथ के पैर'
वरिष्ठ पत्रकार पंकज प्रसून ने NFM न्यूज के कार्यक्रम में कहा कि 'योगी आदित्यनाथ ने जहां-जहां बंगाल में रैलियां की हैं, वहां पर कुछ सीटें ऐसी भी थीं जहां पर भाजपा कभी नहीं जीती लेकिन योगी की रैलियों में जुटी भारी भीड़ ने संकेत दे दिया था बंगाल में इस बार बड़ा खेला होने जा रहा है। इस बात का सबूत तब ही मिल गया था जब रैली के दौरान मंच पर सुवेंदु अधिकारी ने भरे मंच पर सीएम योगी आदित्यनाथ के पैर छूए थे।'

बुलडोजर मॉडल से किया अपराध को कंट्रोल
उन्होंने कहा कि 'योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर मॉडल की बात करें तो यह मॉडल अपराध और अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने अपनी रैलियों में बार-बार यह मुद्दा उठाया कि कैसे उत्तर प्रदेश में माफिया और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई और कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ। यही संदेश उन्होंने बंगाल के मतदाताओं तक पहुंचाया, जहां लंबे समय से राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं, इसका असर साफ तौर पर देखने को मिला।'
बुलडोजर मॉडल ने तैयार किया TMC के खिलाफ माहौल
'बीजेपी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा और उन्हें लगा कि पार्टी के पास एक मजबूत और निर्णायक नेतृत्व है। दूसरी तरफ टीएमसी पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना। योगी के आक्रामक प्रचार और बुलडोजर मॉडल की चर्चा ने टीएमसी के खिलाफ एक नैरेटिव तैयार किया, जिससे पार्टी का मनोबल प्रभावित हुआ और आज नतीजा आपके सामने हैं।'
उत्तर प्रदेश से बाहर भी प्रभावी सीएम Yogi Adityanath
मालूम हो कि चुनाव के दौरान योगी आदित्यनाथ ने खासतौर पर उन इलाकों पर फोकस किया, जहां बीजेपी को संगठनात्मक मजबूती की जरूरत थी या जहां मुकाबला कड़ा माना जा रहा था। उनकी रैलियों में भारी भीड़ देखने को मिली, जो यह संकेत देती है कि उनकी छवि उत्तर प्रदेश से बाहर भी प्रभावी है।
पश्चिम बंगाल की इन सीटों पर सीएम योगी ने किया था चुनाव प्रचार
- सोनामुखी
- नंदकुमार
- कांथी दक्षिण
- बाराबनी
- रामपुरहाट
- माथाभांगा
- धुपगुड़ी
- बांकुडा
- पिंगला
- जॉयपुर
- चकदहा
- नबद्वीप
- कटवा
- बागदा
- कल्याणी (रोड शो)
- दमदम (रोड शो)
- राजारहाट गोपालपुर
- धानेखाली
- बोलपुर
- गारबेटा
- उदयनारायणपुर












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