Kalita Maji: जूठे बर्तन मांजने वाली कलिता माजी ने राजनीति में गाड़े जीत के झंडे, ऑसग्राम में रचा इतिहास

Kalita Maji: पश्चिम बंगाल के ऑसग्राम (एससी) विधानसभा क्षेत्र (Ausgram Assembly Seat 273) से लोकतंत्र की एक ऐसी गौरवशाली और प्रेरक गाथा सामने आई है, जो हर आम नागरिक के सपनों को पंख देती है। यह कहानी कलिता माजी की है, जिन्होंने अभावों से लड़कर विधानसभा तक का सफर तय किया है। एक समय था जब कलिता माजी 2-4 घरों में बर्तन मांजने और झाड़ू-पोछा करने का काम करती थीं।

मात्र 2,500 रुपये की मामूली मासिक आय से अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाली यह साधारण महिला आज क्षेत्र की आवाज बन चुकी हैं। उनकी यह ऐतिहासिक जीत न केवल राजनीति में बढ़ते महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, बल्कि यह भी साबित करती है कि लोकतंत्र में एक सामान्य कार्यकर्ता भी अपनी निष्ठा और परिश्रम के बल पर सत्ता के सर्वोच्च शिखर तक पहुंच सकता है।

Kalita Maji

Kalita Maji: संघर्ष से सफलता तक का सफर

कलिता माजी का राजनीति में प्रवेश अचानक नहीं हुआ। वह पिछले कई वर्षों से जमीनी स्तर पर सक्रिय थीं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक बूथ स्तर की कार्यकर्ता के रूप में की थी। स्थानीय लोगों की समस्याओं को उठाते हुए उन्होंने पंचायत चुनाव भी लड़ा, जिससे उनकी पहचान एक जुझारू नेता के रूप में बनी।

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2021 की हार से नहीं टूटा हौसला

भारतीय जनता पार्टी ने कलिता के समर्पण को देखते हुए उन पर भरोसा जताया। हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा था, लेकिन कलिता ने हार मानकर बैठने के बजाय अपना जनसंपर्क और मजबूत किया। वह लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहीं और लोगों के सुख-दुख में शामिल होती रहीं।

चुनावी रण में कलिता का दबदबा

बीजेपी के टिकट पर ऑसग्राम (एससी) सीट से चुनाव लड़ते हुए कलिता माजी ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर उम्मीदवार श्यामा प्रसन्ना लाहौर को 12,000 से अधिक मतों के अंतर से शिकस्त दी। कलिता को कुल 1,07,692 वोट प्राप्त हुए, जो उनके प्रति जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है।

आम लोगों के लिए प्रेरणा

कलिता माजी की यह जीत उन सभी लोगों के लिए एक मिसाल है जो संसाधनों की कमी को अपनी प्रगति में बाधा मानते हैं। एक घरेलू कामगार से विधायक बनने तक का यह सफर परिश्रम, धैर्य और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। आज पूरा ऑसग्राम अपनी 'दीदी' की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।

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