Crime in Bihar: अपराध के शिकंजे से कब बाहर आएगा बिहार

Crime in Bihar: 'आइए न हमरा बिहार में... ठोक देंगे कट्टा कपार में', बीते दिनों जब एक सीरीज में ये गाना बजा था तब सोशल मीडिया पर खूब प्रतिक्रिया आयी थी। लोगों ने कहा - बुद्ध की धरती बिहार की यह पहचान ठीक नहीं है। बिहार को बदनाम किया जाता है। लेकिन पिछले दिनों जिस तरह से एक के बाद एक हत्याएं हुई, उससे एक बार फिर लगा कि बिहार में बंदूक सकृति अब भी पल रही है। जंगल राज अब राजनीतिक जुमले की तरह ही लिया जाता है और उसे हवा में उड़ा भी दिया जाता है। पर वर्तमान बिहार के आपराधिक आंकड़ों पर गौर करेंगे तो इससे इंकार नहीं करेंगे कि ठांय ठांय संस्कृति बिहार की वास्तविकता है। भले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मीडिया के सामने यह दावा करें कि यहां क्राइम कहां है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री के पोते पर फायरिंग

अभी दो दिन पहले 4 सितंबर को नालंदा के सिलाव थाना क्षेत्र के धनहरा गांव में दो-तीन शख्स, पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के पोते को पकड़ लेते हैं। उससे कहते हैं -आरसीपी सिंह तुम्हारा रिश्तेदार है, बाबा लगता है ना, उससे मिलते हो। उससे दूर रहो। बहुत दिन से तुम पर हमारी नजर है। हमने सोचा सुधर जाओगे, लेकिन नहीं। उसे (आरसीपी सिंह को) तो बर्बाद करेंगे ही तुमको भी नहीं छोड़ेंगे। ये बोलते - बोलते एक युवक ने उस पर गोली चला दी, जो सीधा पिंटू सिंह (आरसीपी सिंह का पोता) की पीठ में जा लगी।

report on Crime in Bihar: When will Bihar come out of the clutches of crime?

इस घटना के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने कहा है कि जिस पर गोली चलाई गयी वह उनका पोता है। उनसे मिलने आता रहता है। आज भी वह मुझसे मिलने आया था, लेकिन मिलने के बाद उसकी हत्या की कोशिश की गई। कहा गया कि गोली चलाने वाला जदयू से जुड़ा हुआ है। बिहार में यह अकेला मामला नहीं है।

एक महीने में 30 मर्डर

3 अगस्त, 2023 को पटना पुलिस द्वारा जारी मासिक अपराध आंकड़े के अनुसार सिर्फ जुलाई, 2023 के 31 दिनों में राजधानी पटना में 30 हत्याएं हुईं थीं। इन 31 दिनों में जिले में वाहन चोरी के 421 मामले, लूट के 16 मामले, डकैती के 2 मामले, इसके अलावा हत्या के प्रयास और चेन स्नैचिंग के मामले भी बड़ी संख्या में दर्ज किए गए।

2023 के मार्च में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बिहार में बढ़ते अपराधों को लेकर आंकड़ा पेश किया था कि 9 अगस्त, 2022 को बिहार में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की सरकार बनने के बाद से हत्या, लूट और दुष्कर्म की 4848 घटनाएं हुई हैं। इनमें अकेले 2070 मामले हत्या के थे। इसके अलावा 345 मामले दुष्कर्म के, अपहरण के 144 और हत्या के प्रयास के 700 मामले दर्ज किए गए।

बिहार में बढ़ा 'गन कल्चर'?

बिहार में 'गन कल्चर' बढ़ने का मुख्य कारण, यहां आसानी से मिलने वाले अवैध हथियार हैं। न जाने कब से बिहार के दक्षिणी-पूर्वी छोर पर गंगा किनारे बसा शहर मुंगेर हथियारों की मंडी के रूप में कुख्यात है। यहां मोहल्लों के नाम ही बता देते हैं कि यहां की आबोहवा में बारूद भरा हुआ है। तोपखाना चौक, छुआबाग, बेलन बाजार जैसे इलाके अवैध हथियारों के लिए ही जाने जाते हैं। छुआ एक लकड़ी है, जिससे राइफल की बट बनती है।

यहां पर गन बनाने की कई तरह की अवैध फैक्ट्रियां चलती हैं जिनमें देसी कट्टा से लेकर एके-47 और रॉकेट लॉन्चर तक बनाए जाते हैं। नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 में मुजफ्फरपुर में अवैध हथियारों की तीन फैक्ट्रियों में रेड मारी गई। वहां से जो कारीगर पकड़े गए थे वे सब मुंगेर के ही थे। यहाँ से फिर हथियार बेतिया, शिवहर और सीतामढ़ी के जरिये डिमांड के अनुसार भेजे जाते हैं। कहा तो यह भी जाता है कि नेपाल और बांगलादेश तक से हथियार बनाने का ऑर्डर मुंगेर को मिलता है। ये लोग सभी तरह के हथियार बनाने में माहिर हैं।

6 महीने में 23 अवैध गन फैक्ट्री का खुलासा

हिंदुस्तान में छपी एक खबर के मुताबिक अगस्त, 2023 में अपर पुलिस महानिदेशक, मुख्यालय जीएस गंगवार ने पुलिस मुख्यालय में बताया कि पूरे बिहार में साल 2021 में 61 और साल 2022 में 32 अवैध मिनी गन फैक्ट्रियां पकड़ी गई थी। जबकि इस साल अब तक 23 अवैध फैक्ट्रियों को सील किया गया है। साल 2021 से अब तक 10,579 अवैध हथियार, 154 नियमित फायरआर्म्स और कुल 59,665 कारतूस जब्त किये गए हैं।

बिहार में रोजगार या व्यवसाय के उचित अवसर नहीं होने और जातीय दबंगई का इतिहास होने के कारण भी अपराध शौक बन गए हैं। फिर चुनाव नजदीक आ रहे हैं। बैलेट से हराने के बजाय बुलेट से निपटा देने की मानसिकता के चलते बिहार की राजनीति भी अपराध से प्रभावित रहती आई है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+