PM Modi in Kedarnath: जानिए केदारनाथ धाम के बारे में ये खास बातें, जहां पीएम मोदी ने टेका मत्था
केदारनाथ। शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ मंदिर पहुंच कर पूजा-अर्चना की। मोदी ने मंदिर में रुद्राभिषेक किया। प्रधानमंत्री ने करीब 20 मिनट तक पूजा की। PM ने यहां 5 योजनाओं का शिलान्यास किया, पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत जय-जय केदार के उद्घोष से की थी, उन्होंने गढ़वाली भाषा में भी भाषण दिया। PM ने कहा कि एक समय था कि मैं यहां पर ही रहता था, लेकिन शायद प्रभु की इच्छा नहीं थी कि मैं हमेशा यहां पर ही रहूं। आज एक बार फिर बाबा ने मुझे अपनी शरण में बुलाया है। पीएम की इस यात्रा के काफी राजनैतिक मायने निकाले जा रहे हैं फिलहाल हम यहां पर पीएम की नहीं केदारनाथ धाम की बात करते हैं और जानते हैं आस्था के इस मानक मंदिर के बारे में खास बातें...

- आठवीं शताब्दी का भगवान शिव का यह मंदिर समुद्र तल से 3,581 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
- यह मंदिर हिमपात के कारण हर साल अक्टूबर-नवंबर में बंद हो जाता है और अप्रैल-मई में दोबारा खोला जाता है।
- मंदाकिनी नदी के शीर्ष पर शोभायमान गढ़वाल हिमालय के बीच यह मंदिर स्थित है।
- देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल केदारनाथ धाम की प्रसिद्धि 5वें ज्योतिर्लिंग के रूप में है।
- यहां के शिवलिंग को स्वयंभू माना जाता है।
- पत्थरों से बने कत्यूरी शैली से बने इस मन्दिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण पाण्डव वंश के जनमेजय ने कराया था।
- आदि शंकराचार्य ने इस मन्दिर का जीर्णोद्धार करवाया।
- केदारनाथ के संबंध में लिखा है कि जो व्यक्ति केदारनाथ के दर्शन किये बिना बद्रीनाथ की यात्रा करता है, उसकी यात्रा निष्फल जाती है।
- केदारनापथ सहित नर-नारायण-मूर्ति के दर्शन का फल समस्त पापों के नाश पूर्वक जीवन मुक्ति की प्राप्ति का बताया गया है।
- इस मन्दिर की आयु के बारे में कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है, पर एक हजार वर्षों से केदारनाथ एक महत्वपूर्ण तीर्थयात्रा रहा है।












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