Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Fake Accounts: फेक ट्वीट और फर्जी अकाउंट, देश के लिए बन रहा खतरा

Fake Accounts: ऑनलाइन गलत सूचनाएं विश्व के अन्य देशों की तरह हमारे देश को भी बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं। इससे आपसी संबंधों में कटुता के साथ साथ सामाजिक भेदभाव और यहाँ तक कि शारीरिक हिंसा तक का खतरा उत्पन्न हो रहा है।

सोशल मीडिया पर गलत और फर्जी सूचनाओं से वास्तविक दुनिया को खतरा बढ़ता जा रहा है।

online Fake tweets and fake accounts are becoming a threat to the country

अभी कुछ दिन पहले ही असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक्स अकाउंट से एक ट्वीट ने बवेला मचा दिया था। इस पोस्ट में असम के मुख्यमंत्री की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया था कि पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक से हुए भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा के बेटे को किसी भी स्थिति में भारतीय नागरिकता नहीं दी जानी चाहिए।

कई समाचार पत्रों ने उनके ट्वीट को सही मानकर खबरें भी प्रकाशित कर दी थी। अब यह तथ्य सामने आया है कि हिमंत बिस्वा सरमा ने इस तरह का कोई ट्वीट नहीं किया था। ट्वीट का एनालिसिस करने वाली एजेंसी बूम ने पाया है सानिया मिर्जा वाला यह ट्वीट फेक था। पूरे विश्व में इस तरह की असंख्य फेक पोस्टिंग सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर हो रही हैं।

लाखों में हैं फर्जी अकाउंट

करोड़ों ट्वीटर (अब एक्स) अकाउंट में लाखों खाते फर्जी और फेक हैं। लोग अक्सर दुर्भावनापूर्ण और भ्रामक उद्देश्यों के लिए नकली ट्विटर अकाउंट बनाते हैं। उन्हें साइबरबुली भी कहते हैं। इनका उद्देश्य राजनीतिक हेरफेर करना, स्पैम हमला करना या फर्जी तरीके से प्रशंसकों की गिनती बढ़ाकर अपने हित साधना हो सकता है। कई लोग शुरू से ही फर्जी ट्विटर अकाउंट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

कई फर्जी खाते सिर्फ ऑनलाइन धोखा देने के लिए बनाए जाते हैं। ऐसे फर्जी खातों के जरिए ऑनलाइन घोटाले भी होते हैं और भ्रामक जानकारी भी प्रसारित होती है। कुछ नफरत फैलाने वाले भी फर्जी अकाउंट खोले जाते हैं। हालाँकि, फर्जी खातों की सही संख्या का पता लगाना मुश्किल काम है। लेकिन कुछ समय पहले ही एक्स के प्रमोटर एलन मस्क ने दावा किया था उनके कुल ट्विटर खातों में से लगभग 5 प्रतिशत खाते नकली हैं। उस हिसाब से इस समय एक्स पर लगभग 368 मिलियन सक्रिय उपयोगकर्ता हैं, जिनमें लगभग 18.4 मिलियन खाते फर्जी हैं।

कैसे पहचाने फेक पोस्टिंग

फेक सोशल मीडिया पोस्टिंग की पहचान कई तरीके से की जा सकती है। यदि कोई पोस्ट समाचार को आधार बना कर किया गया है और किसी न्यूज पेपर या पोर्टल का स्क्रीन शॉट का उपयोग किया गया है तो, उस पर कोई प्रतिक्रिया जताने से पहले समाचार के स्रोत के बारे में पता किया जा सकता है। यह न्यूज पोर्टल या समाचार समूह के वेबसाइट से भी पता किया जा सकता है।

कुछ समय पहले ही अमरीकी राष्ट्रपति जो बिडेन के इस्तीफे और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के मनगढ़ंत उद्धरण वाला फर्जी ट्वीट बीबीसी का स्क्रीनशॉट लगा कर किया गया था। कोई ट्वीट नकली या कोई ट्वीट वास्तविक है, दोबारा जांच किये बिना इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।

गलत सूचना और दुष्प्रचार अक्सर रणनीतिक रूप से फैलाया जाता है। ऐसे अभियानों को चलाने के लिए विशेष तरह से योजना बनाई जाती है और फिर उसे सोशल मीडिया पर फैलाया जाता है। भारत के मामले में कुछ माह पहले ऐसे हो चुका है, जब कुछ विदेशी एजेंसियों ने प्रधानमंत्री मोदी और देश के बारे में अफवाहें फैलाना शुरू किया था। उसमें पैगासेस और कोरोना को लेकर एक फेक अभियान चलाया गया था।

बाजार में कई ऐप भी हैं सच्चाई का पता लगाने के लिए

इन दिनों फेक वीडियो या फोटो का पता लगाना ज्यादा मुश्किल नहीं है। कई ऐसे ऐप आ चुके हैं जिनके जरिए पोस्ट की सत्यता का पता कर सकते हैं। वी वेरीफ़ाई टूल उनमें से ही एक है। यह एक सत्यापन प्लग इन है जो क्रोम के साथ काम करता है। इसी तरह यांडेक्स के जरिए चेहरे की पहचान की जा सकती है।

ट्विटोनॉमी भी एक ऐसा ऐप है जिसका उपयोग कर ट्विटर खाते का विस्तृत और विज़ुअलाइज़्ड विश्लेषण प्राप्त किया जा सकता है। इस ऐप के जरिए यह भी जान सकते हैं कि कौन कितनी बार ट्वीट करता है। वह किन पोस्टों का जवाब देता है और किसके ट्वीट का री ट्वीट करता है। इससे यह भी पता करने में मदद मिलती है कि कोई किस समय किस क्षेत्र में है।

एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर सामग्री की जांच के लिए सबसे उपयोगी टूल है। यह एक सर्च और एनालिटिक्स टूल है। इसके साथ किसी विशेष चैनल के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह टीजी स्टैट पर आधारित है और उपयोगकर्ता के बारे 90 दिनों तक का विश्लेषण प्राप्त किया जा सकता है। क्राउड टेंगल भी एक ऐसा ही उपकरण है, जो खातों के व्यवहार में पैटर्न की जांच कर सकता है।

सोशल मीडिया का फर्जी अकाउंट कैसे पहचानें

आजकल फर्जी पोस्ट करने वाले या सोशल मीडिया पर गलत पोस्ट साझा करने वाले नकली प्रोफाइल से अकाउंट बना लेते हैं। इसलिए यह जाँचना जरूरी है कि क्या यह वास्तव में उसी व्यक्ति का अकाउंट है जो इसका मालिक होने का दावा कर रहा है। इसके लिए उस खाते का बैकग्राउंड जाँचना जरूरी है। जैसे खाता कब बनाया गया? उसके नेटवर्क में कौन कौन हैं? उनके मित्रों की सूची में कौन कौन है? उनके पोस्ट का पैटर्न क्या हैं? रिवर्स इमेज और जियोलोकेशन के माध्यम से भी फ़ोटो और वीडियो के स्रोत का पता लगाया जा सकता है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+