Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

जानिए पोखरण परीक्षण के समय क्‍यों 'सीक्रेट' कर्नल बने थे अब्‍दुल कलाम

भारत के परमाणु परीक्षण को पूरे हुए 19 वर्ष, 11 मई 1998 को भारत ने राजस्‍थान के पोखरण में किया था परमाणु परीक्षण। भारत के इस परमाणु परीक्षण की भनक अमेरिका तक को नहीं लग पाई थी।

नई दिल्‍ली। 11 मई 1998 एक ऐसी तारीख है जब अमेरिका और दुनिया की बाकी महाशक्तियों को यह बात पता लग गई थी कि यह देश भी परमाणु ताकत से लैस हो चुका है। राजस्‍थान के पोखरण में भारत ने सफल परमाणु परीक्षण किया था। इस मौके पर तत्‍कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व राष्‍ट्रपति अब्‍दुल कलाम भी मौजूद थे। 'मिसाइलमैन' अब्‍दुल कलाम ने इस दौरान कुछ ऐसा किया था जिसके बिना यह परमाणु परीक्षण संभव नहीं था।

अमेरिका भी था अंजान

अमेरिका भी था अंजान

परमाणु परीक्षण को भले ही 19 वर्ष बीत गए हों लेकिन उस समय भी अमेरिकी इंटेलीजेंस एजेंसी सीआईए इस तरह की टेक्‍नोलॉजी से लैस थी कि वह किसी भी पल भारत के इस परमाणु परीक्षण की खबर दुनिया को दे सकती थी। इस परीक्षण के दौरान अब्‍दुल कलाम आर्मी की यूनिफॉर्म में मौजूद थे और उनकी इस टेक्निक के साथ भारत ने अमेरिका को इस टेस्‍ट के दौरान अंधेरे में रखा था। आपको बता दें कि कलाम उस समय डीआरडीओ के मुखिया थे।

पाकिस्‍तान को अमेरिका का समर्थन

पाकिस्‍तान को अमेरिका का समर्थन

भारत इस बात को जानता था कि सीआईए, पाकिस्‍तान को समर्थन देती है और इसलिए ही भारत परमाणु परीक्षण की जरा भी भनक अमेरिका या फिर सीआईए को नहीं लगने देना चाहता था। सीआईए को इस बात का अंदेशा हो गया था कि भारत सरकार वर्ष 1974 के बाद दोबारा किसी भी पल परमाणु परीक्षण को अंजाम दे सकती है। इसलिए भारत के परमाणु वैज्ञानिकों के हर कदम पर नजर रखी जा रही थी।

सीआइए रख रही थी नजर

सीआइए रख रही थी नजर

पाकिस्‍तान के उस समय के विदेश मंत्री गौहर अयूब खान ने अंतराष्‍ट्रीय समुदाय से अपील की थी कि वह भारत को परमाणु महत्‍वकांक्षाओं को पूरा करने से रोके। पाक ऐसा इसलिए चाहता था कि क्‍योंकि तत्‍कालीन भारतीय सेना प्रमुख जनरल वीपी मलिक ने जोर देकर इस बात को कहा था कि भारत को अपने परमाणु हथियार टेस्‍ट करने चाहिए। पाक अपना सब्र खो रहा था और सीआईए हाई अलर्ट पर थी।

 इंडियन आर्मी की मदद

इंडियन आर्मी की मदद

भारत ने परमाणु परीक्षण को सफल बनाने के लिए इंडियन आर्मी की मदद ली और आर्मी की 58 इंजीनियरिंग रेजीमेंट इस परीक्षण का हिस्‍सा बनी थी। केंद्र में वाजपेयी की सरकार बने सिर्फ तीन माह हुए थे और हर कोई इस बात को जानकर हैरान था कि सिर्फ तीन माह के अंदर अटल बिहारी वाजपेयी ने इतना बड़ा कदम उठा लिया।

एकदम सामान्‍य थी गतिविधियां

एकदम सामान्‍य थी गतिविधियां

एक मीडिया रिपोर्ट ने इस बात की जानकारी दी थी कि भारत एक परमाणु परीक्षण की तैयारी कर कर रहा है और करीब डेढ़ वर्ष से इसकी तैया‍री जारी है। इस परीक्षण को सफल बनाने के लिए पोखरण को तैयार किया जा रहा था। सीआईए को मूर्ख बनाने के लिए ट्रक और दूसरे साजो-सामान को एकदम ऐसे ले जाया गया जैसे कि आम दिनों में ले जाए जाते हैं।

अब्‍दुल कलाम बने कर्नल पृथ्‍वीराज

अब्‍दुल कलाम बने कर्नल पृथ्‍वीराज

डॉक्‍टर एपीजे अब्‍दुल कलाम को उस समय एक छद्म नाम दिया गया और वह अब्‍दुल कलाम से कर्नल पृथ्‍वीराज बने गए और वह कभी भी ग्रुप में टेस्‍ट वाली साइट पर नहीं जाते थे। वह हमेशा ही अकेले सफर करते ताकि किसी को भी उन पर शक न हो। आर्मी यूनिफॉर्म ने उनका काम आसान कर दिया। सीआईए जासूसों को लगा कि ये सभी आम आर्मी ऑफिसर्स हैं और इनके परमाणु वैज्ञानिकों से कोई संबंध नहीं हैं।

ऐसे हुई पूरी प्‍लानिंग

ऐसे हुई पूरी प्‍लानिंग

एपीजे अब्‍दुल कलाम ने आर्मी के कर्नल गोपाल कौशिक के साथ मिलकर पूरी प्‍लानिंग को अंजाम दिया। 10 मई की रात को पूरा काम किया गया। इस पूरे ऑपरेशन को ऑपरेशन शक्ति नाम दिया गया था। इस दौरान कई कोड्स थे जैसे व्‍हाइट हाउस, ताज महल और कुंभकरण। डीआरडीओ, एमडीईआर और बार्क के वैज्ञानिक डिटोनेशन जैसे जरूरी काम में लगे हुए थे।

 मीडिया को इंटरव्‍यू के लिए किया मना

मीडिया को इंटरव्‍यू के लिए किया मना

डीआरडीओ के हेड के तौर पर कलाम ने सभी पत्रकारों को साफ कर दिया था कि वह आने वाले हफ्तों में कोई भी इंटरव्‍यू नहीं दे पाएंगे। सुबह तीन बजे परमाणु बमों को इंडियन आर्मी के चार ट्रकों के जरिए ट्रांसफर किया गया। इन ट्रकों को कर्नल उमंग कपूर कमांड कर रहे थे।

अमेरिका ने की निंदा, रूस ने दिया साथ

अमेरिका ने की निंदा, रूस ने दिया साथ

इससे पहले इंडियन एयरफोर्स के एएन-32 एयरक्राफ्ट से मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जैसलमेर बेस लाया गया था। भारत ने तीन बमों को डिटोनेट किया और दुनिया हैरान रह गई। भारत के इस परीक्षण की कई देशों जिसमें अमेरिका, चीन, कनाडा और जापान सबसे आगे थे। इन देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगाए थे। वहीं रूस, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस ने भारत की निंदा करने से इंकार कर दिया।

क्या कहा था वाजपेयी ने

क्या कहा था वाजपेयी ने

इसके बाद प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ऐलान किया कि भारत ने सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किया। उन्‍होंने कहा, 'भारत अब एक परमाणु शक्ति से संपन्‍न देश है। अब हमारे पास भी एक बड़े बम की क्षमता है। लेकिन हमारे बम कभी भी आक्रामकता का हथियार नहीं होंगे।'

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+