Jan-Dhan Yojana: जनधन खातों की संख्या 50 करोड़ पार, जानें पीएम जनधन योजना की प्रगति के बारे में
Jan-Dhan Yojana: केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार 9 अगस्त 2023 तक प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत देश भर के विभिन्न बैंकों में जनधन खातों की संख्या 50.01 करोड़ हो गई है। इन कुल जनधन खातों में लगभग 28 करोड़ (यानि कुल जनधन खातों का 56 प्रतिशत) खाते महिलाओं के तथा 22 करोड़ (44 प्रतिशत) खाते पुरूषों के हैं। वहीं हम अगर इसको क्षेत्रानुसार देखें तो 33.40 करोड़ (67 प्रतिशत) जनधन खाते ग्रामीण क्षेत्र (गांव व कस्बों) में तथा 16.61 करोड़ (33 प्रतिशत) जनधन खाते शहरी क्षेत्रों में खोले गये हैं।
क्या है प्रधानमंत्री जनधन योजना
15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी वर्गों खासकर वंचितों व गरीबों को बैंकिंग सुविधा तथा वित्तीय सेवाएं प्रदान करने हेतु 'प्रधानमंत्री जनधन योजना' (पीएमजेडीवाई) की घोषणा की तथा 28 अगस्त 2014 प्रधानमंत्री जनधन योजना प्रारंभ हो गई। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि 'प्रधानमंत्री जनधन योजना' का मुख्य उद्देश्य कमजोर व कम आय वाले वर्गों को बैंकों से जोड़ने यानि बचत खाता खोलने (जीरो बैलेंस पर), ऋण की उपलब्धता, बीमा तथा पेंशन आदि वित्तीय सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना है। यानि पीएमजेडीवाई भारत सरकार की वित्तीय समावेशन संबंधी एक राष्ट्रीय योजना है। जिसका उद्देश्य देश के प्रत्येक परिवारों, खासकर गरीब वर्गों तक वित्तीय सुविधाएं पहुंचाना है।

जनधन योजना से आमजन को लाभ
पीएमजेडीवाई से पहले जहां गरीब लोगों को बैंक में खाता खुलने के लिए अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता था। वहीं इस योजना के लागू होने पर गरीबों के घर-घर भी जाकर बैंक खाते खोले गये। इन जनधन खातों में खाताधारक को कोई न्यूनतम बैलेंस रखने की वैधता नहीं है यानि ये जनधन खाते जीरो बैलेंस पर खोले गये। इसका तात्पर्य यह है कि जनधन खाताधारक को अपने खाते में कोई पैसे रखने की जरूरत नहीं है, इस पर बैंक भी उस पर कोई जुर्माना नहीं लगा सकता।
अगर जनधन खाताधारक खाते में कोई रकम रखता है तो उस पर ब्याज तथा रूपे डेबिट कार्ड की सुविधा भी मिलती है। इसके अलावा दो लाख रूपये (28 अगस्त 2018 के बाद खुले जनधन खातों पर) तक का दुर्घटना बीमा भी मिलता है।
जनधन खाताधारक को 10 हजार रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी मिलती है। जिसका तात्पर्य यह है कि अगर खाते में जीरो बैलेंस है, तो भी 10 हजार रूपये अपने खाते से लोन के रूप में निकाल सकते हैं।
जनधन खाता खुलवाने से खाताधारक को सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि सरकार की प्रत्यक्ष लाभ स्थानांतरण यानि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफट ट्रांसफर) योजना के तहत मिलने वाला लाभ सीधा लाभार्थियों के खाते में स्थानांतरित हुआ। जैसे- एलपीजी सब्सिडी, पीएम किसान सम्मान निधि, छात्रवृत्ति, बुढ़ापा पेंशन, बेरोजगारी भत्ता इत्यादि।
सरकार का दृष्टिकोण
आमजन के साथ-साथ भारत सरकार को भी प्रधानमंत्री जनधन योजना से लाभ मिला है। सरकार की प्रत्यक्ष लाभ स्थानांतरित योजनाओं को 100 प्रतिशत क्रियान्यवन रूप देने में जनधन योजना ने अहम भूमिका निभाई है। भारत के एक पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारत में 1980 के दशक के दौरान 100 पैसे के लाभ में से मात्र 15 पैसे ही लाभार्थी को मिलते थे। जबकि शेष 85 पैसे बिचौलियों और सरकारी बाबुओं द्वारा हड़प कर लिए जाते थे। वहीं अब डिजिटल इंडिया व लाभार्थियों के जनधन खाते के चलते 100 प्रतिशत धन लाभार्थी तक पहुंचता है। जिसके चलते भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगी है।
पीएम जनधन योजना की प्रोग्रेस रिपोर्ट
31 जनवरी 2015 तक पीएमजेडीवाई के शुरूआती वर्ष में 12.54 करोड़ जनधन खाते खोले गये। जिनमें से 7.5 करोड़ खाते ग्रामीण क्षेत्र में तथा 5 करोड़ खाते शहरी क्षेत्र में खुले। इन जनधन खातों में लगभग 10.5 हजार करोड़ रूपये जमा किये गये तथा इन खाताधारकों को 11 करोड़ रूपे डेबिट कार्ड भी जारी किये गये।
वहीं लगभग 5 वर्षों के बाद यानि 31 जनवरी 2020 तक प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खुलने वाले जनधन खातों की संख्या 38 करोड़ पहुंच गई। जिसमें 22.27 करोड़ ग्रामीण क्षेत्र व 15.72 करोड़ शहरी क्षेत्र का योगदान रहा। जबकि इन जनधन खातों में 1.13 लाख करोड़ रूपये जमा हुए तथा लगभग 29 करोड़ रूपे डेबिट कार्ड जारी किये गये।
वर्तमान में (9 अगस्त 2023 तक) जनधन खातों की संख्या 50.01 करोड़ हो गई है। जिसमें 33.40 करोड़ ग्रामीण क्षेत्र तथा 16.61 करोड़ जनधन खाते शहरी क्षेत्रों में खोले गये। वहीं इन खातों में 2.03 लाख करोड़ रूपये जमा है तथा इन जनधन खाताधारकों को 33.95 करोड़ रूपये डेबिट कार्ड जारी किये गये।
इसके साथ-साथ अगर राज्यवार आकलन किया जाये तो सबसे ज्यादा जनधन खाते उत्तर प्रदेश (8.88 करोड़) में खुले तथा सबसे कम मात्र 10136 जनधन खाते लक्षद्वीप में खोले गये। वहीं राशि के मामले में भी उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 41.7 हजार करोड़ रूपये तथा लक्षद्वीप से सबसे कम 17.33 करोड़ रूपये जमा किये गये।
इस प्रकार पीएम जनधन योजना का प्रारंभ (31 जनवरी 2015) से अभी (9 अगस्त 2023) तक का आकलन करें तो जनधन खातों में लगभग चार गुणा वृद्धि हुई, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में 4.45 गुणा व शहरी क्षेत्र में 3.32 गुणा वृद्धि दर्ज की गई।












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