Intercontinental Cup: जानें भारत में आयोजित फुटबॉल के इंटरकॉन्टिनेंटल कप के बारे में
Intercontinental Cup: इंटरकॉन्टिनेंटल कप को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) आयोजित करता है। इस टूर्नामेंट में भारत के अलावा तीन अन्य देशों की टीमें भी खेलती हैं। यानी हरबार सिर्फ चार टीमें हिस्सा लेती हैं। यह टूर्नामेंट साल में एकबार आयोजित होता है लेकिन 2020 से 2022 तक यह कोरोना महामारी के कारण नहीं हुआ। 2023 हीरो इंटरकॉन्टिनेंटल फुटबॉल कप 9 से 18 जून तक भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित हो रहा है। इसी कप के एक मैच में भारत के सुनील छेत्री ने वनुआटू के खिलाफ एक गोल कर भारत को जीत दिलाई थी।
कब हुई कप की शुरुआत
हीरो इंटरकॉन्टिनेंटल कप की शुरुआत 2018 में हुई थी। 2018 में पहले इसे नेहरू कप के नाम से जाना जाता था, जिसकी शुरुआत 1982 में हुई थी। अब इसे हीरो इंटरकॉन्टिनेंटल कप के नाम से रिलॉन्च किया गया है। इसका पहला सीजन मुंबई के मुंबई फुटबॉल एरिना में खेला गया था। इस पहले कप को भारत ने केन्या को हराकर जीता था। जब इस टूर्नामेंट की शुरुआत हुई तब भारत के तत्कालीन फुटबॉल कोच स्टीफन कॉन्सटेंटाइन थे। उन्होंने बताया कि इस टूर्नामेंट को शुरू करने के पीछे मुख्य मकसद भारत को कैरेबियाई, अफ्रीकी और एशियाई देशों से मुकाबले हेतु मजबूत टीम बनाना है।

क्या था नेहरू कप?
नेहरू कप का आयोजन भी अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) द्वारा होता था और वह एक अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल टूर्नामेंट था। इसे 1982 में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर शुरू किया गया था। इसे हर दो साल में एक बार आयोजित किया जाता था। इस टूर्नामेंट के पहले सीजन का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था। तब उरुग्वे 2-0 से चीन को हराकर चैंपियन बना था।
दुर्भाग्य से यह टूर्नामेंट 1998 से 2006 तक स्पॉन्सरशिप की कमी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी से वजह से आयोजित नहीं किया गया। हालांकि 2007 में नेहरू कप को फिर से शुरू किया गया लेकिन साल 2012 में फिर से बंद हो गया। आखिरी में जरुरी बदलाव कर साल 2018 में इसका नाम बदलकर इंटरकॉन्टिनेंटल कप रखा गया।
कौन-कौन सी टीमें खेलती हैं इंटरकॉन्टिनेंटल कप?
इंटरकांटिनेंटल कप के हर सीजन में चार टीमें खेलती है। टूर्नामेंट हर साल आयोजित किया जाता है। इन चार टीमों में से भारत तो हर सीजन में खेलता ही है और बाकी तीन टीमें हर सीजन में बदलती रहती हैं। साल 2023 में इंटरकॉन्टिनेंटल कप में भी चार टीमें खेल रही हैं और उन टीमों में भारत सहित लेबनान, मंगोलिया और वनुआटू शामिल हैं। साल 2018 में मुंबई में इंटरकॉन्टिनेंटल कप हुआ और उसमें भारत, चाइनीज ताइपे, न्यूजीलैंड और केन्या ने हिस्सा लिया था। इसी तरह 2019 में अहमदाबाद में हीरो इंटरकॉन्टिनेंटल कप आयोजित हुआ था। उसमें भारत, सीरिया, तजाकिस्तान और उत्तर कोरिया ने हिस्सा लिया था।
इंटरकॉन्टिनेंटल कप में प्रदर्शन
अब बात करते हैं भारत के प्रदर्शन की। भारत ने 2018 में इंटरकॉन्टिनेंटल कप के पहले सीजन में केन्या को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। अगले साल 2019 इंटरकॉन्टिनेंटल कप में भारत आखिरी यानी चौथे स्थान पर रहा। सुनील छेत्री ने इंटरकॉन्टिनेंटल कप में कुल सबसे ज्यादा 11 गोल किए हैं। हालांकि किसी भी भारतीय खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होना लाजमी भी है क्योंकि भारत इंटरकॉन्टिनेंटल कप के हर सीजन में परमानेंट रहता है।
इंटरकॉन्टिनेंटल कप के 2019 सीजन में उत्तर कोरिया पहली बार इस टूर्नामेंट का हिस्सा बना और अपने पहले टूर्नामेंट में ही स्वर्ण पदक जीत बाजी मार ली। तब उत्तर कोरिया ने ताजिकिस्तान को हराया था। अगर एक सीजन में गोल की बात करें तो भारत के सुनील छेत्री के अलावा उत्तर कोरिया के जोंग इल-ग्वानरी और ह्योंग-जिन तीन-तीन गोल कर टॉप पर रहे हैं।












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