तो कश्मीर और झारखंड के चुनावों में हवाला की रकम!
बेंगलुरु। कश्मीर और झारखंड अगले कुछ दिनों में यहां पर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावी रैलियों का आगाज हो चुका है और वोटर्स को रिझाने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। आप इस पर यकीन नहीं करेंगे लेकिन हो सकता है कि इन चुनावों के दौरान पार्टियां हवाला की उसी रकम का प्रयोग करें जिसे देश में गैरकानूनी करार दिया गया है।पढ़िए वनइंडिया की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और जानिए कि आखिर हवाला ने देश की राजनीति को अपने कब्जे में कर रखा है।

सिक्योरिटी एजेंसियों की नजर
लोकसभा चुनावों के दौरान बीजेपी और कांग्रेस ने एक दूसरे पर आरोप लगाया कि यह पार्टियां रैलियों में भीड़ बुलाने और दूसरे कामों में बड़ी रकम खर्च कर रही हैं। दोनों ही पार्टियों ने इससे इंकार कर दिया लेकिन कहीं न कहीं यह बात सच है कि जैसे ही चुनाव आसपास आते हैं, पार्टियां जमकर पैसा खर्च करती हैं। चुनाव आयोग की ओर से सख्ती बरतने के बावजूद इस पर लगाम नहीं लग पा रही है। सिक्योरिटी एजेंसियां भी इस पर कड़ी नजर रखती हैं।
वह इस बात की निगरानी करती हैं, कि कहीं यह पैसा हवाला के जरिए तो , नहीं आ रहा है। तो साफ है कि देश की राजनीति में भी हवाला का पैसा लगा हुआ है और ऐसा पैसा जो पाकिस्तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई की ओर से भारत में भेजा जा रहा है।
जांच में सामने आई है बात
पिछले दो दशकों के दौरान जो जांच हुई है उसमें यह बात सामने आई है कि भारत में हवाला के जरिए चुनावों के दौरान बड़ी रकम भेजी जाती है। इसमें भी सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात है कि चुनावों के दौरान होने वाले हवाला ट्रांजैक्शन पर आईएसआई का सीधा नियंत्रण होता है।
हवाला की रकम से राजनेताओं को मदद करने के बाद आईएसआई इसी आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर देती है। आईएसआई उन पर दबाव डालती है कि वह इस बारे में किसी से भी जिक्र नहीं करेंगे। इसका नतीजा होता है कि यह पूरा धंधा बिना रोक-टोक के चलता रहता है।
राज्य और इनके नेता
- भारतीय एजेंसियों के अनुमान के मुताबिक आईएसआई ने हवाला के लिए कुछ खास राज्यों के राजनेताओं की एक लिस्ट तैयार की है।
- इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश, जम्मू, कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र और बिहार से आने वाले राजनेता शामिल हैं।
- हवाला के जरिए जाने वाली रकम को खास तौर चुनावों के दौरान इन राज्यों में भेजा जाता है।
- इससे पहले उसे देश के दूसरे में पहले ही वितरित कर दिया जाता है।
- राजनेता जिस रकम को गलत कामों के जरिए कमाते हैं, उसे देश के बाहर जमा करते हैं।
- चुनावों के दौरान वह इसी पैसे को हवाला के जरिए प्रयोग करते हैं।
- चुनावों के छह माह पहले इस रकम को भारत भेजना शुरू कर दिया जाता है।
- जैसे ही चुनाव प्रचार की शुरुआत होती है, इस रकम को प्रयोग तेजी से होने लगता है।
- जब राजनेता की रकम हवाला में लगती है तो एजेंट्स का रोल और बड़ा हो जाता है।
- पूर्व में इस बात के सुबूत भी मिले हैं कि इस तरह के हवाला ऑपरेटर्स दुबई से अपने काम को अंजाम देते हैं।
- दुबई के बाजार पर सीधे तौर पर आईएसआई का नियंत्रण होता है।
- आईएसआई दुबई के जरिए आतंकवाद और ड्रग्स के लिए रकम को भेजने के लिए प्रयोग करता आया है।












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