Cruelty to Animals: अबू धाबी में कौन मार रहा है बिल्लियों को? जानें कौन से देश हैं जानवरों के लिए सबसे क्रूर?
Cruelty to Animals: इन दिनों संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी से एक बहुत ही ज्यादा हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। न जाने कौन वहां के रेगिस्तानों में बिल्लियों को मरने के लिए छोड़ कर जा रहा है। अभी तक अबू धाबी के अल फलाह क्षेत्र के रेगिस्तान में 100 से अधिक बिल्लियाँ और बिल्ली के बच्चे मिले, जिनमें से कई मर चुके थे। इस घटना से परेशान पेटा एशिया ने इन बिल्लियों को मरने के लिए रेगिस्तान में फेंकने वालों का पता लगाने के लिए $5,000 डॉलर का इनाम देने की पेशकश की है। अरब ही नहीं कई ऐसे देश हैं जहां जानवरों के साथ बहुत क्रूरता होती है।

चीन
चीन में पशु क्रूरता सबसे अधिक है। चीन में जानवरों के साथ क्रूरता लंबे समय से चली आ रही है। चीन में पशुओं और कुछ जंगली प्रजातियों को संरक्षित करने के लिए कानून हैं, लेकिन पशु क्रूरता या पालतू जानवरों और आवारा बिल्लियों और कुत्तों के लिए सुरक्षा पर कोई सामान्य कानून नहीं है। एनिमल्स एशिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में 100 से अधिक पंजीकृत 'कुत्ते के मांस फार्म' है। एनिमल्स एशिया का अनुमान है कि अकेले चीन में हर साल 10 मिलियन कुत्तों और 4 मिलियन बिल्लियों को उनके मांस के लिए मार दिया जाता है।
ईरान
ईरान में फिलहाल जानवरों को क्रूरता से बचाने वाला कोई कानून नहीं है। इससे साफ पता चलता है कि ईरान की सरकार पशु क्रूरता के विरोध में नहीं है और वहां पर पशु क्रूरता को अपराध के रूप में मान्यता नहीं दी गई है। वॉयसलेस एनिमल क्रुएल्टी इंडेक्स ने ईरान को पशुओं की रक्षा करने के मामले में "एफ" ग्रेड के साथ बहुत खराब प्रदर्शन करने वाला देश बताया है। ईरान में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष लगभग 23 ज़मीनी जानवरों को मारा जाता है।
म्यांमार
पशुओं की सुरक्षा, संरक्षण और कल्याण के मामले में म्यांमार का बहुत ही बेकार प्रदर्शन है। म्यांमार में हर साल प्रति व्यक्ति लगभग 20 ज़मीनी जानवरों का मार दिया जाता है, जो वैश्विक औसत से अधिक है। एनिमल वेलफेयर इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, म्यांमार में हाथियों की खाल का काला बाज़ार चल रहा है, जिससे हाथियों की आबादी कम होती जा रही है। इसके अलावा, म्यांमार में सरकार के नेतृत्व में आवारा कुत्तों को क्रूर तरीके से मारे जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
ब्राजील
ब्राज़ील दुनिया भर के उन मुट्ठी भर देशों में से एक है जहाँ पशु संरक्षण इसके संविधान में ही है। लेकिन फिर भी ब्राज़ील में हर साल लगभग 12 मिलियन जंगली जानवरों का अवैध व्यापार किया जाता है। ब्राज़ील में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष लगभग 30.8 ज़मीनी जानवरों का खात्मा कर दिया जाता है, जबकि वैश्विक औसत 10.1 है। ब्राज़ील में दुर्व्यवहार से सबसे अधिक प्रभावित जानवर कुत्ते हैं, इसके बाद बिल्ली, घोड़े, पक्षी और अन्य जानवर हैं।
बेलारूस
बेलारूस में पशु क्रूरता पर कोई रोक-टोक नहीं है। बेलारूस का कानून जानवरों की भावना को मान्यता नहीं देता है, और वहां पर जानवरों पर क्रूरता के खिलाफ कोई भी कानून नहीं है। वॉयसलेस एनिमल क्रुएल्टी इंडेक्स के तहत बेलारूस का प्रदर्शन अत्यधिक खराब रहा है। हाल के वर्षों में बेलारूस में पशु क्रूरता के कई मामले सामने आए हैं। इसके अलावा, बेलारूस सरकार आवारा जानवरों को मारने का अधिकार देती है। बेलारूस के कई शहरों में बेसमेंट में आवारा बिल्लियों को फंसाने और उन्हें मरने के लिए छोड़ने का भी आरोप है।
वियतनाम
वियतनाम में पशु क्रूरता, हिंसा और दुर्व्यवहार बहुत ही ज्यादा प्रचलित हैं। वियतनाम वॉयसलेस एनिमल क्रुएल्टी इंडेक्स में "डी" ग्रेड और एनिमल्स राइट इंडेक्स में "एफ" ग्रेड के साथ इस मामले में बहुत खराब प्रदर्शन कर रहा है। वियतनाम के कुछ पशु अधिकार समूहों की एक हालिया जांच में पाया गया कि वियतनाम अवैध जंगली जानवरों के व्यापार और कुत्ते के मांस की बिक्री और खपत पर रोक लगाने में हिचक रहा है। वियतनाम के हनोई जैसे प्रमुख शहरों में कुत्ते का मांस उद्योग अभी भी बहुत बड़ा है, जहां कुत्तों को छोटे पिंजरों में बंद कर दिया जाता है और फिर कुछ समय बाद उन्हें मार दिया जाता है।
मिस्त्र
मिस्र में पशु क्रूरता, हिंसा और दुर्व्यवहार की गंभीर समस्या है। मिस्र की दंड संहिता की धारा 45 के तहत पशु क्रूरता को प्रतिबंधित करने वाले कानून हैं, पर इसके बावजूद इन कानूनों को सख्ती से लागू नहीं किया जाता है। गीज़ा के पिरामिडों जैसे प्रमुख पर्यटक स्थल पर भी घोड़ों, ऊँटों और गधों जैसे काम करने वाले जानवरों के साथ बड़े पैमाने पर क्रूरता की जाती है। विश्व पशु संरक्षण के एनिमल प्रोटेक्शन इंडेक्स में पशु संरक्षण नीतियों और कानून के लिए मिस्र को "ई" ग्रेड दी गई है।
इंडोनेशिया
इंडोनेशिया में अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से पशु सुरक्षा नियम बहुत ही बेकार हैं। इंडोनेशिया में कुत्ते के मांस का व्यापार बताता है कि इस देश में गंभीर पशु क्रूरता होती है। इंडोनेशिया में हर साल कुत्ते के मांस के व्यापार के लिए लाखों कुत्तों को बेरहमी से पकड़ कर मार दिया जाता है। इंडोनेशियाई के उत्तरी सुलावेसी के बाजारों में रेबीज-पॉजिटिव कुत्तों को बेचने और मारने के लिए ले जाया जाता है, जहां मुर्गियों, बत्तखों और वन्यजीव प्रजातियों के साथ-साथ कुत्तों और बिल्लियों को भी बेचा और काटा जाता है।
चिली
चिली में पशु क्रूरता एक महत्वपूर्ण और गंभीर मुद्दा है। वॉयसलेस एनिमल क्रुएल्टी इंडेक्स में चिली की रैंकिंग बहुत ही ज्यादा खराब है। हालाँकि, चिली में जानवरों को क्रूरता और दुर्व्यवहार से बचाने के लिए कानून मौजूद हैं। दंड संहिता का अनुच्छेद 291 में जानवरों के साथ दुर्व्यवहार और क्रूरता पर रोक लगाने का प्रावधान है। फिर भी जनवरी 2019 और जून 2021 के बीच, चिली में जानवरों के साथ क्रूरता के 4,700 मामले दर्ज किए गए थे। कानून होने के बावजूद, चिली में जानवरों को क्रूरता से बचाने के लिए अभी भी अधिक जागरूकता और कार्रवाई की आवश्यकता है।
तुर्किये
तुर्किये में पशु क्रूरता एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, कई मामलों की रिपोर्ट ही नहीं की जाती है। तुर्किये में आवारा कुत्तों के साथ क्रूरता आम बात है। वॉयसलेस एनिमल क्रुएल्टी इंडेक्स की रिपोर्ट के अनुसार तुर्किये प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति लगभग 15.4 ज़मीनी जानवरों का खात्मा करता है, जबकि वैश्विक औसत 10.1 है। स्पष्ट है कि तुर्किये में पशु संरक्षण नियम बेअसर है। बीते दिनों ही, तुर्किये में सरकारी अधिकारियों द्वारा मारे गए और सार्वजनिक लैंडफिल में फेंके गए आवारा कुत्तों के शवों को दिखाने वाली ग्राफिक तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए।












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