Ambedkar Jayanti: जानिए बाबा साहेब के अनमोल विचारों को

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नई दिल्ली। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर उस व्यक्ति का नाम है, जिन्होंने भारतीयों को एक नई पहचान दी और देश के दलितों को ज्ञान की रोशनी दिखाई, संविधान निर्माता और आधुनिक सोच के मालिक अंबेडकर साहब ने ही देश में पहली बार आरक्षण की नींव रखी थी। 14 अप्रैल को अंबेडकर जंयती है। कहते हैं उनके विचारों में वो चुंबकीय आकर्षण था, जिसके चलते एक अंधे को भी ज्ञान की रोशनी मिल गई इसलिए आज हम डालते हैं उनके विचारों पर एक नजर।

पति-पत्नी के बीच का संबंध घनिष्ठ मित्रों के समान होना चाहिए

पति-पत्नी के बीच का संबंध घनिष्ठ मित्रों के समान होना चाहिए

  • मनुष्य नश्वर है, उसी तरह विचार भी नश्वर हैं। एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की, नहीं तो दोनों मुरझाकर मर जाते हैं।
  • पति-पत्नी के बीच का संबंध घनिष्ठ मित्रों के समान होना चाहिए।
शास्त्रों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए

शास्त्रों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए

  • एक संयुक्त एकीकृत आधुनिक भारत चाहते हैं तो सभी धर्मों के शास्त्रों की संप्रभुता का अंत होना चाहिए।
  • कानून और व्यवस्था राजनीतिक शरीर की दवा है और जब राजनीतिक शरीर बीमार पड़े तो दवा जरूर दी जानी चाहिए।
जीवन लंबा होने की बजाए....

जीवन लंबा होने की बजाए....

  • जीवन लंबा होने की बजाए महान होना चाहिए।
  • मैं ऐसे धर्म को मानता हूं, जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाए।
बुद्धि का विकास ....

बुद्धि का विकास ....

  • इतिहास बताता है कि जहां नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष होता है, वहां जीत हमेशा अर्थशास्त्र की होती है।
  • बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।

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English summary
Bhimrao Ramji Ambedkar (14 April 1891 – 6 December 1956), popularly known as Babasaheb, was an Indian jurist, economist, politician and social reformer who inspired the Dalit Buddhist Movement.

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