Bengal Election Result 2026: बंगाल में स्ट्रॉन्ग रूम विवाद के बाद EC का एक्शन, 6 अधिकारी सस्पेंड
Bengal Election Result 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले ईवीएम (EVM) की सुरक्षा को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। स्ट्रॉन्ग रूम को अनधिकृत तरीके से खोलने के मामले में निर्वाचन आयोग (EC) ने कड़ा रुख अपनाते हुए 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें बिधाननगर के डिप्टी मजिस्ट्रेट गौतम मंडल भी शामिल हैं।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बिधाननगर और डायमंड हार्बर क्षेत्र में बीजेपी नेताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा में चूक पकड़ी। बीजेपी नेता डॉ. शरदवत मुखोपाध्याय ने PTI से बातचीत के दौरान गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, 'हमें स्ट्रॉन्ग रूम खोलने का जो समय दिया गया था, हम उस वक्त वहां पहुंच गए थे। लेकिन हमारे पहुंचने से पहले ही स्ट्रॉन्ग रूम खुला हुआ था। जांच करने पर पता चला कि इसे एक-दो बार नहीं, बल्कि कम से कम 10 बार खोला गया था।'

'डिप्टी मजिस्ट्रेट ने मांगी माफी'
मुखोपाध्याय ने आगे कहा कि जब अधिकारियों से पूछा गया कि किसके आदेश पर और क्यों इसे खोला गया, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। डिप्टी मजिस्ट्रेट गौतम मंडल ने अपनी गलती स्वीकार की और माफी भी मांगी, लेकिन नियमों के उल्लंघन के कारण आयोग ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है।
Bengal Election: बंगाल में कहां-कहां हो रहा पुनर्मतदान?
इस विवाद के बीच राज्य के कई हिस्सों में चुनावी माहौल अब भी तनावपूर्ण है। दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर में पुनर्मतदान के दौरान भारी भीड़ देखी गई। हरिदेवपुर प्राथमिक विद्यालय के बूथ संख्या 194 पर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं।
विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने पुनर्मतदान का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने मांग की है कि डायमंड हार्बर और फाल्टा क्षेत्र के अन्य संदिग्ध बूथों पर भी दोबारा वोटिंग होनी चाहिए। फिलहाल 15 मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच पुनर्मतदान संपन्न कराया जा रहा है।
TMC की मांग और कानूनी लड़ाई
दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। टीएमसी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल से मुलाकात कर स्ट्रॉन्ग रूम की 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची लड़ाई
यही नहीं, यह लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। टीएमसी ने मतगणना में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तैनाती के फैसले को चुनौती दी है। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग के इस फैसले को सही ठहराते हुए टीएमसी की याचिका खारिज कर दी थी।
4 मई को आएंगे नतीजे
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। अब सबकी नजरें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। बीजेपी का दावा है कि ममता बनर्जी का राजनीतिक करियर इस बार खत्म हो जाएगा, वहीं टीएमसी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है।















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