अगर काम को बनाया 'महबूबा' तो समझिये फैमिली का बेड़ा-गर्क
न्यूयार्क। आजकल अगर इंसान काम ना करें तो उसके घर का चूल्हा नहीं जल सकता है लेकिन लोग पैसे कमाने के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं जिसके चलते इंसान 20 घंटे से ज्यादा काम कर रहे हैं जिसके कारण लोग उन्हीं से दूर हो जा रहे हैं जिनके लिए वो पैसे कमा रहे हैं।
जी हां, आपने सही समझा हम बात कर रहे हैं परिवार की, जिनके लिए हफ्ते में पांच दिन बीस-बाइस घंटे काम करने वाले इंसान को वक्त ही मिलता है जिसकी वजह से लोगों के बीच में दूरियां आ रही हैं। काम करने वाले इंसान का आलम तो यह होता है कि उसके लिए उसका काम ही महबूबा बना जाती है जिसके बिना उसे एक पल भी अच्छा नहीं लगता है और इस कारण इंसान को अपना वीकेंड भी अच्छा नहीं लगता और वो परिवार के साथ रहकर भी खुश नहीं होता है।
यह बात अमेरिका के नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च (एनबीईआर) में किए गए अध्ययन में सामने आयी है जो कि ठीक नहीं है। अध्ययन में बोला गया है कि ऐसा अक्सर उन लोगों के साथ होता है जिन्हें ऑफिस में काफी हेल्दी माहौल, इज्जत और साथी मिलते हैं।
मालूम हो कि इस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए शोधकर्ताओं ने गैलप/हेल्थवेज के चार साल के सर्वेक्षणों का अध्ययन किया गया, इस सर्वेक्षण में 17.7 करोड़ लोगों की प्रतिक्रिया देखी गई कि कैसे पूरे सप्ताह और पार्ट टाइम काम करने वालों की भावनाओं में बदलाव होता है। जिसके बाद यह बात सामने आयी कि ज्यादा काम करने वाले इंसान को परिवार की उपेक्षा सहनी पड़ती है।













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